Agriculture Live Blogदेश के कई क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. मार्च में ही अप्रैल-मई जैसी तेज गर्मी से परेशान लोगों को रविवार को हुई हल्की बारिश ने काफी राहत दी. India Meteorological Department (आईएमडी) के अनुसार आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश, बिजली चमकने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा में बने विभिन्न साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह मौसम प्रणाली बन रही है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक महसूस किया जाएगा. इसी वजह से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है.
खाड़ी देशों में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब महाराष्ट्र के जालना ज़िले के तरबूज़ किसानों पर साफ़ दिखाई दे रहा है. खाड़ी देशों में रमज़ान के दौरान तरबूज़ की उच्च मांग को देखते हुए किसानों ने इस मौसम में बड़े पैमाने पर फ़सल बोई थी. उन्हें उम्मीद थी कि प्रति टन 20,000–30,000 रुपये मिलेंगे, लेकिन निर्यात रुक जाने के कारण बाज़ार में कीमतें गिरकर सिर्फ़ 7,000 रुपये प्रति टन रह गई हैं. खेती की लागत, सिंचाई, मज़दूरी और ढुलाई का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है. निर्यात बाधित होने और स्थानीय थोक बाज़ारों में तरबूज़ की भरमार के कारण कीमतें और नीचे गिर रही हैं. जालना के किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और अगले मौसम की तैयारी पर अनिश्चितता जताई जा रही है. किसान सरकार से राहत और बाज़ार समर्थन की मांग कर रहे हैं.
ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से फारसी खाड़ी क्षेत्र, खासकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में खाद्य महंगाई और आपूर्ति संकट बढ़ गया है. सब्जियों, फलों और अनाज की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं, कई उत्पादों की उपलब्धता कम हो गई है. माल ढुलाई प्रभावित होने से व्यापारी श्रीलंका, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देशों से आपूर्ति ला रहे हैं, लेकिन बढ़ती फ्रेट लागत के कारण ऑर्डर रद्द हो रहे हैं. रमज़ान के समय में फल और सब्जियों की मांग बढ़ने के बावजूद सीमित आपूर्ति उपभोक्ताओं के लिए समस्या बन रही है. सरकार और व्यापारी वैकल्पिक रास्तों से स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे हैं.
पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिला है. बीती रात से कई इलाकों में तेज हवा, बादल और हल्की बारिश हुई है. खासकर प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों और आसपास के जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार यह मौसम 16 मार्च तक ऐसा ही रह सकता है. इसके बाद 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे तापमान थोड़ा बढ़ सकता है. फिर 19 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है, जो 21 मार्च तक कई जगहों पर जारी रह सकता है. इस बारिश के कारण तापमान फिर से गिरकर सामान्य के आसपास पहुंच सकता है.
पटना के गांधी मैदान में आयोजित 'एग्रो बिहार 2026 कृषि मशीनीकरण मेला' सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है. इस चार-दिवसीय आयोजन के दौरान, किसानों ने आधुनिक कृषि मशीनों में काफी दिलचस्पी दिखाई और कुल 395 उपकरण खरीदे. सरकार ने इन मशीनों की खरीद पर किसानों को ₹1.85 करोड़ से अधिक की सब्सिडी प्रदान की. इस मेले में 35,000 से अधिक किसानों और आम लोगों ने हिस्सा लिया. यहाँ किसानों को नई कृषि तकनीकों, मशीनों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई. बिहार कृषि विभाग द्वारा आयोजित यह मेला, किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ.
पूर्वी भारतीय राज्यों बिहार और झारखंड में भी मौसम में बदलाव के संकेत साफ नज़र आ रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, इन दोनों राज्यों के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका है. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है. IMD ने चेतावनी जारी की है कि बिहार, झारखंड और आस-पास के इलाकों में तेज़ हवाएँ चल सकती हैं और बिजली गिर सकती है. इसलिए, किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. बारिश के कारण इन राज्यों में तापमान में थोड़ी गिरावट भी आ सकती है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी.
भारत के कई राज्यों में आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवा और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है. खासकर उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी-मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिलेगा. इस बदलाव की वजह से कुछ जगहों पर तापमान भी कम हो सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि असम में 15 मार्च को बहुत तेज बारिश हो सकती है. इसके बाद 16 और 17 मार्च को भी यहां अच्छी बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 मार्च तक कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. मिजोरम में भी 15 मार्च को तेज बारिश होने का अनुमान है. इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है. पूर्वोत्तर भारत के कई अन्य राज्यों जैसे नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा में भी बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है. हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
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