Agriculture Live Blogमौसम विभाग के मुताबिक लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिसका असर 7 और 8 अप्रैल को सबसे अधिक रहेगा. कश्मीर घाटी में आज कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है. गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही, 9 अप्रैल तक मध्य, पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. इस दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य या उससे कम रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है.
केंद्र सरकार की कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है. HPCL की रिफाइनरी से जुड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई है, जिससे ऊर्जा सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
वहीं, जयपुर मेट्रो फेज-1 विस्तार के लिए 30,38 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी.
किसानों को राहत देते हुए खरीफ फसलों के लिए न्यूट्रीशन बेस्ड सब्सिडी के तहत 41,534 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे उर्वरक सस्ते मिलने की संभावना है.
इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति मिली है, जिससे बिजली उत्पादन बढ़ेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी.
खरीफ 2026 के लिए P&K उर्वरकों पर 41,533 करोड़ की सब्सिडी मंजूर
कैबिनेट बैठक में खरीफ सीजन 2026 के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश (P&K) उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) दरों को मंजूरी दी गई है. यह सब्सिडी 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी. सरकार ने इसके लिए लगभग 41,533.81 करोड़ रुपये का बजट तय किया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 4,317 करोड़ रुपये अधिक है. इस फैसले से किसानों को DAP और NPKS जैसे उर्वरक सस्ती और उचित कीमतों पर उपलब्ध होंगे. सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों को ध्यान में रखते हुए सब्सिडी दरों को तय किया है, ताकि खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता सुचारू बनी रहे.
कांग्रेस नेता परगट सिंह ने कहा कि नवज्योत सिंह सिद्धू उनके अच्छे मित्र हैं और उनकी पार्टी के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दी. उन्होंने राघव चड्ढा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल ने उनका इस्तेमाल किया और फिर छोड़ दिया. परगट सिंह ने किसानों की चिंता व्यक्त की और कहा कि बारिश से फसलें बर्बाद हुई हैं, इसलिए सरकार को प्रभावित किसानों की मदद करनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में कोई आपसी विवाद नहीं है और नेता जमीन पर सक्रिय हैं. उन्होंने AAP सरकार द्वारा लाए जा रहे विशेष सत्र के धर्मनिरपेक्षता विरोधी बिल पर भी कहा कि इसे केंद्र द्वारा रोका जाएगा.
डॉ. पी.एस. गहलौत, इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रमुख, कहते हैं कि युद्ध विराम (सीजफायर) एक अच्छा कदम है. इससे खाड़ी देशों से एलएनजी गैस आसानी से आएगी और खरीफ सीजन से पहले किसानों को खाद समय पर मिलती रहेगी. यूरिया बनाने के लिए प्राकृतिक गैस जरूरी है, और भारत इसे ज्यादा तर बाहर से लाता है. युद्ध विराम से उत्पादन सही रहेगा, आयात सस्ता होगा और खाद की कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ेंगी. इंडियन पोटाश लिमिटेड समय पर खाद आयात करके और राज्यों में सही तरीके से बाँटकर सप्लाई मजबूत बनाए रखेगा. इससे किसानों को भरोसा मिलेगा और सरकार का सब्सिडी का बोझ भी कम होगा.
लखनऊ में आयोजित छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 के शुभारंभ अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कृषि के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण विचार रखे. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब पारंपरिक “लैब टू लैंड” की अवधारणा से आगे बढ़कर “लैब इन लैंड” की दिशा में काम करना होगा. मुख्यमंत्री ने समझाया कि पहले वैज्ञानिक तकनीकों को प्रयोगशाला में विकसित किया जाता था और फिर उन्हें खेतों तक पहुंचाया जाता था. लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि खेत खुद ही प्रयोगशाला बनें, जहां पर नई तकनीकों का परीक्षण और विकास सीधे किसानों की भागीदारी से हो. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि हम खेतों को ही प्रयोगशाला बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करें, तो यह कृषि क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला सकता है. इससे न केवल तकनीक तेजी से किसानों तक पहुंचेगी, बल्कि उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुसार नवाचार भी संभव हो सकेगा.
जनपद के दुबरा पहाड़ी गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जहां किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया. उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चल रही इस विशेष कवरेज के तहत यह 57वां पड़ाव रहा.
लखनऊ में आयोजित छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कृषि उपलब्धियों को प्रमुखता से रखा. उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां दुनिया की सबसे उपजाऊ भूमि व बेहतर जल संसाधन मौजूद हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि देश की कुल आबादी का करीब 16-17 फीसदी हिस्सा उत्तरप्रदेश में रहता है, जबकि देश की 11 फीसदी कृषि योग्य भूमि इसी राज्य के पास है. इसके बावजूद उत्तरप्रदेश अकेले भारत के कुल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 21 फीसदी योगदान दे रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में राज्य ने कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखा है और कृषि विकास दर को 8 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाने में सफलता हासिल की गई है. मुख्यमंत्री ने इसे बेहतर नीतियों और किसानों के प्रयासों का परिणाम बताया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असमय वर्षा, ओलावृष्टि और आगजनी से रबी फसलों को हुए नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित किसानों और बटाईदारों के नुकसान का त्वरित, निष्पक्ष और समयबद्ध आकलन कर क्षतिपूर्ति देने के निर्देश दिए. फसल बीमा दावों का शीघ्र निस्तारण और किसानों को बीमा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने को कहा. राज्य आपदा राहत कोष से तुरंत धनराशि उपलब्ध कराने, राहत शिविर स्थापित करने और आवास योजना के तहत घरों का पुनर्वास करने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा.
कश्मीर का केसर, जिसे लाल सोना कहा जाता है, अब एक नए खतरे का सामना कर रहा है. अब किसान सिर्फ बारिश की चिंता नहीं करते, बल्कि रात में टॉर्च जलाकर सतर्क रहते हैं, क्योंकि भारतीय क्रेस्टेड सुई वाले साही (Porcupines) झुंड में आकर फूल नहीं केवल खाते बल्कि बल्ब खोदकर ले जाते हैं. बल्ब नष्ट होने पर फसल सालों तक नहीं उगती. पहले केसर उद्योग बारिश, बाजार और ईरानी केसर से मुकाबला करता था, अब यह नया खतरा भी जुड़ गया है. पिछले 10-15 वर्षों में उत्पादन 20,000 किलो से घटकर मात्र 1,000-1,500 किलो रह गया है. किसान सरकार से साही को जंगल में वापस भेजने की मांग कर रहे हैं.
राजस्थान के धौलपुर जिले में मौसम विभाग के अलर्ट के बाद दो दिन से बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी. शनिवार शाम हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की खड़ी और कटाई हुई फसल में करीब 50% नुकसान की आशंका है. धनिया, टमाटर, बैगन, गाजर, गोभी जैसी फसलों को भी नुकसान हुआ. बारिश और ओलावृष्टि से कटाई के बाद खेतों में रखी गेहूं की फसल भीग गई, जिससे गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है. किसान सरकार से गिरदावरी कर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि पिछले साल का मुआवजा भी नहीं मिला.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के विकास ब्लूप्रिंट में कृषि और सिंचाई को प्राथमिकता दी है. इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार प्रोजेक्ट के जरिए 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी. तीन वर्षीय योजना के तहत 2029 तक ग्रामीण परिवारों की मासिक आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है. ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा और आधुनिक कृषि तकनीक ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेगी, जिससे बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. देहरादून समेत कई जिलों में देर रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है. वहीं, यमुनोत्री धाम में अप्रैल महीने में भी बर्फबारी जारी है और पूरी यमुनाघाटी शीतलहर की चपेट में आ गई है. केदारनाथ और बद्रीनाथ में कई फीट तक बर्फ ने पहाड़ों को ढक दिया है, जिससे हाड़ कंपा देने वाली ठंड महसूस की जा रही है. टिहरी, पौड़ी और पिथौरागढ़ में भी लगातार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है, जबकि हरिद्वार में मौसम ठंडा हो गया है. उधम सिंह नगर में बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है, क्योंकि यहाँ गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है. इस अप्रत्याशित मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है और प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है.
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये दिए जाएंगे और उन्हें सशक्त बनाने के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी. सुरक्षा के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे. स्वास्थ्य क्षेत्र में हर नागरिक को 10 लाख रुपये तक का पूर्ण राज्य-नियोजित स्वास्थ्य बीमा मिलेगा. किसान कल्याण के तहत किसानों को वार्षिक 15,000 रुपये की सहायता, मुफ्त बिजली और बेहतर खरीद प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी, जिससे उनकी आय और सुरक्षा बढ़ेगी.

उत्तर प्रदेश में त्रिदिवसीय कृषि विज्ञान कांग्रेस 2026 का आयोजन बुधवार से शुरू हो रहा है. उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, साथ ही वे उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित भी करेंगे. “ट्रांसफॉर्मिंग एग्रीकल्चर फॉर विकसित कृषि–विकसित भारत 2047” थीम पर आधारित इस छठवीं कृषि विज्ञान कांग्रेस का आयोजन लखनऊ स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में किया जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न तकनीकी सत्रों में देशभर के प्रमुख कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ हिस्सा लेकर कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास पर चर्चा करेंगे.
पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्ती करते हुए योगी सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है. अब तक 23 हजार से अधिक छापेमारी की जा चुकी है और 238 एफआईआर दर्ज की गई हैं. कड़ी निगरानी का असर यह है कि मौके से 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 249 लोगों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है. सरकार ने जनता से अपील की है कि घबराकर खरीदारी न करें और ईंधन का अनावश्यक भंडारण करने से बचें. प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है, जहां करीब 92,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1.22 लाख किलोलीटर डीजल का भंडार मौजूद है. इसके अलावा, राज्य में अब तक 15.94 लाख पीएनजी कनेक्शन भी जारी किए जा चुके हैं, जिससे लोगों को वैकल्पिक ईंधन की सुविधा मिल रही है.
इस बेमौसम बारिश का असर राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में भी देखने को मिलेगा. बुधवार तक इन राज्यों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश, कहीं-कहीं ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. स्काईमेट के मुताबिक, 8 अप्रैल से अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. वहीं महाराष्ट्र और तेलंगाना समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं. इन मौसमी गतिविधियों के चलते फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी से राहत बनी रहने की उम्मीद है.
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