Agriculture Live Blogआईएमडी के मुताबिक, 9 अप्रैल को देश के कई हिस्सों में मौसम का असर जारी रहेगा. पूर्वोत्तर भारत में व्यापक स्तर पर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला बना रहेगा, जबकि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर दिखेगा. वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में 9 अप्रैल से बारिश की तीव्रता घटेगी और मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा. मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में 9 अप्रैल को आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री और न्यूनतम 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है. 8 अप्रैल की शाम को हल्की बारिश, गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. 10 और 11 अप्रैल को मौसम साफ रहेगा, लेकिन दिन में 20-30 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होकर 34-36 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है.
उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने भले ही गर्मी से राहत दी हो लेकिन गेहूं की फसल पर कहर बरपा दिया है. बुधवार देर शाम कई जगहों पर हुई ओलावृष्टि ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. मौसम के अचानक बदलाव ने खेतों में तैयार गेहूं की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. कई जगह फसल भीग गई और गेहूं के दाने का काला पड़ने का डर है. किसानों की मानें तो लगभग 40 फीसदी फसल खराब होने की आशंका है.
सतना जिले के बरौंधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बकोट गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां अपनी मेहनत की फसल को बचाने की जद्दोजहद में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग किसान की आग में झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना मंगलवार शाम की है, जब बरदर निवासी मुरलिया यादव अपने खेत में तैयार खड़ी अरहर की फसल के खलिहान की सफाई कर रहे थे. इसी दौरान अचानक अज्ञात कारणों से खेत में भीषण आग लग गई.
देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है, पुडुचेरी, केरलम और असम में सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो गई है. इस बीच सुबह 11 बजे तक केरलम में 32.78 फीसदी, असम में 38.92 फीसदी और पुडुचेरी में 37.06 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है.
मौसम विभाग द्वारा जिले में भयंकर बारिश होने के पूर्वानुमान के अनुसार आज लखीमपुर खीरी जिले में दोपहर बाद से हुई झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से खेतों में लगी हजारों एकड़ पकी हुई गेहूं की फसल गिरकर बर्बाद हो गई.
लखीमपुर के लाहौरीनगर गांव के रहने वाले किसान अजय कुमार ने बताया कि आज बारिश हुई और ओले भी खूब गिरे जिससे गेहूं की फसल खराब हो गई है.
सब खराब हो गई फसल हमारी अभी फसल काटने वाली थी अब भरपाई कैसे होगी सब भगवान भरोसे है.
मध्य प्रदेश में मंदसौर मंडी में गेहूं खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ने से किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं. समर्थन मूल्य पर गेहूं मिलने की उम्मीद में किसान अपने खेत की मेहनत से उगाई उपज लेकर आते हैं, लेकिन मंडी में खुले समय न मिलने और तत्काल नकदी की जरूरत के कारण उन्हें मजबूरी में कम दाम पर व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है. किसान मजदूरों, ट्रैक्टर चालकों और सोसाइटी के पैसे चुकाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं. मोहनलाल गुप्ता ने बताया कि समर्थन मूल्य 2640 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद उन्हें 2160 रुपये में बेचना पड़ा. बुजुर्ग किसान फूलचंद राठौर ने कहा कि घर में पोते की शादी और अन्य खर्चों के कारण पैसे की बहुत जरूरत थी. गोपाल गुर्जर ने भी बताया कि बार-बार तारीख बढ़ाने से किसान आर्थिक दबाव में आ रहे हैं. सरकार को चाहिए कि खरीदी समय पर शुरू हो, ताकि किसान को उचित लाभ मिल सके.
देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है, पुडुचेरी, केरलम और असम में सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हो गई है. इस बीच सुबह 9 बजे तक केरलम में 16.23 फीसदी, असम में 18 फीसदी और पुडुचेरी में 17 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है.
मध्यप्रदेश में कृषि के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ मौजूद हैं. यहाँ के किसान लगातार हर क्षेत्र में प्रगति कर रहे हैं, चाहे वह दलहन की खेती हो या तिलहन की. राज्य देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में भी शामिल है. किसानों की मेहनत और आधुनिक कृषि तकनीकों के कारण उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. इस वर्ष मध्यप्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद 9 अप्रैल से शुरू होगी. इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और कृषि क्षेत्र में और मजबूती आएगी. प्रदेश में खेती को व्यवस्थित और लाभकारी बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
बद्रीनाथ धाम में लगातार बर्फबारी के बाद अब मौसम में हल्की राहत देखने को मिली है. कल पूरे दिन हुई भारी बर्फबारी के चलते पूरा धाम सफेद चादर में लिपटा नजर आ रहा है. भगवान बद्री विशाल का मंदिर और आसपास का क्षेत्र बेहद खूबसूरत दिख रहा है. 23 अप्रैल को कपाट खुलने से पहले यात्रा की तैयारियां तेज हैं, लेकिन ठंड और मौसम चुनौती बने हुए हैं. चमोली जिले में भी शीतलहर का असर है. फिलहाल, जहां तक नजर जाती है, हर तरफ सिर्फ बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही है.

मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में 9 अप्रैल को आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री और न्यूनतम 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है. 8 अप्रैल की शाम को हल्की बारिश, गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. 10 और 11 अप्रैल को मौसम साफ रहेगा, लेकिन दिन में 20-30 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं. तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होकर 34-36 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देशभर में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. अप्रैल में सामान्य गर्मी के बजाय मौसम ठंडा बना हुआ है और मार्च के अंत से ही कई राज्यों में रुक-रुककर बारिश हो रही है. नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बारिश व बर्फबारी की संभावना है. वहीं राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार सहित कई राज्यों में तेज हवाएं, बारिश और बिजली गिरने का खतरा है. 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
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