Agriculture Live Blogदेशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है. कई राज्यों में जहां तेज गर्मी पड़ रही है, वहीं कई जगहों पर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि मध्य प्रदेश में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा. दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश के आसार हैं, जिससे कुछ राहत मिल सकती है. इस बीच, दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
केंद्र सरकार ने गन्ने के लिए 2026-27 सीजन (अक्टूबर-सितंबर) का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. इससे पहले यह दर 355 रुपये प्रति क्विंटल था. यह नई दर 10.25% की बेसिक रिकवरी रेट पर लागू होगी. सरकार ने साफ किया है कि 10.25% से अधिक रिकवरी पर हर 0.1% बढ़ोतरी के साथ किसानों को 3.56 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मिलेगा. यह फैसला कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है. सरकार के अनुसार, यह FRP उत्पादन लागत का लगभग 200.5% है, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिलने की उम्मीद है. साथ ही अनुमान है कि गन्ना किसानों को कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान होगा.
सरकार ने कपास किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है. केंद्रीय कैबिनेट ने कपास किसानों के लिए कपास कांति मिशन शुरू किया है. इससे देश के 32 लाख किसानों को फायदा होगा. इस मिशन पर 5659 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह मिशन 2026 से लेकर 2031 तक 5 साल के लिए चलेगा. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक है और देश में करीब 32 लाख किसान कपास की खेती से जुड़े हैं. आने वाले वर्षों में घरेलू मांग बढ़कर 450 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है. इस मिशन में रिसर्च, उत्पादन तकनीक और नई फाइबर टेक्नोलॉजी पर खास जोर रहेगा. साथ ही 5F विजन - फार्म, फाइबर, फैक्ट्री, फैशन और फॉरेन - को मजबूत किया जाएगा. इसका क्रियान्वयन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर किया जाएगा.
भोपाल: मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को अलग-अलग विभागों के लिए 38,555 करोड़ रुपये के फंड को मंज़ूरी दी, और शिकायतों के निपटारे को आसान बनाने और राज्य के आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए एक 'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' बनाने की भी मंज़ूरी दी. मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में, 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी आवासों के रखरखाव के लिए 32,405 करोड़ रुपये तय किए गए. साथ ही, अगले पांच सालों में कृषि सेक्टर को मज़बूत करने के लिए "दालों में आत्मनिर्भरता मिशन" के लिए 2,442.04 करोड़ रुपये भी मंज़ूर किए गए. एक अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट ने नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाने और 'मिशन वात्सल्य' को सुचारू रूप से चलाने के लिए 2,412 करोड़ रुपये, और IT व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 1,295.52 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
आज पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक है. सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट गुजरात में दो नए प्लांट के साथ ₹3,000 करोड़ के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दे सकती है. वहीं, कैबिनेट गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) में बढ़ोतरी को मंज़ूरी दे सकती है. वहीं, रेलवे के तीन मल्टी-लेन प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने की संभावना है. हालांकि, बैठक में लिए गए फैसलों की आधिकारिक घोषणा शाम 6:30 बजे होगी. (इनपुट- चेतन भूटानी)
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाक़ात की. उन्होंने मांग की कि पंजाब के उन छह राज्यसभा सांसदों की सदस्यता खत्म की जाए, जो BJP में शामिल हो गए हैं. साथ ही, उन्होंने एक ऐसे संवैधानिक प्रावधान को लागू करने पर भी ज़ोर दिया, जिससे सदस्यों को वापस बुलाया जा सके. पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के साथ मान दिल्ली में राष्ट्रपति भवन गए. यह मुलाक़ात आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए 24 अप्रैल को लगे एक बड़े झटके के बाद हुई. उस दिन पार्टी के 10 में से सात राज्यसभा सांसदों- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी और BJP में शामिल हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिक आदर्शों से भटक गई है. AAP छोड़ने वाले इन सात सांसदों में से छह पंजाब के रहने वाले थे. (पीटीआई)
नई दिल्ली: मंगलवार को वायदा कारोबार में निवेशकों की ज़्यादा दांवबाज़ी के चलते ग्वार बीज की कीमतें 21 रुपये बढ़कर 5,812 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, जून डिलीवरी के लिए ग्वार बीज के कॉन्ट्रैक्ट 21 रुपये, या 0.36 प्रतिशत बढ़कर 5,812 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जिसमें 43,605 लॉट का ओपन इंटरेस्ट था. बाज़ार के जानकारों ने बताया कि हाज़िर कीमतों में गिरावट के बावजूद, निवेशकों की ज़्यादा दांवबाज़ी ने वायदा कारोबार में ग्वार बीज की कीमतों को सहारा दिया. (पीटीआई)
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों में कई इलाकों में बारिश, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।
पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) के टारगेट को पूरा करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाने वाला मक्का उत्पादक किसान आज खुद को छला हुआ महसूस कर रहा है. इस बात के लिए पीठ थपथपाई जा रही है कि हम ग्रीन फ्यूल बना रहे हैं. लेकिन इस पूरी 'इथेनॉल क्रांति' के पीछे की कड़वी सच्चाई को भी समझ लीजिए. इथेनॉल बनाने वालों को मुनाफे का सरकारी 'सुरक्षा कवच' हासिल है, जबकि किसान की मेहनत को खुले बाजार की 'लूट' की छूट मिली हुई है. आज देश का किसान पूछ रहा है कि जब उद्योगपतियों के इथेनॉल का दाम बाजार के बजाय सरकार रेगुलेट करती है, तो किसानों के मक्के को बाजार की अनिश्चितताओं के हवाले क्यों छोड़ दिया गया है? जब इथेनॉल का 71.86 प्रति लीटर का दाम पक्का है, तो कड़ाके की धूप में खून-पसीना एक करने वाले किसान का मक्का उसके सरकारी दाम 2,400 रुपये प्रति क्विंटल पर क्यों नहीं बिक रहा?
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: Link
हरियाणा में सोनीपत के छोटू राम धर्मशाला में आयोजित किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम, केंद्र सरकार की कथित दबाव की राजनीति, हरियाणा की सियासत और अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. किसान नेता राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में बेईमानी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां फर्जी वोटिंग हुई और स्थानीय लोगों को मतदान से रोका गया. टिकैत ने कहा कि “बेईमानी करके सब कुछ किया गया है. चोरी भी ऐसी हो रही है, जिसे कोई पकड़ नहीं पाता.” उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने डटकर संघर्ष किया और अगर कोई आखिरी दम तक लड़कर हारता है, तो वह हार नहीं बल्कि सम्मानजनक लड़ाई होती है. टिकैत ने इस मौके पर लोकतंत्र के भविष्य पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे हालात में लोकतंत्र कैसे बचेगा, यह बड़ा सवाल है.
पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: Link
Samastipur में तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश से मौसम अचानक बदल गया, जिससे शाम में ही रात जैसा अंधेरा छा गया. बिजली आपूर्ति ठप हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ. कई जगह जलजमाव की स्थिति बन गई और सड़कों पर वाहन लाइट जलाकर चलाए गए. हालांकि, इस बारिश से किसानों को फायदा होने की उम्मीद है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के तहत सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है. रिकॉर्ड खरीद, भंडारण क्षमता में बढ़ोतरी और डिजिटल तकनीकों से खेती में बदलाव आ रहा है. गेहूं खरीद की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी गई है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी. चना, मसूर और तुअर की भी समर्थन मूल्य पर खरीद जारी है. किसानों को भुगतान सीधे खातों में मिल रहा है. ई-किसान और डिजिटल सिस्टम से जानकारी और सुविधाएं आसान हुई हैं, जबकि प्राकृतिक खेती और ड्रोन तकनीक से खेती आधुनिक बन रही है.
केंद्र सरकार के उर्वरक विभाग ने कहा है कि खरीफ सीजन 2026 के लिए देश में खाद की कोई कमी नहीं है. विभाग की एडिशनल सचिव अपर्णा एस. शर्मा के अनुसार, अभी देश में यूरिया की उपलब्धता 62.28 लाख मीट्रिक टन और डीएपी की उपलब्धता 20.32 लाख मीट्रिक टन है. उन्होंने बताया कि मार्च और अप्रैल महीने में देश में अच्छी मात्रा में खाद का उत्पादन हुआ है. इस दौरान करीब 67.71 लाख मीट्रिक टन खाद का उत्पादन किया गया, जबकि लगभग 17 लाख मीट्रिक टन खाद का आयात भी देश में पहुंच चुका है. सरकार का कहना है कि खरीफ 2026 के लिए कुल खाद की जरूरत 390.54 लाख मीट्रिक टन आंकी गई है. इसके मुकाबले अभी 195.71 लाख मीट्रिक टन खाद का स्टॉक मौजूद है, जो कुल जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत है. अधिकारी ने बताया कि राज्यों में पहले से ही बेहतर योजना और भंडारण के कारण यह संभव हो पाया है. इससे किसानों को समय पर खाद मिलने में आसानी होगी और खेती पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
राजस्थान में सोमवार देर रात तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे मौसम अचानक ठंडा हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. अलवर के अकबरपुर समेत कई इलाकों में पहले ओले गिरे, फिर जोरदार बारिश हुई, जिससे सड़कें और खेत सफेद नजर आने लगे. तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई. मौसम विभाग ने 23 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में अब भी गर्मी का असर बना हुआ है.
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए आसान और राहत देने वाला फैसला लिया है. अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर पहले की तरह तुरंत पैसे काटने की जगह पोस्टपेड की तरह काम करेंगे. इसका मतलब है कि लोगों को हर महीने बिल मिलेगा और उसे भरने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा.
पहले लोगों को प्रीपेड मीटर से काफी परेशानी होती थी, क्योंकि उन्हें पहले ही पैसे डालने पड़ते थे. अब यह दिक्कत कम हो जाएगी. साथ ही, 30 अप्रैल तक के पुराने बकाया बिल को भी 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है. इससे लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा.
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब जिन किसानों के खेत में बिजली के टावर लगेंगे, उन्हें जमीन की कीमत का दोगुना यानी 200% मुआवजा मिलेगा. इसके साथ ही जिन खेतों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरती हैं, वहां भी 30% मुआवजा दिया जाएगा. पहले किसानों को या तो बहुत कम पैसा मिलता था या बिल्कुल नहीं मिलता था. इस नए नियम से किसानों को ज्यादा फायदा होगा और उनकी आय बढ़ेगी. इससे किसान खुश होंगे और बिजली परियोजनाओं में भी उनका सहयोग बढ़ेगा.
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल रहा है. हाल ही में पड़ रही तेज गर्मी से लोगों को राहत मिल रही है, लेकिन अब कई जगहों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग (IMD) ने 5 मई को यूपी, बिहार, झारखंड, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, तमिलनाडु और केरल समेत 14 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है, जहां हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. दिल्ली-एनसीआर में 5 से 7 मई के बीच बादल, हल्की बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today