Agriculture Live Blogभारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 जुलाई के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है. सबसे ज्यादा असर पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम और उत्तराखंड जैसे राज्यों में देखने को मिल सकता है. मेघालय, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के मैदानी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां थोड़ी कमजोर रहने का अनुमान है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब कई इलाकों में दिखने लगा है. देहरादून में शनिवार देर शाम हुई मूसलाधार बारिश के बाद विजय कॉलोनी की खाला बस्ती में सुरक्षा दीवार ढहने से 2–3 मकान क्षतिग्रस्त हो गए और एक महिला घायल हो गई, जबकि एहतियातन सात परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया. सूचना मिलते ही प्रशासन, राहत एजेंसियां, जिलाधिकारी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मौके पर पहुंचे. राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया. वहीं, उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में खीर गंगा का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट पर है. लोगों को नदी-नालों के किनारे न जाने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
बगहा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. करीब 50 साल तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद जब पहाड़ी नदी पर पुल नहीं बन सका, तो पूरे गांव ने खुद कमान संभाल ली. रामनगर प्रखंड के सोनखर पंचायत स्थित शिवपुर कॉलोनी के लोगों ने चंदा जुटाया, दिन-रात श्रमदान किया और करीब ढाई लाख रुपये की लागत से 60 फीट लंबा लोहे का पुल बना दिया. यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि ग्रामीणों की एकजुटता, जिद और आत्मनिर्भरता की मिसाल है. साथ ही यह उस व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है, जो आधी सदी में लोगों को एक पुल तक नहीं दे सकी. आज इस अनोखी पहल की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है...
नई दिल्ली के पूसा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर देशभर के वृक्ष मित्रों के साथ संवाद किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बननी चाहिए. उन्होंने परिवार और समाज के हर शुभ अवसर पर पौधारोपण करने की अपील की, ताकि वृक्ष मित्र आंदोलन एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सके. शिवराज सिंह चौहान ने हर व्यक्ति से हर साल कम से कम एक पेड़ लगाने और पांच नए लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया. उन्होंने बताया कि ‘वृक्ष मित्र परिवार’ का राष्ट्रीय स्तर पर ढांचा तैयार किया जाएगा, जिसमें गांव से लेकर देश स्तर तक लोगों को जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि हरियाली अमावस्या पर देशभर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा और इसे पेड़ पर्व के रूप में मनाने की कोशिश होगी. पंचायतों और नगर निकायों में पौधारोपण के लिए स्थान तय किए जाएंगे, साथ ही लगाए गए पेड़ों की देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी. केंद्रीय मंत्री ने जल संरक्षण, मिट्टी बचाने और संतुलित खेती पर भी जोर दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन लाइफ, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवन जैसे प्रयासों को अपनाने की अपील की. पर्यावरणविद अनिल जोशी और डॉ. अनूप हजेला ने भी जलवायु परिवर्तन के खतरे को देखते हुए लोगों से पेड़ लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल करने का संदेश दिया.
पुणे के मोशी में वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट में हुए दर्दनाक हादसे का रेस्क्यू ऑपरेशन 83 घंटे बाद समाप्त हो गया. रविवार तड़के मलबे के नीचे दबे आखिरी लापता कर्मचारी वामन कसबे का शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई. यह हादसा 8 जुलाई को उस समय हुआ था, जब कचरे का विशाल ढेर प्रशासनिक इमारत पर गिर गया. उस समय इमारत में 23 कर्मचारी मौजूद थे. इनमें 5 लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, 9 लोगों को जिंदा बचा लिया गया, जबकि 9 कर्मचारियों की मौत हो गई. चार दिनों तक सेना, एनडीआरएफ, दमकल, पुलिस और नगर निगम की टीमों ने लगातार राहत अभियान चलाया. हादसे के बाद कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और बच्चों की पढ़ाई का खर्च देने की घोषणा की है. वहीं, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साल 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित किया था. अब इस साल का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन किसानों का कहना है कि उन्हें इसका लाभ नहीं मिला. किसानों का आरोप है कि उन्हें फसलों का उचित दाम नहीं मिला, समय पर बीज उपलब्ध नहीं कराए गए, खाद की कमी बनी रही और बिजली बिलों से भी राहत नहीं मिली. उनका कहना है कि खाद की मांग करने पर लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और फसल के उचित दाम की मांग करने पर उनकी बात नहीं सुनी गई. कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान कई किसानों ने आत्महत्या तक कर ली. अब मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित करने की घोषणा की है. विपक्ष का कहना है कि जिस राज्य में लाखों शिक्षित युवा बेरोजगार हैं, वर्षों से सरकारी भर्तियां अटकी हुई हैं और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं, वहां केवल घोषणाओं से युवाओं की समस्याएं दूर नहीं होंगी. विपक्ष ने सवाल उठाया कि जनता अब वादों के बजाय जमीनी काम और किए गए वादों को पूरा होते देखना चाहती है.
चीन के पूर्वी हिस्से में टाइफून बावी ने भारी तबाही मचाई है. तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के बीच प्रशासन ने करीब 20 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. यह इस साल का नौवां तूफान है, जिसने शनिवार रात करीब 11:20 बजे झेजियांग प्रांत के युहुआन शहर के पास दस्तक दी. तूफान के दौरान हवा की रफ्तार करीब 40 मीटर प्रति सेकंड दर्ज की गई. चीन के मौसम विभाग ने भारी बारिश के खतरे को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है. झेजियांग, फुजियान, जियांग्शी, आन्हुई के साथ बीजिंग और हेबेई के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. कई उड़ानें और फेरी सेवाएं रद्द कर दी गई हैं. झेजियांग में स्कूल और कार्यस्थल बंद कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. शंघाई के 50 से अधिक पर्यटन स्थलों को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है.
महाराष्ट्र के जालना जिले में महाबीज कंपनी के सोयाबीन बीजों के अंकुरित नहीं होने का मामला सामने आया है. जालना तहसील के रेवगांव गांव में कृषि विभाग की ओर से महिला बचत समूहों को मुफ्त में वितरित किए गए इन बीजों की करीब 10 हेक्टेयर जमीन पर बुवाई की गई थी. 15 किसानों का आरोप है कि बुवाई के एक सप्ताह बाद भी बीज नहीं उगे, जिससे उन्हें दोबारा बुवाई का संकट झेलना पड़ रहा है. किसानों के अनुसार जुताई, बुवाई, खाद और दवाइयों समेत करीब 1.05 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, जो अब नुकसान में बदल गया है. किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से शिकायत कर पंचनामा, दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है. कृषि विभाग को अब तक करीब 40 शिकायतें मिली हैं. विभाग ने खेतों का निरीक्षण कर बीजों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है. पहाड़ों पर भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं, जिससे कई सड़कें बंद हो रही हैं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. इसी बीच देहरादून-मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात भारी भूस्खलन हो गया. पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण सड़क पूरी तरह बंद हो गई, जिससे पर्यटक और स्थानीय लोग घंटों तक फंसे रहे. मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया. लगातार बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है.
अमरावती संभाग में सोयाबीन बीजों के अंकुरित नहीं होने की समस्या को लेकर आज तक और किसान तक की खबर का बड़ा असर हुआ है. खरीफ सीजन में अकोला, अमरावती, वाशिम, बुलढाणा और यवतमाल जिलों के हजारों किसान खराब बीजों की वजह से परेशान थे. कई किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ी, जिससे उनका खर्च बढ़ गया और आर्थिक नुकसान हुआ. किसानों की शिकायतों के बाद आज तक/किसान तक के संवाददाता धनंजय साबले ने ग्राउंड जीरो पर जाकर किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाया. रिपोर्ट सामने आने के बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई शुरू की. विभाग ने कुछ कंपनियों के सोयाबीन बीजों की बिक्री पर रोक लगा दी है. किसानों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से उन्हें राहत मिलेगी और दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
92 वर्षीय रिटायर्ड कैप्टन चुन्नीलाल, जिन्होंने 1962, 1965 और 1971 के युद्धों में देश की रक्षा की थी, अब अपनी ही जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा निवासी कैप्टन चुन्नीलाल की जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र में स्थित 25 बीघा नहरी जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेच दिया गया. यह जमीन उन्हें पोंग डैम विस्थापन के बाद सरकार की ओर से आवंटित की गई थी. कैप्टन को इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब मिली, जब उनके काश्तकार ने उन्हें जमीन बिकने की सूचना दी. उन्होंने आरोप लगाया कि पहचान पत्रों में हेरफेर कर किसी अन्य व्यक्ति को उनके नाम से पेश कर रजिस्ट्री करवाई गई. पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. कैप्टन और उनके परिवार ने जमीनों की सुरक्षा और रजिस्ट्री प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश में 'मां के नाम एक पेड़' अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है. इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश सरकार, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और आम जनता पूरे उत्साह के साथ अभियान में भाग ले रहे हैं. उपमुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सभी अपनी मां के नाम एक पौधा अवश्य लगाएं, ताकि उत्तर प्रदेश को हराभरा बनाया जा सके और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके.
उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है. लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है. कई इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और निचले क्षेत्रों में पानी भरने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 12 जुलाई को अगले 10 घंटों के दौरान 15 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. मौसम विभाग ने बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम और त्रिपुरा के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
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