Agriculture Live Blogदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है क्योंकि दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. इसके असर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दोबारा 9 से 11 फरवरी के बीच कहीं-कहीं से लेकर कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है. वहीं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में 7 फरवरी तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने के आसार हैं, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है. हिमाचल प्रदेश में कोहरे की स्थिति 7 फरवरी तक बनी रह सकती है, इसके बाद धीरे-धीरे राहत मिलने की उम्मीद है.
AIADMK प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने रविवार को मांग की कि तमिलनाडु सरकार डेल्टा क्षेत्र में खड़ी धान की फसलों को बचाने के लिए मेट्टूर बांध से तुरंत पानी छोड़े.
तंजावुर जिले में परेशान किसानों से बात करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि धान की फसलें, जो अभी फूल आने (दूध बनने) की स्टेज में हैं, उन्हें अच्छी फसल के लिए कम से कम अगले 20 दिनों तक तुरंत सिंचाई की ज़रूरत है.
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अधिकारियों ने बताया कि रविवार तड़के सत्यमंगलम टाइगर रिजर्व में हाथियों के झुंड ने एक 30 साल के किसान को कुचलकर मार डाला.
मृतक की पहचान महेश के रूप में हुई है, जिसकी थलवाड़ी के पास खेती की ज़मीन थी.
वन अधिकारियों के अनुसार, महेश रात में अपनी ज़मीन पर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली जानवरों को भगाने गया था.
रात करीब 2 बजे हाथियों का एक झुंड खेत में घुस आया और फसल खाने और नुकसान पहुंचाने लगा.
BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने रविवार को कहा कि मोदी सरकार ने "कूटनीति और धैर्य" से अमेरिका के साथ ट्रेड डील की, जिससे किसानों और मज़दूरों के हित सुरक्षित रहें.
नबीन ने यह बात रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके कैबिनेट मंत्रियों के साथ 500 ई-बसों को हरी झंडी दिखाते हुए कही.
BJP अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने "कूटनीति और धैर्य" से अमेरिका के साथ ट्रेड डील की.
नबीन ने कहा, "मैं इस डील के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं. उन्होंने किसानों, मज़दूरों के हितों की रक्षा की है और देश के आत्म-सम्मान को बढ़ाया है."
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में 'ग्राम उत्थान' शिविर आयोजित किए जा रहे हैं कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं किसानों, मजदूरों, पशुपालकों और यहां तक कि सबसे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक पहुंचें.
अलवर जिले के रामगढ़ के बहला गांव में एक शिविर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार योग्य लाभार्थियों तक पहुंच रही है और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान कर रही है.
इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव भी मौजूद थे.
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 'ग्राम उत्थान शिविर' पहल डेयरी, सौर ऊर्जा और ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं को सुचारू रूप से लागू करने में मदद कर रही है, और इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान समावेशी विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रविवार को केंद्र सरकार के इस रुख की आलोचना की कि धान के उत्पादन में बढ़ोतरी देश पर "बोझ" है. उन्होंने इसे किसानों के लिए एक चुनौती और केरल के प्रति दुश्मनी का संकेत बताया.
एक बयान में, मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने मांग की है कि केरल धान किसानों को दिया जाने वाला अतिरिक्त प्रोत्साहन बोनस बंद कर दे.
विजयन ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय सचिव ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि चूंकि धान का उत्पादन ज़रूरत से ज़्यादा है, इसलिए खरीद की लागत सरकारी खजाने पर बोझ बन जाएगी.
विजयन ने कहा कि इस बात की जानकारी देने वाला एक पत्र राज्य के मुख्य सचिव को मिला है.
ओडिशा के उप मुख्यमंत्री केवी सिंह देव ने कहा कि राज्य सरकार रबी मौसम के दौरान कम समय में पकने वाली दालों और तिलहन को बढ़ावा देकर धान की खाली पड़ी ज़मीन के बड़े हिस्सों को उपजाऊ बनाने पर काम कर रही है.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सिंह देव ने शनिवार को मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत आयोजित दालों पर एक राष्ट्रीय स्तर की वर्कशॉप को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं.
राजस्थान के धौलपुर जिले के उद्यान विभाग ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत हाईटेक हॉर्टिकल्चर पर दो दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया. धौलपुर कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित वर्कशॉप में जिले के किसानों को हाईटेक जैविक खेती के बारे में कृषि वैज्ञानिकों ने विस्तार से जानकारी दी. किसानों को उद्यान विभाग की ओर से जैविक खेती कैसे की जाती हैं, उसका प्रशिक्षण दिया गया. किसानों को पारंपरिक खेती के साथ जैविक खेती करने की सलाह दी गई, जिससे अधिक मुनाफा कमाया जा सके.
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज बेंगलुरू पहुंचे. वे यहां आयोजित एग्रीकल्चर ट्रेड फेयर को संबोधित करेंगे. इस फेयर में कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न उत्पादकों, किसान संघों और उद्योगपतियों की भागीदारी रहेगी. मंत्री चौहान का उद्देश्य इस कार्यक्रम के माध्यम से कृषि विकास, नई तकनीक और किसानों के कल्याण से संबंधित पहलों पर प्रकाश डालना है.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने आज स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते में किसानों और कृषि उत्पादों की सुरक्षा सर्वोपरि रखी गई है. मंत्री ने कहा कि ऐसे कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किए गए हैं, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो. सभी संवेदनशील और प्रमुख वस्तुएँ समझौते से पूरी तरह बाहर रखी गई हैं. उन्होंने कहा कि सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर अमेरिका के लिए कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है. इसका मतलब यह है कि भारत के प्रमुख अनाज और फल पूरी तरह सुरक्षित हैं और अमेरिका के लिए कोई द्वार नहीं खोला गया. इसके अलावा, छिल्का रहित अनाज, आटा, गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, दलहनी उत्पाद, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी और मिक्स्ड डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत में नहीं आएंगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादों में लिक्विड, पाउडर, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर और चीज़ को भी भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा. इससे भारतीय डेयरी उत्पाद और किसानों की आजीविका सुरक्षित रहेगी. कृषि और डेयरी उत्पादों के अलावा, मसालों में काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवाइन, मेथी, केसिया, सरसों, राई, भूसी और अन्य पाउडर मसाले भी भारत में नहीं मंगवाए जाएंगे. मंत्री ने कहा कि इससे लगभग हमारे सभी मसाले सुरक्षित रहेंगे.
भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण कृषि उत्पादों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है. इसका उद्देश्य भारतीय किसानों और उनके परिवारों की आजीविका को सुरक्षित रखना है. मंत्री ने कहा कि अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है. इसके अलावा, छिल्का रहित अनाज और आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारत में नहीं आएंगी. दुग्ध उत्पादों में लिक्विड, पाउडर और कंडेंस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर, व्हे और चीज़ को भी भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा. शिवराज सिंह चौहान ने मसालों के मामले में भी स्पष्ट किया कि काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, सरसों, राई और अन्य पाउडर मसाले भारत में आयात नहीं होंगे. मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से भारत के किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रहेगी और भारतीय कृषि की शुद्धता और सुरक्षा बनी रहेगी.
भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते में किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा गया है. मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में ऐसा कोई भी उत्पाद शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारतीय किसानों को कोई नुकसान पहुंचे. उन्होंने कहा कि सभी संवेदनशील वस्तुओं को समझौते से पूरी तरह बाहर रखा गया है, जिससे देश के कृषि क्षेत्र की सुरक्षा बनी रहे. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) उत्पादों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. शिवराज सिंह चौहान ने इस निर्णय को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह कदम भारतीय कृषि की शुद्धता बनाए रखने, मिट्टी और बीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है.
इंडिया-यूएस अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है. पार्टी ने कहा कि यह समझौता किसी बराबरी की डील नहीं, बल्कि देश के हितों और आत्मसम्मान के साथ समझौता है. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस फैसले से भारत अमेरिकी उत्पादों का डंपिंग ग्राउंड बन जाएगा और इसका सबसे बड़ा नुकसान किसानों, MSME और मध्यम वर्ग को होगा. कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह समझौता भारत के 75 वर्षों के आर्थिक और राजनीतिक रुख के खिलाफ है. वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संयुक्त बयान में इस्तेमाल हुए ‘एडिशनल प्रोडक्ट्स’ शब्द पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बहुत खुला और अस्पष्ट है. उन्होंने आशंका जताई कि इससे GM फसलों और डेयरी आयात का रास्ता खुल सकता है, जिससे किसानों की चिंताएं और बढ़ेंगी.
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भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार करार को सरकार बड़ी उपलब्धि बता रही है. मंत्री बयान दे रहे हैं और इसे देश के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है. लेकिन इस करार को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या वाकई यह समझौता भारत के किसानों और आम लोगों के हित में है, या फिर नुकसान को जीत बताने की कोशिश की जा रही है? जब सच्चाई की परतें खुलती हैं, तो तस्वीर कुछ और ही नजर आती है.
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि मौसम के लिहाज से आने वाले कुछ दिन खासकर पहाड़ी इलाकों के लिए अहम रहने वाले हैं. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 9 से 11 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिलेगा. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. उत्तराखंड में आज सुबह और रात के समय घने कोहरे का अलर्ट है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है. वहीं, मछुआरों 12 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों और श्रीलंका तट के पास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
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