Agriculture Live Blogदेश के कई हिस्सों में जारी भीषण गर्मी से अब राहत मिलने के संकेत हैं. मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों में हीटवेव और गंभीर हीटवेव की स्थिति कमजोर पड़ने लगी है. हालांकि राजस्थान, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में गर्म हवाओं का असर अभी बना रह सकता है, लेकिन अगले दिन से इसमें भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है. दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत और उससे सटे पूर्वी राज्यों में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. वहीं दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां दर्ज होने के आसार हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
शिमला: सोमवार शाम को हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, वहीं स्थानीय मौसम विभाग ने राज्य में 8 जून तक बारिश जारी रहने का अनुमान लगाया है. इसका कारण यह है कि 3 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है. शिमला स्थित मौसम विभाग ने 4 जून तक कुछ अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने के लिए 'येलो अलर्ट' भी जारी किया है. सोमवार शाम 4 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान, राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. (पीटीआई)
नई दिल्ली: एक आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह बुधवार को यहां आयोजित एक समारोह में देश भर की 42 बेहतरीन पंचायतों को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 प्रदान करेंगे. बयान में कहा गया है कि ये पुरस्कार पंचायती राज मंत्री सिंह, पंचायती राज राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल के साथ मिलकर प्रदान करेंगे. बयान के मुताबिक, 42 पुरस्कार विजेताओं में से 34 ग्राम पंचायतों को 'दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार' श्रेणी के तहत सम्मानित किया जाएगा, जबकि आठ पंचायतों को 'नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार' मिलेगा. (पीटीआई)
हरियाणा में अनाज भंडारण व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि किसानों की उपज को खराब होने से बचाने के लिए राज्य में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जाएं. हरियाणा विजन-2047 के तहत खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लक्ष्य हासिल करने के लिए तैयारी शुरू करने को कहा गया. बैठक में बताया गया कि वर्तमान में उचित भंडारण के अभाव में प्रदेश में 4 से 5 प्रतिशत तक अनाज नुकसान होता है. फिलहाल हरियाणा में 66 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता है, जिसे बढ़ाकर 130 लाख मीट्रिक टन करने की जरूरत बताई गई.
पटना: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मंगलवार को आगामी बिहार विधान परिषद चुनावों के लिए RJD से एक सीट की मांग की. विधान परिषद की नौ सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 18 जून को होने हैं. इसके साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई सीट पर उपचुनाव भी होगा; नीतीश कुमार अब राज्यसभा सांसद हैं. AIMIM बिहार के अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने यहां पत्रकारों से कहा, "जब हमने राज्यसभा चुनावों में एक सीट पर अपना दावा छोड़कर 'INDIA' गठबंधन का समर्थन किया था, तब तेजस्वी यादव ने वादा किया था कि अगर हम उनकी मदद करेंगे, तो भविष्य में वे हमारे हितों का ध्यान रखेंगे. अब वह समय आ गया है जब उन्हें अपना वह वादा पूरा करना चाहिए." (पीटीआई)
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पंजाब के संगरूर में किसानों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. किसानों ने बढ़ती पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस कीमतों पर नियंत्रण की मांग उठाई. बीकेयू एकता उगराहां के प्रदेश महासचिव जगतार सिंह कालाझाड़ ने कहा कि किसानों और आम लोगों पर महंगाई का असर बढ़ रहा है. वहीं किसान नेताओं ने खाद संकट, समय पर यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराने, सभी फसलों पर कानूनी गारंटी के साथ MSP लागू करने की मांग दोहराई. प्रदर्शन के दौरान भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर भी चिंता जताई गई. किसानों ने सहकारी ऋण सीमा बढ़ाने, भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब-हरियाणा की हिस्सेदारी बहाल करने और बुजुर्ग किसानों के लिए 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग रखी. नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा. (इनपुट- कुलवीर सिंह)
जैसलमेर: पुलिस ने मंगलवार को बताया कि राजस्थान के जैसलमेर ज़िले में धूल भरी तेज़ आंधी के दौरान एक रिज़ॉर्ट की दीवार गिरने से 25 साल के एक लोक कलाकार की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि सोमवार देर रात तेज़ हवाओं के कारण रिज़ॉर्ट की एक दीवार गिर गई, जिससे ज़िला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर, सैम टूरिस्ट इलाके में स्थित एक रिज़ॉर्ट में मौजूद कई कलाकार उसकी चपेट में आ गए. पुलिस ने बताया कि बारीसियाला गांव के रहने वाले 25 वर्षीय लोक कलाकार स्वरूप खान की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने आगे बताया कि इस घटना में तीन अन्य कलाकार भी घायल हुए हैं, जिनमें एक पुरुष और दो महिला नर्तक शामिल हैं. (पीटीआई)
पालघर: अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने महाराष्ट्र के पालघर में एक पहाड़ी सुरंग की खुदाई पूरी करके एक और मील का पत्थर हासिल कर लिया है. पिछले पांच महीनों में जिले में यह तीसरी ऐसी सफलता है. इस प्रोजेक्ट को लागू करने वाली संस्था, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने बताया कि यह अहम सफलता 1 जून को हासिल की गई. NHSRCL ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इंजीनियरों ने पालघर जिले के दहानू तालुका के अम्बेसारी गाँव में तीसरी पहाड़ी सुरंग (MT-07) की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. यह मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए एक अहम कदम है. (पीटीआई)
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले- घबराने की नहीं, समय रहते तैयारी की जरूरत
कम वर्षा वाले राज्यों-जिलों में विशेष निगरानी और त्वरित एक्शन के शिवराज सिंह ने दिए निर्देश
बीज, नमी, पानी और वैकल्पिक फसल योजना पर सरकार का फोकस- शिवराज सिंह
अभी जलाशयों का जलस्तर सामान्य से बेहतर, खरीफ तैयारी को बड़ी ताकत- शिवराज सिंह
किसानों तक मोबाइल एडवाइजरी, रोग-कीट सूचना और फसल सलाह पहुंचाने पर शिवराज सिंह ने दिया जोर
कंटिन्जेंसी प्लान कागज पर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए; उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बोले शिवराज सिंह चौहान
नौतपा के दौरान भीषण गर्मी झेल रहे राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली. अलवर में सोमवार सुबह और देर रात हुई तेज बारिश के बाद मुख्य बाजार और कई गलियों में जलभराव हो गया. ग्रामीण इलाकों में भी हालात खराब रहे और कई दुकानदार पानी भरने के कारण दुकानें नहीं खोल सके. चूरू, झुंझुनू, सीकर, बीकानेर समेत कई क्षेत्रों में बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. मौसम विभाग ने 19 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. उदयपुर संभाग में कई जगह बड़े ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ, जबकि पाली के देवली क्षेत्र में सड़क बहने की सूचना सामने आई. विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम बने रहने और तापमान में करीब 5 डिग्री तक गिरावट रहने की संभावना है.
नई दिल्ली: मंगलवार को वायदा कारोबार में निवेशकों के ज़्यादा दांव लगाने के चलते ग्वार बीज की कीमतें 20 रुपये बढ़कर 5,965 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, जून डिलीवरी के लिए ग्वार बीज के कॉन्ट्रैक्ट 20 रुपये, या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 5,965 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए, जिसमें ओपन इंटरेस्ट 41,800 लॉट रहा. पिछले सत्र में यह 5,945 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ था. (पीटीआई)
पाटन जिले में सोमवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी, तूफानी हवाओं तथा बारिश के साथ मानसून की जोरदार एंट्री हुई. इस बारिश से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, लेकिन कई ग्रामीण इलाकों में यह आफत बनकर बरसी. राधनपुर क्षेत्र में करीब 1 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि बादरपुरा गांव में तेज हवाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया. गांव के 15 से अधिक मकानों की छतें उड़ गईं, कई बड़े पेड़ उखड़कर गिर गए और बिजली के तार टूटने से पूरा गांव अंधेरे में डूब गया. ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा. घटना के कई घंटे बाद भी प्रशासन का कोई अधिकारी नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंचा, जिससे गांव के लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला. वहीं शहर में बारिश से मौसम सुहावना हो गया, लेकिन कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही.
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अल नीनो की संभावित परिस्थितियों और उसके कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. बैठक में मौसम, कृषि और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों और एजेंसियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति और उसके संभावित प्रभावों का आकलन किया गया. शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर मौसम संबंधी सलाह और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि फसलों पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके और किसानों के हितों की रक्षा की जा सके.
देश में मॉनसून का इंतजार अब खत्म होने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 4 जून के आसपास केरल में दस्तक दे सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि परिस्थितियां मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं. अगले दो दिनों में मॉनसून अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के कई इलाकों में आगे बढ़ सकता है. यदि अनुमान सही रहा तो 4 जून को मॉनसून आधिकारिक रूप से भारत में प्रवेश कर जाएगा. इसके साथ ही केरल समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
छत्तीसगढ़ के धमधा क्षेत्र के बागवानी किसानों का कहना है कि वैश्विक तनाव और बढ़ती महंगाई का असर अब उनकी खेती पर साफ दिखाई दे रहा है. किसानों के अनुसार डीजल, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग शीट, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जिससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है. किसानों का आरोप है कि महंगे इनपुट के साथ-साथ उर्वरकों की उपलब्धता में भी दिक्कत आ रही है और अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण उन्हें सिंचाई के लिए डीजल जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है. वहीं परिवहन लागत बढ़ने और बाजार में अनिश्चितता के चलते कई किसानों की उपज समय पर नहीं बिक सकी, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा. किसानों का कहना है कि सबसे बड़ी चिंता लागत नहीं, बल्कि फसल का उचित मूल्य मिलना है. उन्होंने सरकार से बाजार सुरक्षा और समर्थन की मांग की है, ताकि बढ़ती चुनौतियों के बीच बागवानी खेती को बचाया जा सके.
'खेत बचाओ अभियान' के बीच एक अच्छी खबर है कि रासायनिक खादों की मांग में अभी कुछ कमी दर्ज की जा रही है. एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने बताया है कि खरीफ सीजन के लिए जरूरी 5 प्रमुख पोषक तत्वों (खाद) की मांग में गिरावट दर्ज की गई है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच खादों की मांग में गिरावट को बड़ी घटना के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि विदेशी बाजारों में रासायनिक खादों के दाम दोगुने तक पहुंच गए हैं और भारत बड़ी मात्रा में इसका आयात करता है. वहीं, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक दिन पहले ही महीने भर चलने वाले 'खेत बचाओ अभियान' की शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य केमिकल खादों के इस्तेमाल को कम करना है और मिट्टी की सेहत सुधारनी है. इस हिसाब से खादों की मांग में कमी को अच्छे संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने महाराष्ट्र सरकार पर थुम्मिडीहेट्टी बैराज परियोजना को लेकर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से अधिक समय से 2,000 एकड़ भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा के लिए समय मांगा जा रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. रेवंत रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराज्यीय जल विवादों को मुख्यमंत्रियों के स्तर पर सुलझाने की बात करते हैं, लेकिन महाराष्ट्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि वह टकराव नहीं बल्कि समाधान चाहते हैं, लेकिन यदि तेलंगाना के किसानों और राज्य के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे.
जलवायु परिवर्तन भारत के गेहूं उत्पादन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. क्लाइमेट ट्रेंड्स की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ता तापमान, खासकर सर्दियों में गर्मी और रात के समय तापमान में वृद्धि, गेहूं की पैदावार और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर रही है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में रात का तापमान दिन की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहा है, जिससे फसल के दाना भरने और पकने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है. फरवरी और मार्च में बढ़ती गर्मी के कारण गेहूं के दाने छोटे रह जाते हैं और उत्पादन घटता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बेमौसम बारिश, कीट प्रकोप और बढ़ती लागत किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं. विशेषज्ञों ने खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के लिए जलवायु-अनुकूल खेती, गर्मी-सहनशील किस्मों, बेहतर सिंचाई और मौसम आधारित सलाह सेवाओं को बढ़ावा देने की जरूरत बताई है.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग दौरे के दौरान राज्य की साय सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद, यूरिया और बिजली की कोई कमी नहीं है, लेकिन ये चीजें लोगों को समय पर नहीं मिल रही हैं. बघेल ने आरोप लगाया कि खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद किसान डीएपी, यूरिया और पोटाश के लिए भटक रहे हैं, जबकि बिजली कटौती और ईंधन की कमी से खेती और परिवहन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने नीट और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला और कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था संभालने में नाकाम रही है. साथ ही, भाजपा नेताओं और अधिकारियों के बीच बढ़ते विवादों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह के हालिया बयान सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हैं और यह उनकी अपनी सरकार को ‘फेल’ बताने जैसा है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खरीफ सीजन से पहले किसानों को भरोसा दिलाया है कि राज्य में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रही है और किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण डीएपी उर्वरक के आयात पर असर पड़ा है, लेकिन इसकी भरपाई के लिए एनपीके, एसएसपी, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं. उन्होंने कहा कि कहीं-कहीं खाद की कमी की शिकायत वितरण संबंधी समस्या हो सकती है, न कि स्टॉक की कमी. सरकार किसानों तक पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज पहुंचाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है और खेती के लिए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे.
2 जून को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है. वहीं कुछ स्थानों पर धूल भरी आंधी और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today