Agriculture Live Blogभारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि पश्चिम विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके असर से पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. इसके साथ ही मॉनसून ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है और अरब सागर से लेकर दक्षिण भारत तक ऑफ-शोर ट्रफ भी सक्रिय है. वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
अकरा: घाना की संसद ने एक बिल पास किया है, जिसके तहत अगर कोको किसान सरकार की मंज़ूरी के बिना अपने फ़ार्म का इस्तेमाल किसी और काम के लिए करते हैं, तो उन्हें 20 साल तक की जेल हो सकती है. 'द एसोसिएटेड प्रेस' ने इस बिल की एक कॉपी देखी है. यह नया नियम गुरुवार को पास किया गया था, लेकिन कानून की बातें रविवार देर रात तक सार्वजनिक नहीं की गई थीं. राष्ट्रपति जॉन महामा ने अभी तक इस कानून पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं. इस कानून के तहत सभी कोको फ़ार्म को 'संरक्षित' दर्जा दिया जाएगा. मंज़ूरी के बिना इनका इस्तेमाल किसी और काम के लिए करना अपराध माना जाएगा, जिसकी वजह से किसान इसकी आलोचना कर रहे हैं. (PTI)
कन्नूर (केरल): केरल के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने सोमवार को कहा कि भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य भर में 4.80 लाख से ज़्यादा बिजली कनेक्शन बाधित हुए थे, और प्रभावित उपभोक्ताओं में से लगभग 92 प्रतिशत की बिजली बहाल कर दी गई है. पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि केरल राज्य बिजली बोर्ड (KSEB) बारिश से प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहा है. उन्होंने कहा, "बारिश के कारण कुल 4,80,614 बिजली कनेक्शन बाधित हुए थे. इनमें से 4,45,496 कनेक्शनों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जो लगभग 92 प्रतिशत है. बाकी 35,118 कनेक्शनों के लिए बहाली का काम चल रहा है." (PTI)
श्रीनगर: उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि हिमालय में जलवायु परिवर्तन बहुत तेज़ी से हो रहा है और विकास के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों की ज़रूरत है. सिन्हा ने अवंतीपोरा में इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IUST) में एक जलवायु सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन की तेज़ी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल जनवरी से अगस्त के बीच हिमालय में लगभग हर दिन कोई न कोई प्राकृतिक आपदा आई. उप राज्यपाल ने कहा कि अकेले जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है, जिससे सड़कें, जलापूर्ति योजनाएं और बिजली फीडर बाधित हुए हैं. (पीटीआई)
बांका (बिहार): पुलिस ने सोमवार को बताया कि बिहार के बांका ज़िले में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) अजीत कुमार ने कहा कि रविवार को हुई इन मौतों के बारे में संबंधित पुलिस थानों से रिपोर्ट मांगी गई है. पुलिस ने बताया कि खाबा गांव में 35 साल के ब्रह्मदेव यादव और उनके सात साल के बेटे प्रिंस कुमार की मौत उनके धान के खेत में हो गई.
नई दिल्ली: दिल्ली में यमुना नदी के हिस्से में पाई जाने वाली मीठे पानी की मछलियों में हरियाणा के ऊपरी इलाकों (अपस्ट्रीम) की मछलियों की तुलना में माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा काफी ज़्यादा पाई गई है. दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में यह बात सामने आई है; स्टडी में जांच की गई हर मछली में प्लास्टिक के ये छोटे कण मिले. इस स्टडी में नदी के किनारे चार जगहों—हरियाणा में यमुना नगर और करनाल, और दिल्ली में सूर घाट और सोनिया विहार- से इकट्ठा की गई 12 प्रजातियों की 220 मीठे पानी की मछलियों का विश्लेषण किया गया. रिसर्चर्स को मछलियों से माइक्रोप्लास्टिक के 1,678 कण मिले (औसतन प्रति मछली लगभग 7.6 कण) और उन्होंने पाया कि स्टडी के दौरान जांची गई कोई भी मछली माइक्रोप्लास्टिक के प्रदूषण से मुक्त नहीं थी. (पीटीआई)
नई दिल्ली: सोमवार को निवेशकों की तरफ़ से ज़्यादा दांव लगाए जाने के कारण फ़्यूचर्स ट्रेडिंग में ग्वार सीड की कीमतें 172 रुपये बढ़कर 6,151 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, अगस्त डिलीवरी के लिए ग्वार सीड कॉन्ट्रैक्ट्स 172 रुपये या 0.22 प्रतिशत बढ़कर 6,151 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जिसमें ओपन इंटरेस्ट 34,260 लॉट रहा. बाजार के जानकारों का कहना है कि स्पॉट कीमतों में गिरावट के बावजूद, निवेशकों के ज़्यादा दांव ने फ़्यूचर्स ट्रेडिंग में ग्वार सीड की कीमतों को सहारा दिया. (PTI)
नई दिल्ली: सोमवार को वायदा कारोबार में कॉटनसीड ऑयल केक की कीमतें 81 रुपये बढ़कर 3,980 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. इसकी मुख्य वजह मांग बढ़ने के बीच सट्टेबाजों द्वारा नई पोजीशन बनाना था. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, अगस्त डिलीवरी के लिए कॉटनसीड ऑयल केक का भाव 81 रुपये (यानी 1.99 प्रतिशत) बढ़कर 3,980 रुपये प्रति क्विंटल हो गया, जिसमें ओपन इंटरेस्ट 47,890 लॉट रहा. बाजार के जानकारों का कहना है कि पशु चारे की बढ़ती मांग के बीच व्यापारियों द्वारा पोजीशन बढ़ाने से मुख्य रूप से कॉटनसीड ऑयल केक की कीमतों पर असर पड़ा. (पीटीआई)
केरल में कभी रबर के लिए पहचाने जाने वाले खेत अब तेजी से लाल रंग के रसीले रैंबूटान फलों से भर रहे हैं. गिरती रबर कीमतों, मजदूरों की कमी और बदलते मौसम के कारण किसान अब रैंबूटान को एक नए फायदे वाली फसल के रूप में अपना रहे हैं. पठानमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, वायनाड और इडुक्की जैसे जिलों में इसका तेजी से विस्तार हो रहा है. किसानों के अनुसार, रैंबूटान तीसरे साल से फल देना शुरू कर देता है और समय के साथ एक पेड़ से 300 किलो तक उत्पादन मिल सकता है. एक हेक्टेयर में इससे लाखों रुपये की आमदनी संभव है. हालांकि, किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती फल की कम शेल्फ लाइफ, कोल्ड स्टोरेज और बेहतर बाजार व्यवस्था की है. किसान चाहते हैं कि सरकार रैंबूटान की मार्केटिंग, निर्यात और वैल्यू एडेड उत्पादों को बढ़ावा दे, ताकि यह केरल की नई कैश क्रॉप बन सके.
केरल में कभी रबर के लिए पहचाने जाने वाले खेत अब तेजी से लाल रंग के रसीले रैंबूटान फलों से भर रहे हैं. गिरती रबर कीमतों, मजदूरों की कमी और बदलते मौसम के कारण किसान अब रैंबूटान को एक नए फायदे वाली फसल के रूप में अपना रहे हैं. पठानमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, वायनाड और इडुक्की जैसे जिलों में इसका तेजी से विस्तार हो रहा है. किसानों के अनुसार, रैंबूटान तीसरे साल से फल देना शुरू कर देता है और समय के साथ एक पेड़ से 300 किलो तक उत्पादन मिल सकता है. एक हेक्टेयर में इससे लाखों रुपये की आमदनी संभव है. हालांकि, किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती फल की कम शेल्फ लाइफ, कोल्ड स्टोरेज और बेहतर बाजार व्यवस्था की है. किसान चाहते हैं कि सरकार रैंबूटान की मार्केटिंग, निर्यात और वैल्यू एडेड उत्पादों को बढ़ावा दे, ताकि यह केरल की नई कैश क्रॉप बन सके.
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है. वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, केरल, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर के कई राज्यों, ओडिशा, पंजाब, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. लगातार बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अन्य मौसमी परेशानियों की स्थिति बन सकती है.
तमिलनाडु के किसानों को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय महाराष्ट्र पुलिस ने रोक दिया और उन्हें वापस भेज दिया. इस कार्रवाई की निंदा करते हुए हमारे नेता ने बयान जारी किया और विपक्ष की अन्य पार्टियों ने भी किसानों को रोके जाने का विरोध किया. लेकिन मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. विपक्ष का आरोप है कि महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार होने के कारण मुख्यमंत्री उसके खिलाफ बोलने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री अपनी राजनीतिक मजबूरियों और हितों को किसानों की समस्याओं से ज्यादा महत्व दे रहे हैं. किसानों के मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
सरकार को इस दिशा में कदम उठाने से पहले व्यापक विचार-विमर्श करना चाहिए था. पहले ऐसी मशीनरी और तकनीक विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए था, जो इथेनॉल के अनुकूल हो. अब जो मशीनरी तैयार की गई है, उसमें खराबी की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार इन्हें स्वीकार करने से इनकार कर रही है. केवल समस्या को नकारने से समाधान नहीं निकलेगा. सरकार को इस मामले में जल्दबाजी या दबाव वाला रवैया अपनाने के बजाय किसानों, उद्योग और विशेषज्ञों के सुझावों पर ध्यान देना चाहिए. चूंकि इथेनॉल हमारी अपनी कृषि उपज से तैयार होता है, इसलिए जरूरी है कि ऐसी मशीनें और वाहन विकसित किए जाएं जो इथेनॉल आधारित ईंधन पर बेहतर तरीके से काम कर सकें. इस पूरे मुद्दे पर सरकार की ओर से स्पष्ट नीति और ठोस जानकारी सामने आनी चाहिए.
दिल्ली में प्रस्तावित किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे 23 किसानों को रविवार सुबह नागपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया. ये सभी किसान जीटी एक्सप्रेस से चेन्नई से दिल्ली की ओर यात्रा कर रहे थे. सुबह करीब 11:15 बजे जैसे ही ट्रेन नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, नागपुर पुलिस की स्पेशल ब्रांच के अधिकारी स्टेशन पर पहुंचे और सभी 23 किसानों को ट्रेन से उतारकर अपने साथ पुलिस मुख्यालय ले गए. वहां उनसे पूछताछ की गई. इसके बाद पुलिस ने सभी किसानों को दोपहर करीब 1:30 बजे तमिलनाडु एक्सप्रेस में बैठाकर वापस चेन्नई के लिए रवाना कर दिया. बताया जा रहा है कि ये किसान दिल्ली में होने वाले किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे. इस कार्रवाई के बाद किसानों और उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली, जबकि पुलिस की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाए जाने की बात कही जा रही है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों का स्वागत किया और कहा कि विधानसभा जनता की आवाज उठाने तथा किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर समाधान निकालने का सबसे बड़ा मंच है. उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से सदन के समय का सदुपयोग करने की अपील की. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में सरकार ने संवाद के माध्यम से प्रदेश के विकास और 6 करोड़ गरीबों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि किसानों की फसल अब सीधे बिक रही है और गन्ना किसानों का भुगतान सीधे उनके खातों में किया जा रहा है. विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में किसानों के हितों की अनदेखी हुई. अयोध्या मुद्दे पर भी विपक्ष की आलोचना की गई. साथ ही सरकार ने घोषणा की कि अगले एक-दो सप्ताह में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए आउटसोर्स आयोग लागू किया जाएगा और उनके न्यूनतम सेवा मानक तय किए जाएंगे.
हरियाणा के करनाल में कम बारिश ने धान की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले महीने से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों में पानी की कमी है, जिससे धान की फसल में बीमारियां फैलने लगी हैं और पैदावार प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है. किसानों का कहना है कि उन्हें केवल 8 घंटे बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई भी ठीक से नहीं हो पा रही. किसान ईशम सिंह के अनुसार, अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो धान के पौधों में फूल और दाना नहीं आएगा, जिससे भारी नुकसान होगा. वहीं किसान सुनील का कहना है कि डीएसआर तकनीक से बोई गई फसल अभी कुछ हद तक बची हुई है, लेकिन हालात सूखे जैसे हैं. किसानों को उम्मीद है कि अगस्त में अच्छी बारिश हो जाए, जिससे फसल को कुछ राहत मिल सके. फिलहाल किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं और सरकार से भी मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के लिए मतगणना शुरू हो गई है. सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पहली बार चुनावी मैदान में उतरे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर क्या बीजेपी से यह सीट जीतने में सफल होंगे या फिर बीजेपी अपना गढ़ बचाए रखेगी. शुरुआती रुझानों और अंतिम नतीजों का सभी को इंतजार है.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में वर्धा नदी में आई बाढ़ ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. बल्लारपुर तहसील के विसापुर समेत कई क्षेत्रों में धान, सोयाबीन, कपास और तुअर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. किसानों ने 50 हजार से 1 लाख रुपये तक का कर्ज लेकर बुआई की थी, लेकिन अब उन्हें दोबारा बुआई के लिए पैसों की चिंता सता रही है. किसानों का कहना है कि उन्होंने समय पर कर्ज चुकाया, फिर भी उन्हें कर्ज माफी का लाभ नहीं मिला, जबकि बकायेदार किसानों का कर्ज माफ किया जा रहा है. वे इसे अन्याय बता रहे हैं और उचित मुआवजा व कर्ज माफी की मांग कर रहे हैं. कृषि विभाग के अनुसार, विसापुर में 300 हेक्टेयर और बल्लारपुर तहसील में करीब 1,400 हेक्टेयर फसल बाढ़ से प्रभावित हुई है. प्रशासन ने नुकसान का पंचनामा शुरू कर दिया है और मुआवजा देने का आश्वासन दिया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां कुछ कम होंगी, लेकिन तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, पूर्वोत्तर भारत और मध्य व पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. हिमाचल, उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश, 30 से 75 किमी/घंटा की तेज हवाएं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today