Agriculture Live Blogदेश के बड़े हिस्से में अब गर्मी का असर दिखने लगा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने अपने ताजा बुलेटिन में भी उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर बने रहने की चेतावनी दी है. साथ ही दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभों के असर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 3 और 4 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. मौसम के अलावा यहां आप अन्य कृषि से जुड़ी अपडेट पढ़ सकते हैं.
डॉ. मोहन यादव ने कहा मध्यप्रदेश ने पिछले दस सालों में खेती के क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और हर साल लगभग 16% विकास दर हासिल की है. राज्य ने फसल की पैदावार, उत्पादन क्षमता, दूध और मछली पालन में भी अच्छी प्रगति की है. अब राज्य का लक्ष्य खेती को सिर्फ पारंपरिक तरीका से आगे बढ़ाकर किसानों के लिए एक लाभकारी व्यवसाय बनाना है.
श्रीगंगानगर जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियों के लिए आधार सीडिंग और डीबीटी प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है. अब तक 1,73,335 कृषकों ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन शेष 7,153 कृषक यदि इसे पूरा नहीं करेंगे, तो उन्हें आगामी किस्तों का लाभ नहीं मिलेगा.
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि लाभार्थियों की सुविधा हेतु इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक द्वारा जिले के विभिन्न ब्लॉक्स में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे. कृषक अपने आधार और बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज लेकर इन शिविरों में उपस्थित होकर डीबीटी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. शिविरों की तिथियाँ 26 फरवरी से लेकर 21 अप्रैल 2026 तक विभिन्न ब्लॉक्स में निर्धारित की गई हैं.
इसके अलावा, जिन किसानों का e-KYC लंबित है, वे नजदीकी ई-मित्रा या CSC सेंटर पर जाकर इसे पूरा करें ताकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किश्तें समय पर उनके खाते में ट्रांसफर हो सकें.
दूध उत्पादन के मामले में भारत विश्व में नंबर वन है. कई बड़े विकसित देश भी इस मामले में पीछे हैं. करीब 27 साल से देश दूध उत्पादन में नंबर वन बना हुआ है. इंडियन डेयरी सेक्टर 25 करोड़ टन दूध उत्पादन के आंकड़े पर पहुंच चुका है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो आने वाले कुछ साल में ये आंकड़ा डबल से भी ज्यादा हो सकता है. लेकिन इसके लिए जरूरत है कि पशुपालन साइंटीफिक तरीके से किया जाए. कुछ लोगों का मानना है कि गर्मियों के दौरान दूध उत्पादन घट जाता है. लेकिन ये पूरी तरह से सही नही है.
उत्पादन घटने की जो वजह हैं उन्हें दूर भी किया जा सकता है. उसके लिए जरूरी है कि डेयरी और पशुपालन एक्सपर्ट के बताए कुछ टिप्स का पालन किया जाए. एक्सपर्ट पशुपालन और डेयरी में 20 खास काम करने की सलाह देते हैं. इसीलिए मिल्क रेव्युलेशन-2 की शुरुआत भी की गई है. देश में इंडियन डेयरी का ढांचा इस तरह का है कि उसके हिसाब से दूध उत्पादन को कभी भी बढ़ाया जा सकता है.
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ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों और ईरानी ऑयल फील्ड्स पर खतरे की आशंका ने पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है. इस बढ़ती अनिश्चितता का सीधा असर भारत के आर्थिक हितों पर दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देशों पर अधिक बोझ पड़ सकता है. लेकिन तेल के साथ-साथ एक और बड़ा क्षेत्र प्रभावित हो रहा है, वह है भारतीय बासमती चावल का निर्यात. ईरान भारतीय बासमती चावल का सबसे बड़ा बाजार है, और इस युद्ध से इस व्यापार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. आपको बता दें कि साल 2025 में अकेले भारत ने ईरान को 1.2 बिलियन डॉलर का बासमती चावल एक्सपोर्ट किया था.
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हाल ही में केन्द्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने डेयरी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. अपने बयान में उन्होंने पशुपालकों को होने वाले मुनाफे का जिक्र किया है. उनका कहना है कि पशुपालन के काम से जुड़ी माता और बेटियों को दूध बेचकर मोटा मुनाफा सिर्फ कोऑपरेटिव डेयरी से मिलता है. जबकि प्राइवेट डेयरी का टर्नओवर कितना भी बढ़ जाए, लेकिन पशुपालकों को एक तय रकम ही मुनाफे के तौर पर मिलती है. ये प्राइवेट और कोऑपरेटिव डेयरी में बुनियादी अंतर है. अपने इस बयान पर उन्होंने कोऑपरेटिव डेयरी अमूल का उदाहरण देते हुए कहा कि अमूल में पूरा का पूरा मुनाफा पशुपालन करने वालों के हाथों में जाता है.
हाल ही में कोऑपरेटिव से जुड़ी भारत टैक्सी से जुड़े एक कार्यक्रम में उन्होंने ये बात कही है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो देशभर में आठ करोड़ परिवार दूध उत्पादन के काम से जुड़े हैं. इसमे से करीब डेढ़ करोड़ परिवार ही डेयरी कोऑपरेटिव से जुड़े हुए हैं. इसका सीधा सा मतलब है कि बाकी के 6.5 करोड़ परिवारों को दूध का सही दाम नहीं मिल पा रहा है.
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उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 5 दिनों तक तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रहने की संभावना है. इसका मतलब है कि लोगों को मार्च की शुरुआत में ही तेज गर्मी महसूस होगी. खासकर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिन का तापमान तेजी से बढ़ेगा. मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है. दिल्ली में 2 से 4 मार्च तक आसमान ज्यादातर साफ रहेगा. दिन में तेज धूप निकलेगी और हल्की से मध्यम तेज हवाएं चलेंगी. 2 मार्च को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है. 3 मार्च को तापमान 32 से 34 डिग्री तक जा सकता है. 4 मार्च को पारा 35 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है. यह तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहेगा. सुबह के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से हल्की हवा चलेगी, जो दोपहर में तेज होकर 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. शाम को हवा की रफ्तार फिर कम हो जाएगी.
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