Agriculture Live Blogपूरे देश में मौसम का मिजाज बदल गया है. आज मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और बारिश का अनुमान जताया है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के चलते, अगले 72 घंटों के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. दिल्ली-NCR में इस समय मौसम सुहावना बना हुआ है. दिन में धूप खिलने के बावजूद, हवा में मौजूद नमी गर्मी से राहत दिला रही है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 मार्च से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा, जिसके कारण आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ जाएगी. यहाँ अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 13 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा. 26 से 29 मार्च के बीच रुक-रुककर तेज हवाएँ चलेंगी, और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लिए भी मौसम की ऐसी ही स्थिति का पूर्वानुमान जताया गया है.
हिमाचल प्रदेश में मार्च के महीने में कुदरत के अजीब रंग देखने को मिल रहे हैं. कभी बर्फ, तो कभी जनवरी का एहसास करवा देने वाली सर्दी. ऐसे में हिमाचल प्रदेश के चंबा के भरमौर से एक खौफनाक वीडियो सामने आया है. भरमौर के बेलीज सड़क मार्ग पर पहाड़ों से खुले मौसम में भी अचानक लैंडस्लाइड से पत्थरों की बरसात शुरू हो गई. और ऐन वक्त पर वहां से एक कार गुजर रही थी. ऐसे में सामने पहाड़ से लोगों ने कार में सवार लोगों को चिल्ला चिल्ला कर आगाह किया और उनकी जान बच सकी. इस घटना का यह खौफनाक वीडियो सामने आया है. हिमाचल प्रदेश में मार्च के महीने अलग अलग जगह से लैंडस्लाइड के खौफनाक वीडियो सामने आ रहे हैं.(विशाल आनंद का इनपुट)
मौसम विभाग की ताजा जानकारी के अनुसार 25 से 31 मार्च तक भारत के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, बर्फबारी, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पूर्व और पूर्व भारत प्रभावित होंगे. दक्षिण और पश्चिमी भारत में isolated हल्की बारिश और गरम, नम मौसम रहेगा. मछुआरों और ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
केंद्रीय सरकार और प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बासमती चावल निर्यातकों की उच्च स्तरीय बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्यात क्षेत्र में चल रही समस्याओं पर चर्चा करना और उद्योग को तत्काल समर्थन प्रदान करना था. अधिकारियों ने निर्यातकों की चुनौतियों को समझते हुए समाधान पर जोर दिया और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया. बैठक में निर्यात प्रक्रिया को आसान बनाने, कस्टम और लॉजिस्टिक्स में सुधार तथा बाजार पहुंच बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. उद्योग ने सरकार के सहयोग की सराहना की.
ईरान में चल रहे युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से शिपिंग में रुकावट आने के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल ने बड़ी चिंता पैदा कर दी है. 2 मार्च को ईरान ने घोषणा की कि होर्मुज– जिससे दुनिया का 20 प्रतिशत तेल और गैस ट्रांसपोर्ट होता है – "बंद" कर दिया गया है. इस कदम से तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर पहुंच गईं. लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि एक और संकट मंडरा रहा है – खाने-पीने की चीजों के लिए एक बड़ा खतरा, जो खाद की कमी के कारण पैदा हो रहा है. खाद, खाद्य उत्पादन के लिए बहुत जरूरी है.
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मंदसौर और नीमच इलाके में पेट्रोल की कमी की खबर सुनते ही सैकड़ों लोग गाड़ियों के साथ पेट्रोल पंप पहुंचे, जिससे कई पंप पर पेट्रोल और डीजल खत्म हो गया और कुछ पंप बंद हो गए. प्रशासन ने सोशल मीडिया पर लगातार बताया कि कोई कमी नहीं है, लेकिन लोग अनसुनी कर पंपों पर पहुंचे. एमपी से बातचीत में सामने आया कि लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे थे. स्कूल बस, ऑटो और दूध वितरण वाले वाहन भी लाइन में लगे. किसान डीजल का स्टॉक कर रहे थे, जिससे और भी कमी हुई. पंप पर भारी भीड़ देखी गई.
महाराष्ट्र के जालना जिले में टमाटर उत्पादक किसान इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. बाजार में टमाटर के लिए मिलने वाले कम दामों ने किसानों की मेहनत और खर्च पर पानी फेर दिया है. धारकल्याण गांव के किसान अमर काकड़े ने एक एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती की थी और इसके लिए 40 से 45 हजार रुपये खर्च किए. मौसम अनुकूल रहने के बावजूद, जब उन्होंने फसल बेचने मंडी का रुख किया, तो व्यापारियों ने टमाटर के लिए मात्र 4 से 5 रुपये प्रति किलो का भाव दिया. नाराज किसान ने अपनी लगभग 25 क्विंटल टमाटर सड़क पर फेंककर विरोध जताया. किसानों का कहना है कि इतनी कीमत में मजदूरी और परिवहन का खर्च भी नहीं निकल रहा, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसान सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने और सीधा बाजार उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोनी शासकीय कुक्कुट पालन परिसर में बर्ड फ्लू (H5N1) की पुष्टि हुई है. प्रशासन ने पूरे फार्म को कंटेनमेंट जोन घोषित किया और 5 किलोमीटर के दायरे में निगरानी बढ़ा दी. अब तक 5 हजार से अधिक मुर्गा-मुर्गियों की मौत हो चुकी है. मरे हुए पक्षियों को वैज्ञानिक तरीके से दफनाया गया और सैनिटाइजेशन व सर्विलांस तेज कर दी गई है. फार्म में अंडों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. राज्य स्तरीय विशेषज्ञ टीम निगरानी कर रही है. अधिकारियों ने लोगों से मृत पक्षियों से दूर रहने की अपील की है. फिलहाल इंसानों में संक्रमण का खतरा कम माना गया है.
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में सरसों के तेल की कीमतों पर भी दिखने लगा है. विदेश से आने वाले सोयाबीन, पाम और अन्य तेलों की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है. इस वजह से बाजार में सरसों के तेल की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसके दाम भी ऊपर जा रहे हैं. देश में सरसों का लगभग 50 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान से होता है. राजस्थान में अलवर, भरतपुर, झुंझुनू, सीकर, करौली और दौसा जैसे जिले प्रमुख उत्पादन केंद्र हैं. खासकर अलवर में सबसे ज्यादा तेल मिलें हैं, जो पूरे देश में सरसों का तेल सप्लाई करती हैं. वर्तमान हालात में सरसों के भाव बढ़ने से किसानों को लाभ मिल रहा है. लेकिन अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो बाजार में तेल की कमी हो सकती है और कीमतें कई गुना बढ़ सकती हैं.
महाराष्ट्र के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी बर्ड फ्लू का प्रकोप अलर्ट जारी 5 से 10 हजार मुर्गियों की हुई मौत एंड को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही.
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण पैदा हो रही दिक्कतों को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan जल्द ही एक बड़ी बैठक करने वाले हैं. इस बैठक में खाद की सप्लाई, उसका सही बंटवारा और किसानों पर पड़ रहे असर की समीक्षा की जाएगी. सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसानों को समय पर खाद मिलती रहे और किसी तरह की कमी न हो. साथ ही राज्यों के साथ मिलकर ऐसी योजना बनाई जाएगी, जिससे खेती पर कोई बुरा असर न पड़े और किसानों को आसानी से जरूरी सुविधाएं मिलती रहें.
पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है. कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए अब तक राज्यभर में 12,732 छापे मारे जा चुके हैं. एलपीजी वितरकों के खिलाफ 25 एफआईआर दर्ज की गई हैं, वहीं कालाबाजारी में शामिल 152 अन्य लोगों पर भी मुकदमे कायम हुए हैं. कार्रवाई के तहत अब तक 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और 185 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया जारी है. इसके साथ ही 24 घंटे कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा गया है. सरकार ने एफआईआर, गिरफ्तारी और अतिरिक्त सिलेंडर आवंटन जैसी बहुस्तरीय व्यवस्था लागू कर उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं.
दिल्ली-NCR में मौसम का असली मिजाज अभी सामने आना बाकी है. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance), जो आज रात सक्रिय होने वाला है, उसका असर इस हफ्ते तीन दिनों तक महसूस किया जाएगा. इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण, दिल्ली-NCR में 26 मार्च से 29 मार्च तक भारी बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिलेगा, जिससे मौसम सुहावना और ठंडा हो जाएगा. दिल्ली-NCR का मौसम आज से पूरी तरह बदलने वाला है. यही वजह है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्काईमेट वेदर के वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च का आखिरी हफ्ता बेहद ठंडा और सुहावना रहेगा. अप्रैल का पहला हफ्ता भी ठंडा रहने की उम्मीद है. अप्रैल के पहले हफ्ते तक लू, चिलचिलाती धूप या भीषण गर्मी शुरू होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. आइए देखते हैं कि आज दिल्ली-NCR में मौसम कैसा रहेगा.
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