Agriculture Live Blogदेश में कई राज्यों में बुधवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली. दिल्ली-एनसीआर में भी कई घंटे तक हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई. अब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई के लिए भी कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है. हालांकि, विभाग का कहना है कि 9 जुलाई के बाद मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है, जबकि उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में मॉनसून सक्रिय बना रहेगा. साथ ही, अगले दो-तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने तथा पूरे देश को कवर करने की परिस्थितियां अनुकूल हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
कोरबा: अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले के एक जंगल में जंगली मशरूम इकट्ठा करते समय 55 वर्षीय एक व्यक्ति को हाथी ने कुचलकर मार डाला. दो हफ़्ते से भी कम समय में यह इस तरह की दूसरी मौत है. वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मृतक, पिडिया गाँव के रहने वाले जहाज सिंह राठिया, सुबह 'पुटू' (जंगली मशरूम) इकट्ठा करने के लिए तुर्रीकात्रा जंगल गए थे. 'पुटू' एक मौसमी जंगली उपज है जिसे आमतौर पर मॉनसून के दौरान इकट्ठा किया जाता है और सब्ज़ी के तौर पर पकाया जाता है। इसी दौरान उनका सामना एक हाथी से हो गया. जंगली जानवर ने अचानक राठिया पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. (पीटीआई)
नई दिल्ली: गुरुवार को पर्यावरण एक्सपर्ट्स ने कहा कि रात भर हुई भारी बारिश, जिससे दिल्ली में कम से कम पांच पेड़ उखड़ गए, ने एक बार फिर शहर के पुराने पेड़ों पर बेतहाशा कंक्रीटाइजेशन, खराब शहरी प्लानिंग और अवैज्ञानिक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लंबे समय के असर को उजागर किया है. रात भर हुई भारी बारिश के बाद राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम पांच पेड़ उखड़ गए, जिससे ट्रैफिक बाधित हुआ और रंजीत नगर में खड़ी एक कार को नुकसान पहुंचा. किसी के घायल होने की खबर नहीं है. इन घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए पर्यावरण एक्टिविस्ट भवरीन कंधारी ने कहा कि बारिश के दौरान पेड़ अचानक खतरनाक नहीं हो जाते, बल्कि सालों तक इंसानी दखल के कारण धीरे-धीरे कमजोर हो जाते हैं. (पीटीआई)
नई दिल्ली: गुरुवार को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार मॉनसूनी बारिश ने भारी तबाही मचाई. सड़कों पर पानी भर गया, पेड़ उखड़ गए, संपत्ति को नुकसान पहुंचा और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. वहीं, और बारिश की चेतावनी के बीच अधिकारी हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटे रहे. कई शहरों में सड़कें और रिहायशी इलाके पानी में डूबे रहे; लोगों को घुटने तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा और मुख्य सड़कों व हाईवे पर ट्रैफिक रेंगता रहा. तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे रास्ते बंद हो गए. साथ ही, बाढ़ के कारण गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई और घरों को नुकसान पहुंचा. महाराष्ट्र के पुणे के पास पिंपरी-चिंचवड़ में एक 'वेस्ट-टू-एनर्जी' प्लांट में एक दिन पहले गिरी इमारत के मलबे में बचाव कार्य भी जारी रहा. भारी बारिश के कारण कचरे का एक विशाल ढेर ढह जाने से यह इमारत गिर गई थी. (पीटीआई)
आज उत्तर प्रदेश में सक्रिय मॉनसून के चलते कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है. इस बीच, सचेत ऐप के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 41 जिलों में अगले 3 घंटे के दौरान गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
इन जिलों में अलर्ट
हमीरपुर, फ़तेहपुर, जालौन, राय बरेली, अमेठी, कानपुर नगर, इटावा, मैनपुरी, सुल्तानपुर, अयोध्या, कानपुर देहात, उन्नाव, औरैया, लखनऊ, बाराबंकी, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, रामपुर, अलीगढ़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, संभल, हापुड़, अमरोहा, गाज़ियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर
तिरुवनंतपुरम: केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने के बीच, IMD ने गुरुवार को राज्य के तीन ज़िलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड ज़िलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया. विभाग ने छह अन्य ज़िलों- एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया.
बिहार के पूर्व कृषि मंत्री और वर्तमान में बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने मोतिहारी से सांसद और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मोतिहारी के पिपराकोठी में जो वाटर पार्क सरकार द्वारा किसानों से जबरदस्ती जमीन लेकर बनाया जा रहा है, वह सांसद राधा मोहन सिंह के इशारे पर बनाया जा रहा है. ताकि वाटर पार्क सरकारी खर्च पर बनने के बाद राधा मोहन सिंह अपने किसी रिश्तेदार को ₹1 के लीज पर उसे चलाने के लिए दे देंगे. आगे उन्होंने उसे पर उन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें गिफ्ट में हर साल जमीन मिलती हैं और जो गिफ्ट देने वाले लोग हैं अगर उनके जमीन से जुड़े दस्तावेज की जांच पड़ताल की जाए तो वह एक या दो साल पहले उस जमीन को खरीदे होते हैं और उसके बाद वह राधा मोहन सिंह को जमीन गिफ्ट में दे देते हैं.
वहीं, उन्होंने कहा कि पूरे जिले में राधा मोहन सिंह सबसे बड़े भूमिया हैं. उन्होंने कहा कि मोतिहारी जिले में कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जो जमीन के अभाव में अब तक नहीं बन पाए हैं, लेकिन सरकार उन संस्थाओं को जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है. इसके बजाय वाटर पार्क बनाने के लिए किसानों की जमीन जबरदस्ती कब्जा कर बनाई जा रही है.उन्होंने यह भी कहा कि देश के किसी भी राज्य में सरकारी खर्च पर और सरकारी जमीन पर वाटर पार्क नहीं बनता है, लेकिन बिहार एक ऐसा राज्य है, जहां सरकारी खर्च और सरकारी जमीन पर वाटर पार्क बनाया जा रहा है. (इनपुट- अंकित सिंह)
नई दिल्ली: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने एक अंतरिम आदेश जारी कर ज़िला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में 200 एकड़ के वन क्षेत्र, 'साईं उपवन' में कोई अवैध निर्माण न हो. यह ग्रीन बॉडी शहर के जंगल (जिसे शहर के 'फेफड़े' के रूप में भी जाना जाता है) में कई पर्यावरणीय समस्याओं के कारण बिगड़ती स्थिति से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही है. 2 जुलाई के एक आदेश में, NGT के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर अफ़रोज़ अहमद की बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील आकाश वशिष्ठ की दलीलों पर ध्यान दिया. वकील ने कहा कि 2021-2031 के मास्टर प्लान के तहत इस क्षेत्र को 'सिटी फ़ॉरेस्ट' (शहर का जंगल) घोषित किए जाने के बावजूद, गाज़ियाबाद नगर निगम इसके अंदर "अवैध निर्माण" कर रहा है. (पीटीआई)
उत्तर प्रदेश में मॉनसून सक्रिय होने के कारण कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बताया गया है. वहीं कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, शाहजहांपुर सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा और आसपास के इलाकों में भी तेज बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की है. लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है.
कर्जमाफी, फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और किसानों की अन्य लंबित मांगों को लेकर क्रांतिकारी शेतकरी संगठन के नेता रविकांत तुपकर ने बुधवार को महाराष्ट्र विधानभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. तुपकर ने राज्य सरकार पर किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया. प्रदर्शन के दौरान वे बड़ी संख्या में किसानों के साथ विधानभवन की ओर कूच कर गए और परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की. इस दौरान उन्होंने किसानों के सातबारा (भूमि रिकॉर्ड) की प्रतियां विधानभवन की ओर फेंकीं और विरोध दर्ज कराने के लिए सोयाबीन तथा कपास बिखेर दिए. अचानक हुए इस प्रदर्शन से विधानभवन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. भारी पुलिस बंदोबस्त के बावजूद तुपकर और उनके समर्थक मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचने में सफल रहे. उन्होंने सरकार से किसानों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने और कर्जमाफी व फसल बीमा जैसे मुद्दों का तत्काल समाधान करने की मांग की.
उत्तराखंड में मॉनसून की गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं. इसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून ने 9 और 10 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी रखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. मौसम विभाग के अनुसार, 9 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है. IMD के मुताबिक, 10 जुलाई को ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत में भी अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. दोनों दिनों के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बहुत तेज बारिश के दौर पड़ सकते हैं. मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग में तबादलों का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है. विभागीय मंत्री नंद किशोर राम ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर और स्थानांतरण किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी पिछले 18-20 साल से एक ही जिले या एक ही स्थान पर तैनात हैं, उन्हें अब बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए. मंत्री ने कहा कि बिहार सिर्फ पटना तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के सभी जिलों में विभाग की जिम्मेदारी है. उनका उद्देश्य है कि अधिकारी जिलों और गांवों में जाकर किसानों के बीच काम करें और योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाएं. उन्होंने लंबे समय से एक ही जगह पर जमे अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग को बेहतर बनाने के लिए फील्ड में सक्रियता जरूरी है. साथ ही उन्होंने बायोमेट्रिक हाजिरी को सख्ती से लागू करने की बात कही, ताकि कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़े. हाल के तबादलों पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से की जा रही है. उन्होंने साफ किया कि अभी और तबादले होंगे और इनका उद्देश्य विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार लाना है.
उत्तराखंड के कद्दूखाल में राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर बुधवार शाम हुए भूस्खलन के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. करीब शाम 4 बजे पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरक गया, जिसकी चपेट में आसपास के क्षेत्र आ गए. भूस्खलन के चलते दो रेस्टोरेंट खतरे की जद में आ गए, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों रेस्टोरेंट को खाली करा दिया. सुरक्षा को देखते हुए आसपास के खोखे और श्रमिकों की झुग्गियों को भी खाली कराया गया. इस घटना में एक पुराना खाली भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित क्षेत्र को तत्काल खाली कराया गया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक व्यक्ति द्वारा होटल निर्माण के लिए कराई जा रही खुदाई के कारण पहाड़ी कमजोर हुई और उसका हिस्सा टूटकर नीचे आ गया. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. दोनों नदियां उफान पर बह रही हैं, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जलस्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है. जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर 623.15 मीटर और मंदाकिनी नदी का जलस्तर 622.23 मीटर दर्ज किया गया है. प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है. नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं संबंधित विभागों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. केदारनाथ धाम में भी बारिश का दौर जारी है, लेकिन फिलहाल यात्रा सामान्य रूप से चल रही है. प्रशासन मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखी गई हैं.

दिल्ली में लगातार हो रही बारिश का असर अब यमुना नदी पर भी दिखाई देने लगा है. रातभर हुई तेज बारिश के कारण यमुना के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है. नदी में पानी बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. मौसम में लगातार नमी और बारिश के चलते दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली. प्रशासन ने यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए रखी है और संभावित खतरे वाले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में बारिश जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है. लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
देश में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ मध्य और उत्तरी मैदानी इलाकों में लगातार मध्यम बारिश हो रही है. वहीं, दिल्ली में तेज बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है और कई जगहों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं बारिश को लगातार बढ़ावा दे रही हैं. पूर्वोत्तर भारत अभी भी सबसे ज्यादा बारिश वाला क्षेत्र बना हुआ है. दोपहर तक देश के लगभग एक तिहाई हिस्से में बारिश दर्ज की जा रही है. आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तंबाकू किसानों की समस्याओं को देखते हुए कंपनियों को तुरंत खरीद प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं. सचिवालय में अधिकारियों और व्यापारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने तंबाकू बोर्ड की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और कहा कि खरीद में देरी से किसानों का भरोसा कमजोर हो रहा है. नायडू ने कहा कि सभी तंबाकू की खरीद राज्य सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर होनी चाहिए और कीमत 200 रुपये प्रति किलो से कम नहीं होनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को परेशानी में डालने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने 28 कंपनियों की खरीद प्रतिबद्धताओं की समीक्षा की. उन्होंने खासतौर पर ITC लिमिटेड, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया और VST इंडस्ट्रीज की धीमी खरीद पर सवाल उठाए. इन कंपनियों ने 9.55 करोड़ किलो तंबाकू खरीद का लक्ष्य दिया था, लेकिन अब तक केवल 1.76 करोड़ किलो की खरीद हुई है. कंपनियों ने बताया कि इस साल तंबाकू उत्पादन मांग से ज्यादा होने और निर्यात में कमी के कारण खरीद प्रभावित हुई है. अधिकारियों के अनुसार, कंपनियों ने 14.2 करोड़ किलो खरीद का लक्ष्य रखा था, जबकि किसानों ने 23.2 करोड़ किलो उत्पादन किया, जिससे बाजार में अधिक आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बना.
कुमकुम को लेकर दिए गए एक बयान पर कर्नाटक में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. बीजेपी नेताओं ने मंत्री प्रियंक खड़गे के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें कुमकुम बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं है. बीजेपी का कहना है कि पवित्र कुमकुम के निर्माण में मुख्य रूप से हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है, न कि केसर का. हल्दी कर्नाटक के चामराजनगर सहित देश के कई हिस्सों में किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर उगाई जाती है. बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रियंक खड़गे बार-बार हिंदू धर्म, परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े विषयों पर ऐसे बयान देते हैं, जिससे लोगों की भावनाएं आहत होती हैं. उन्होंने कहा कि मंत्री को अपने विभाग की जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए, न कि धार्मिक परंपराओं पर टिप्पणी करनी चाहिए. हालांकि, इस मामले पर प्रियंक खड़गे की ओर से प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
राजस्थान में पाँचना परियोजना के कमांड क्षेत्र से जुड़े किसानों की मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन आखिरकार बातचीत के बाद समाप्त हो गया. कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की पहल और प्रयासों से सरकार, प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी. जानकारी के अनुसार, किसानों की समस्याओं को लेकर देर रात से सुबह करीब 3-4 बजे तक लंबी वार्ता चली. इस दौरान किसान प्रतिनिधियों की मांगों को गंभीरता से सुना गया और समाधान निकालने पर चर्चा हुई. डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं पर सरकार सकारात्मक कदम उठाएगी. मंत्री के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना और जाम समाप्त करने का फैसला लिया. इस दौरान डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद और आपसी सहमति से किया जा सकता है. किसानों का कहना है कि अब उन्हें सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है.
पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने सूरत समेत पूरे दक्षिण गुजरात में आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार हो रही भारी बारिश के कारण इलाके की मुख्य खाड़ियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जिससे तटीय और निचले रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है. राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुरुवार को सूरत का दौरा करेंगे ताकि स्थिति का जायजा ले सकें और राहत कार्यों की समीक्षा कर सकें. मुख्यमंत्री के दौरे से पहले, सूरत के प्रभारी मंत्री कनुभाई देसाई ने कलेक्टर कार्यालय में नेताओं और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.
नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई देने लगा है. बारिश के चलते गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके मद्देनजर बगहा स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से फिलहाल 85 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बैराज और नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा नेपाल के कैचमेंट क्षेत्रों में होने वाली बारिश के आधार पर जलप्रवाह में आगे बदलाव संभव है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन का कहना है कि यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो गंडक नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है. इसे देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है. वहीं, स्थानीय लोग और किसान भी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं.
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