Agriculture Live Blogबंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में बने सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र के असर से अगले सात दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है. कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. वहीं, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले सात दिनों तक तथा उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक बारिश अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को शिवहर ज़िले में 330 करोड़ रुपये से ज़्यादा की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की, जिसमें बागमती-बूढ़ी गंडक नदी को जोड़ने वाली परियोजना के तहत एक लिंक चैनल भी शामिल है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 130.88 करोड़ रुपये की लागत से बना 68.80 किलोमीटर लंबा बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल (बेलवाधार) खेती की पैदावार बढ़ाएगा, रोज़गार के नए मौके पैदा करेगा और एक विकसित बिहार बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.
चमोली बदरीनाथ धाम में शनिवार रात हुई बारिश के बाद अलकनंदा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है. मंदिर के सामने बहने वाली अलकनंदा अपने तेज बहाव और उफनते स्वरूप में नजर आ रही है. नदी का पानी मंदिर के सामने स्थित पौराणिक बराह शिला से टकराकर ऊंची उछाल मार रहा है, मानसून के दौरान बदरीनाथ धाम में अलकनंदा का जलस्तर अक्सर तेजी से बढ़ जाता है. कई बार स्थिति ऐसी बनती है कि बराह शिला पूरी तरह नदी के जल में समा जाती है.
गुजरात के सूरत शहर में मौसम ने एक बार फिर अचानक से करवट बदली और घने काले बादलों फौज के साथ मेघराजाने धमाकेदार एंट्री की थी. मात्र कुछ ही समय में शहर में 2 इंच से अधिक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण सूरत शहर की कई इलाकों की सड़कों में पानी भर गया था. इस मूसलाधार बारिश के चलते वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. सूरत के वेशु वीआईपी इलाके में सड़क पर पानी भरने का विरोध करने के लिए स्थानीय निवासी सड़क पर आ गए थे.
यूपी के बांदा में रुक रुक हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसको लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है, जिला प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले हर एक गांव को चिन्हित कर वहां 5-5 अफसर और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, जिससे मौके की स्थिति से प्रशासन निगरानी रख रखे, साथ साथ 43 बाढ़ चौकियां एक्टिव की गई हैं, आने जाने वाले रास्ते जिनमे पानी भर जाता है, वहां नाव की व्यवस्था की गई है, सेल्फी बाजो की खैर नही है, इसके लिए pwd जालियां लगा रहा है, साथ साथ पुलिस की तैनाती की गई है. ADM का कहना है कि हम पूरी तरह से बाढ़ से निपटने को तैयार हैं, हमारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं.
भारत-अमेरिका के प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर विशाल किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी. यह महापंचायत सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी. इसका आयोजन देश बचाओ मोर्चा (DBM) के आह्वान पर किया जा रहा है. इसमें देशभर के विभिन्न राज्यों से किसान, मजदूर, व्यापारी, युवा, महिलाएं और सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे. भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील केवल किसानों का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक संप्रभुता, खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ा विषय है. उनका कहना है कि यदि यह समझौता लागू हुआ तो किसानों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि यह महापंचायत केवल विरोध का मंच नहीं होगी, बल्कि किसानों के अधिकारों की रक्षा और देशहित में आगे की रणनीति तय करने का अवसर भी बनेगी. इस दौरान संभावित राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा की जाएगी. आयोजकों ने मीडिया से इस कार्यक्रम की व्यापक कवरेज करने की अपील की है.
लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नवीन मुख्यालय भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन
उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने मानव-वन्यजीव द्वंद को भी आपदा के श्रेणी मे लेकर राहत देने का कार्य किया
मैं देख रहा था 2 दिन पूर्व मगरमच्छ ने बहराइच में 12 वर्ष के लड़के को निगल डाला. लोग वीडियो बनाते रहते हैं,लेकिन कोई भी बचाव के बारे में हिदायत नही देते हैं,12 साल के बच्चे को मगरमच्छ निगल गया
चंबा जिले के लाहडू–सिंहुंता सड़क मार्ग पर भूस्खलन का दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है. लगातार हो रही भारी बारिश के बीच कुछ ही पलों में सड़क के ऊपर का पूरा पहाड़ भरभराकर नीचे आ गिरा, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया.
गनीमत रही कि घटना के समय कोई वाहन या राहगीर भूस्खलन की चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया. यह सड़क धर्मशाला, चंबा और डलहौजी के बीच आने-जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं.
मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है.
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश के बीच भूस्खलन की एक खौफनाक घटना सामने आई है. लाहडू–सिंहुंता सड़क मार्ग पर अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. देखते ही देखते सड़क मलबे से पूरी तरह बंद हो गई और यातायात प्रभावित हो गया. राहत की बात यह रही कि जिस समय भूस्खलन हुआ, उस दौरान सड़क पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. यह मार्ग धर्मशाला, चंबा और डलहौजी को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक आवाजाही करते हैं. मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसके बाद पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं. प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी सड़कों पर सतर्कता बरतने की अपील की है.
कर्नाटक में सूखे के बढ़ते संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 20 जुलाई को आपात कैबिनेट बैठक बुलाने का फैसला किया है. बैठक में राज्य में सूखे की स्थिति, राहत उपायों और जल प्रबंधन पर चर्चा होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल बांधों का पानी केवल पीने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा और सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का फैसला जल भंडारण के स्तर को देखकर लिया जाएगा. उन्होंने किसानों से पर्याप्त पानी की उपलब्धता के बिना बुवाई न करने की अपील की है. शिवकुमार के अनुसार, राज्य में करीब 30 फीसदी कम बारिश हुई है, जिससे खेती, पेयजल और जलाशयों पर असर पड़ा है. उन्होंने केंद्र से सूखे का आकलन करने के लिए टीम भेजने की मांग की है. वहीं, कावेरी जल विवाद और किसानों की जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने सरकार का पक्ष रखा.
मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड में भारी बारिश को देखते हुए अलर्ट जारी किया है. देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में अगले तीन घंटों के दौरान तेज बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है. वहीं, अगले 24 घंटों के लिए ऊधमसिंह नगर, चंपावत और नैनीताल जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे जलभराव, भूस्खलन और अन्य आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है. प्रशासन ने लोगों से संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने और नदी-नालों व जलस्रोतों से दूरी बनाए रखने की अपील की है.
मौसम विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, मलबा गिरने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी स्थिति बनने की आशंका है. IMD ने खासतौर पर चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में सतर्क रहने की चेतावनी दी है. इन क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि भारी बारिश के कारण क्षेत्र की सभी नदियों, नालों और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर बढ़ सकता है. ऐसे में लोगों को जल निकायों के पास जाने से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
भारी बारिश के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हो गया है. रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण जखैनी और चेनानी के बीच अप-ट्यूब में कई जगहों पर भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाएं हुई हैं. प्रभावित हिस्सों को साफ करने का काम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से तेजी से किया जा रहा है. वहीं, देवाल के पास डाउन-ट्यूब, जिसे पहले बहाल कर दिया गया था, दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई है. मरम्मत का काम पूरा होने तक फिलहाल अप-ट्यूब से ही दोनों दिशाओं का यातायात संचालित किया जा रहा है.
भारी बारिश ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी तबाही मचा दी है. तेज बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से बेला कॉलोनी में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. बाढ़ के तेज बहाव में कई वाहन बह गए, जबकि रिहायशी इलाकों और कई सड़कों पर पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है.
मौसम विभाग (आईएमडी) ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, रविवार सुबह से दोपहर के बीच कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जबकि झोंकों के दौरान हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. बारिश के बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम है. आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
देश के कई राज्यों में ज़ोरदार बारिश हो रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान लगाया है. इसके चलते, विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 15 राज्यों में हल्की से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने और तूफ़ान आने की भी संभावना है. तेज़ हवाओं से पेड़, बिजली के खंभे और खड़ी फ़सलें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, साथ ही कई इलाकों में बिजली गिरने का भी खतरा है. IMD के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में कई चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulations) और ट्रफ़ (troughs) सक्रिय हैं, जिससे उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने आज, 19 जुलाई को असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ज़ोरदार बारिश का अनुमान जताया है. वहीं, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश—और कुछ जगहों पर बहुत ज़्यादा बारिश-होने की संभावना है.
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