Agriculture Live Blogभारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में जानकारी दी है कि देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बिगड़ा रहेगा. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में 24 मार्च तक गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश जारी रहने की संभावना है. पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बारिश और आंधी का असर जारी रहेगा.
इजराइल-ईरान युद्ध के बाद देशभर में एलपीजी गैस की कमी देखी जा रही है, लेकिन भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील का मोतीपुर गांव इससे पूरी तरह बेअसर है. इस गांव के करीब 120 परिवारों ने चार साल पहले बायोगैस प्लांट लगवाए, जिससे अब उन्हें गैस सिलेंडर की जरूरत नहीं पड़ती. सरकार की सब्सिडी से लगाए गए इन प्लांटों में गोबर से गैस बनती है, जिससे खाना बनाना और अन्य घरेलू काम आसानी से हो जाते हैं. साथ ही बचे हुए अपशिष्ट से जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसे बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय भी मिलती है. ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था सुरक्षित, सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल है. मोतीपुर गांव आज आत्मनिर्भरता का उदाहरण बन गया है और अन्य गांवों के लिए प्रेरणा भी दे रहा है.
रामपुर जनपद में आम की पैदावार हमेशा से अधिक रही है और यहां के किसान आम के सीजन में अच्छी आमदनी करते हैं. लेकिन इस बार बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. आम के पेड़ों पर आए बौर और छोटी फलियां बारिश और आंधी के कारण झड़ गईं, जिससे फसल को भारी नुकसान हुआ है. किसानों और जानकारों के अनुसार, इस बार आम की पैदावार में 30 से 50 प्रतिशत तक गिरावट आने की आशंका है. साथ ही, बेमौसम बारिश के कारण बगीचों में बीमारी भी फैल रही है, जिससे फसल और प्रभावित हो सकती है. उत्पादन कम होने से बाजार में आम की कीमतें बढ़ने की संभावना है. इस स्थिति ने किसानों की आर्थिक चिंता को और बढ़ा दिया है और वे नुकसान को लेकर परेशान हैं.
निवेश मित्र 3.0 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कृषि उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यूपी को भारत का “फूड बास्केट” कहा जाता है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब किसान पलायन और आत्महत्या के लिए मजबूर थे. उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में सरकार ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसका परिणाम यह हुआ कि देश की कुल 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन कर रहा है, जिससे प्रदेश ने अपनी पहचान फिर से स्थापित की है.
सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े फैसले किए हैं. इसके तहत हर सरकारी स्कूल की 9वीं कक्षा की लड़की को साइकिल उपहार में दी जाएगी, जिससे स्कूल आने-जाने में सुविधा और पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी. साथ ही, दसवीं कक्षा के मेरिट छात्रों को लैपटॉप मिलेगा, जिससे डिजिटल शिक्षा में उन्हें मदद मिलेगी. शिक्षा में तकनीकी सुधार के लिए 8777 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, इसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
मित्तल से जिंदल को जमीन के हस्तांतरण के खिलाफ किसान मैदान में उतर आए और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. किसानों का कहना है कि उन्हें न तो उचित मुआवजा दिया गया और न ही जमीन अधिग्रहण की अनुमति के लिए कोई स्पष्ट जानकारी मिली. उन्होंने अधिकारियों से तुरंत कदम उठाने और उनकी जमीन सुरक्षित रखने की मांग की. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और उन्होंने सड़क पर जमकर नारेबाजी की. किसान प्रशासन से यह भी आग्रह कर रहे हैं कि जमीन के किसी भी अधिग्रहण या हस्तांतरण से पहले उन्हें न्यायसंगत मुआवजा और अनुमति दी जाए. दृश्य और प्रतिक्रियाएं जोरदार रही.
दरभंगा जिले में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश और तेज आंधी-तूफान ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेंहू की फसल जमीन पर गिर गई है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ने की संभावना है. किसान अब गिरे हुए गेहूं को फिर से खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें डर है कि फसल बर्बाद हो जाएगी और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. यह स्थिति केवल गेहूं तक सीमित नहीं है, बल्कि तेलहन, तोड़ी और मकई की फसल भी प्रभावित हुई है. कई जगह महिलाओं को समय से पहले तोड़ी की फसल काटनी पड़ रही है, ताकि पूरी फसल बर्बाद न हो. मझौलिया गांव के किसानों का कहना है कि जो फसल जमीन पकड़ चुकी है उसे बचाना नामुमकिन है और सरकारी अधिकारियों का निरीक्षण अभी तक नहीं हुआ. किसानों की उम्मीदों पर मौसम ने पानी फेर दिया है.
बागपत में एक पेड़ की कटाई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. यह मामला अब सिर्फ एक पेड़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. मजदूर आश मोहम्मद का कहना है कि एक सरकारी पेड़ काटने के आरोप में उसके साथ 7-8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. लेकिन बाद में बाकी लोगों को छोड़ दिया गया और सिर्फ उसे ही जिम्मेदार ठहराया गया. आश मोहम्मद का आरोप है कि उसे वन विभाग के दफ्तर बुलाया गया, जहां उसके साथ बुरा व्यवहार किया गया. उसने बताया कि दरोगा ने उसके साथ मारपीट की और उसका हाथ भी मरोड़ दिया. इसके अलावा उस पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया गया है. अब यह मामला चर्चा में है और लोग इस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
असमय बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है. कई जगह तैयार फसल गिर गई है, जिससे किसानों को पैदावार और गुणवत्ता दोनों में कमी का डर है. कुछ वैज्ञानिक नुकसान सीमित मानते हैं, लेकिन किसान चिंतित हैं. अभी देश में केवल 4 प्रतिशत गेहूं की कटाई हुई है, जबकि इन राज्यों में कटाई अप्रैल से शुरू होगी. सरकार रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद कर रही है, लेकिन खराब गुणवत्ता से बाजार में कीमतें बढ़ सकती हैं. फिलहाल किसान मौसम सुधरने और धूप निकलने का इंतजार कर रहे हैं.
आधुनिकता की दौड़ में, बुंदेलखंड के युवाओं ने अपनी सदियों पुरानी परंपराओं को एक नया मोड़ दिया है. झांसी में होने वाली आगामी बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता के लिए, महोबा के युवाओं ने एक हाई-टेक बैलगाड़ी तैयार की है. इस बैलगाड़ी में पारंपरिक लकड़ी की जगह स्टील का इस्तेमाल किया गया है और इसमें मोटरसाइकिल के पहिये लगाए गए हैं. जब 'भोला' और 'भालू' नाम के दो बैलों द्वारा खींची जा रही यह चमचमाती गाड़ी सड़क पर उतरी, तो हर कोई इसकी एक झलक पाने के लिए रुक गया.
पूरे देश में मौसम के मिजाज में आया यह बदलाव, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और एक चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) के मिले-जुले असर का नतीजा है. यही वजह है कि उत्तरी भारत से लेकर पूर्वी और दक्षिणी भारत तक फैले एक विशाल क्षेत्र में एक ही समय पर बारिश, तेज़ हवाएँ और गरज-चमक के साथ तूफ़ान देखने को मिल रहे हैं. वातावरण में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिसके कारण बादल तेज़ी से बन रहे हैं और मौसम में अचानक व तेज़ी से बदलाव आ रहे हैं. कई राज्यों में हवाएँ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने की उम्मीद है, जबकि कुछ संवेदनशील इलाकों में इनकी रफ़्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुँच सकती है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि इस सप्ताह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों की एक सीरीज उत्तर-पश्चिमी भारत में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं लेकर आने वाली है. इससे प्रमुख कृषि राज्यों में चल रही रबी की फसल की कटाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. लगातार तीन पश्चिमी विक्षोभों के कारण पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मौसम की स्थिति अस्थिर रहने की संभावना है. इन राज्यों में छिटपुट बारिश हो सकती है और हवा की गति 30–50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. हालांकि बारिश से बढ़ते तापमान से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन इसका समय—जो कि कटाई के सबसे व्यस्त समय के साथ मेल खाता है—किसानों के बीच चिंता का कारण बन गया है.
मार्च के दूसरे पखवाड़े में देशभर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. महीने की शुरुआत में जहां उत्तर भारत तेज गर्मी से परेशान था, वहीं अब मौसम ठंडा और सुहावना हो गया है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायुमंडलीय सिस्टम्स के कारण पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कई हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की संभावना है. इससे तापमान सामान्य से नीचे रहेगा और अप्रैल मध्य तक गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं.
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