Agriculture Live Blogदेश के कई क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. मार्च में ही अप्रैल-मई जैसी तेज गर्मी से परेशान लोगों को रविवार को हुई हल्की बारिश ने काफी राहत दी. India Meteorological Department (आईएमडी) के अनुसार आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश, बिजली चमकने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा में बने विभिन्न साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह मौसम प्रणाली बन रही है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जाएगा. इसी वजह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है.
भारत में खेती को बेहतर बनाने के लिए सरकार की एक संसदीय समिति ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. इस समिति का नाम कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण पर स्थायी समिति (Standing Committee on Agriculture, Animal Husbandry and Food Processing) है. समिति ने कहा है कि किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर (EV Tractor) खरीदने पर सब्सिडी दी जानी चाहिए और छोटे व सीमांत किसानों के बच्चों की पढ़ाई में भी सरकार को मदद करनी चाहिए. समिति का मानना है कि इन कदमों से खेती मजबूत होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
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टिहरी ज़िले का सीमावर्ती गाँव, गांगी, एक बार फिर ताज़ी बर्फ़ की चादर से ढक गया है-जिससे पूरे क्षेत्र में ठंड और भी बढ़ गई है. जहाँ मार्च के महीने में हुई इस बर्फ़बारी ने स्थानीय लोगों के लिए सर्दियों का एहसास वापस ला दिया है, वहीं इसने सेब किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान बिखेर दी है. बर्फ़ की दूधिया सफ़ेद चादर से ढका गांगी गाँव अब पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरा है, और इस क्षेत्र में आने वाले सैलानियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने लगी है.
द्रास में ताजा बर्फबारी के बाद का नजारा. पूरे क्षेत्र में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई. जिसका असर मैदानी इलाकों में भी दिख रहा है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने कहा है कि 17 मार्च को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) आने से 18 से 20 मार्च के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे मैदानी इलाकों में बारिश या गरज-चमक, बिजली कड़कने, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना है. बड़े पैमाने पर गरज-चमक वाली गतिविधियों के कारण, अगले एक हफ्ते तक दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है. अगले एक हफ्ते तक लू (Heat Wave) चलने की कोई खास संभावना नहीं है.
पश्चिमी विक्षोभ, जो ऊपरी हवा में एक चक्रवाती सर्कुलेशन के रूप में है, उत्तरी पंजाब और उसके आस-पास के इलाकों में बना हुआ है. एक और ऊपरी हवा का चक्रवाती सर्कुलेशन हरियाणा और उसके आस-पास के इलाकों में, और दूसरा उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में बना हुआ है. एक और ऊपरी हवा का चक्रवाती सर्कुलेशन उत्तर-पूर्वी असम और उससे सटे अरुणाचल प्रदेश में बना हुआ है.
इन दिनों पूरे देश में मौसम बदलता हुआ नजर आ रहा है. तेज गर्मी से लोगों को थोड़ी राहत मिली है. कई जगह हल्की बारिश और ठंडी हवा चलने से मौसम अच्छा लग रहा है. मौसम विभाग के अनुसार आज रात से मौसम फिर बदल सकता है. इसका असर पहाड़ों से लेकर मैदानों तक कई राज्यों में देखने को मिल सकता है. उत्तर में कश्मीर से लेकर पूर्व में बिहार तक कई जगहों पर बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा. इसकी वजह से कई राज्यों के मौसम में बदलाव आएगा. पश्चिमी हिमालय के इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हो सकती है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 16 से 20 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. कुछ जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं मैदानों में भी आंधी और बारिश देखने को मिल सकती है.
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