Agriculture Live Blogदेश के बड़े हिस्से में इस समय मॉनसून सक्रिय बना हुआ है. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, सबसे गंभीर स्थिति पूर्वी मध्य प्रदेश में रहने की संभावना है, जहां कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. 3 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, विदर्भ और बिहार के कुछ इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना रहेगा. ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात बाधित होने की आशंका है. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर जरूर होगा, लेकिन इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. इसके साथ ही अन्य मौसमी प्रणालियां भी बारिश को समर्थन दे रही हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
झारखंड सरकार ने गुरुवार को रांची में 'महिला किसान खुशहाली योजना' को लागू करने के लिए सुझाव मांगने के मकसद से एक राज्य-स्तरीय वर्कशॉप आयोजित की. इस योजना का उद्देश्य इंटीग्रेटेड फार्मिंग और बेहतर मार्केट एक्सेस के ज़रिए महिला किसानों को सशक्त बनाना है.
2026-27 के राज्य बजट में घोषित इस योजना का मकसद महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक में मदद देना और उन्हें ऑफ़लाइन और ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ना है.
मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के मंच पर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार में आज यूपी में 122 चीनी मिलें चल रहीं’.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को राज्य के एक दर्जन से ज़्यादा ज़िलों में सूखे जैसे हालात पर चिंता जताई और सरकार से किसानों के लिए राहत के उपाय करने की अपील की.
गहलोत ने कहा कि कम बारिश की वजह से हनुमानगढ़ से बालोतरा तक के इलाकों में ग्वार, मूंग, मोठ और बाजरा जैसी खरीफ़ की फ़सलों पर बुरा असर पड़ा है.
बिजनौर जिले में गुलदारों की बढ़ती सक्रियता के बीच वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है. जिले के अलग-अलग इलाकों में लगाए गए पिंजरों में एक ही दिन में तीन गुलदार पकड़े गए. पहला गुलदार नजीबाबाद क्षेत्र के शमीपुर गांव में, दूसरा धनसनी गांव में भारतीय किसान यूनियन नेता भूपेश चौधरी के खेत में और तीसरा चांदपुर क्षेत्र में पकड़ा गया. लंबे समय से गांवों और आसपास के इलाकों में गुलदारों की आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था. गुलदारों के पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली. नजीबाबाद रेंज के रेंजर के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण गुलदार आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं. वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और गुलदार दिखने पर उसके करीब न जाने की अपील की है. विभाग ने कहा है कि वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दी जाए और उसे घेरने या छेड़ने की कोशिश न की जाए.
सिरसा में आयोजित ‘फार्म-टू-फाइबर कॉटन डायलॉग 2026’ में उत्तर भारत में कपास की खेती को फिर से बढ़ावा देने पर चर्चा हुई. सरदार मनप्रीत सिंह बादल ने बेहतर बीज, नई तकनीक और मजबूत सरकारी सहयोग को जरूरी बताया. विशेषज्ञों ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में घटते कपास रकबे पर चिंता जताई और हाई डेंसिटी प्लांटिंग, आधुनिक सिंचाई, सटीक पोषण और मशीनों के इस्तेमाल पर जोर दिया. धान की बढ़ती खेती से भूजल पर बढ़ते दबाव को लेकर भी चिंता जताई गई. विशेषज्ञों ने किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सही कपास किस्म चुनने की सलाह दी. कार्यक्रम में किसानों का भरोसा बढ़ाने और कपास से जुड़े पूरे कारोबार को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत बताई गई.
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला के छात्र परीक्षा परिणाम और लंबित परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर आंदोलन पर उतर आए हैं. बुधवार रात सात आयुष छात्र विश्वविद्यालय परिसर की पानी की टंकी पर चढ़ गए. गुरुवार सुबह तक छात्र टंकी पर मौजूद रहे, जबकि पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश करता रहा. छात्रों का कहना है कि 2019, 2020 और 2021 बैच के BAMS छात्रों के परीक्षा परिणाम लंबे समय से लंबित हैं. परीक्षा और परिणाम में देरी से उनकी इंटर्नशिप, आगे की पढ़ाई और करियर प्रभावित हो रहा है. इससे पहले भी जुलाई-अगस्त में छात्र प्रदर्शन कर चुके हैं. छात्रों की मांगों में परीक्षा परिणाम, लंबित परीक्षाएं, इंटर्नशिप स्टाइपेंड और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में तेजी लाना शामिल है.
नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS Leaders’ Summit को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली और नई दिल्ली स्थित अपने कार्यालयों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने जारी कार्यालय ज्ञापन में बताया कि 11 सितंबर 2026, शुक्रवार को दिल्ली/नई दिल्ली के सभी केंद्रीय सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे. दरअसल, BRICS Business Forum और 18वां BRICS Leaders’ Summit 11 से 13 सितंबर 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होगा. इसमें BRICS देशों समेत करीब 30 देशों के नेता, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल होंगे. कार्यक्रम के दौरान बड़े स्तर पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था रहेगी. आम लोगों को होने वाली असुविधा को कम करने और व्यापक लॉजिस्टिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 11 सितंबर को कार्यालय बंद रखने का निर्णय लिया गया है. 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार होने के कारण पहले से अवकाश रहेगा.
जेवर क्षेत्र के स्थानीय लोगों को यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा पर टोल शुल्क से राहत देने का फैसला किया गया है. करीब 14 वर्षों से चली आ रही इस मांग को जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने यमुना प्राधिकरण और एक्सप्रेसवे प्रबंधन के सामने लगातार उठाया था. अब एक्सप्रेसवे से प्रभावित और आसपास के पात्र गांवों के स्थानीय नागरिकों को टोल फ्री आवागमन की सुविधा मिलेगी. इसके लिए स्थानीय निवासियों को निवासी प्रमाण, आधार कार्ड और वाहन की आरसी के साथ अपना वाहन पंजीकृत कराना होगा. सत्यापन के बाद यह सुविधा उपलब्ध होगी. विधायक ने इसे किसानों और स्थानीय लोगों के लंबे संघर्ष और योगदान का सम्मान बताया है. उन्होंने पात्र नागरिकों से समय पर पंजीकरण कराने की अपील की है.
दामोदर नदी का जलस्तर बढ़ने से सोनामुखी ब्लॉक के उत्तर नित्यानंदपुर इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है. नदी का पानी घरों में घुसने से दो परिवार अपने ही घरों में फंस गए हैं. सुबह से खाना नहीं बनने के कारण बच्चों और बुजुर्गों समेत परिवार के लोग बिना खाना खाए पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं. घरों के आंगन और आसपास के इलाकों में घुटने तक पानी जमा है, जबकि आने-जाने वाले रास्तों पर कहीं कमर तक पानी भर गया है. बाढ़ के बीच सांप और जहरीले कीड़े-मकौड़ों का खतरा भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है. दामोदर का पानी आसपास की कृषि जमीनों में भी फैल गया है, जिससे किसानों को फसलों के नुकसान की आशंका है. सूचना मिलने पर बीडीओ, ज्वाइंट बीडीओ, आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद और किसानों को नुकसान के आकलन के बाद आर्थिक सहायता का भरोसा दिया है.
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. निचले इलाकों के साथ किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है. कई खेत पानी में डूबने से फसलों को नुकसान हुआ है. इसके अलावा मवेशियों के चारा खाने और बांधने की जगह भी पानी में डूब गई है, जिससे किसान पशुओं को सुरक्षित जगहों पर ले जा रहे हैं. बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है. आने-जाने से लेकर पशुओं के लिए चारा जुटाने तक में मुश्किलें आ रही हैं. कई परिवारों के सामने अपने घर के साथ-साथ मवेशियों को सुरक्षित रखने की चुनौती है. स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए प्रशासन से जल्द राहत और मदद की मांग की है. उनका कहना है कि जलस्तर बढ़ने के साथ उनकी परेशानियां भी लगातार बढ़ रही हैं.
उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह ने पंचायत आजतक के मंच पर गन्ना किसानों, चीनी स्टॉक और एथेनॉल को लेकर सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब 6 महीने की जरूरत के बराबर चीनी का स्टॉक मौजूद है, इसलिए लोगों को चीनी की कमी की चिंता नहीं करनी चाहिए. मंत्री ने दावा किया कि गन्ना किसानों का 94 फीसदी से अधिक भुगतान हो चुका है. करीब 70 चीनी मिलें 14 दिन के भीतर और 25 मिलें साप्ताहिक भुगतान कर रही हैं. उन्होंने कहा कि गन्ने की बेहतर रिकवरी, अच्छी किस्म के बीज और सरकारी नीतियों से किसानों को फायदा हुआ है. घटतौली पर रोक लगाने का भी दावा किया गया. एथेनॉल को ऊर्जा आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण जरिया बताते हुए मंत्री ने कहा कि यूपी में दो साल में 38 नए एथेनॉल प्लांट लगाए गए हैं. उन्होंने अखिलेश यादव के 24-48 घंटे में भुगतान के दावे पर भी निशाना साधा.
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. राज्य के 23 जिलों में बाढ़ का असर देखा जा रहा है. कई इलाकों में खेत और फसलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है. बड़ी संख्या में गांव और सड़कें भी प्रभावित हुई हैं. प्रशासन ने अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि 3,042 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाया गया है. राहत और बचाव कार्य के लिए बड़ी संख्या में नावें, मोटरबोट और मेडिकल टीमें लगाई गई हैं. कई जगह राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों को भोजन और जरूरी सामान दिया जा रहा है. सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं लगातार पहुंचाई जा रही हैं. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार बचाव अभियान चलाया जा रहा है.
कर्नाटक के किसानों और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से अधिक सहयोग और फंड की मांग की है. उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी से मुलाकात के दौरान कर्नाटक को केंद्रीय फंड में उसका उचित हिस्सा देने की मांग रखी. उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर सहयोग जरूरी है. बैठक में कर्नाटक के बड़े सूखे इलाकों में कृषि उत्पादन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई. नीति आयोग ने सुझाव दिया कि इन क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति बनाकर खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. शिवकुमार ने बेंगलुरु की बढ़ती आबादी और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते दबाव का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने राज्य में ‘दूसरा बेंगलुरु’ विकसित करने की योजना बनाने की बात कही. अधिकारियों के अनुसार, 2025-26 में कर्नाटक की GSDP 32.81 लाख करोड़ रुपये रही और राज्य की अर्थव्यवस्था 8.1 प्रतिशत की दर से बढ़ी.
खेती-किसानी से जुड़ी विभिन्न मांगों और किसानों के मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल की आज केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ अहम बैठक होने जा रही है. यह बैठक 3 सितंबर को शाम 6 बजे गुरुग्राम स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित की जाएगी. बैठक में किसान प्रतिनिधिमंडल कृषि और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा करेगा. इस दौरान किसानों की मांगों, कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान को लेकर बातचीत होने की उम्मीद है. बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) का प्रतिनिधिमंडल पत्रकारों को संबोधित करेगा. इस दौरान बैठक में हुई चर्चा, किसानों की प्रमुख मांगों और सरकार के साथ बातचीत से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी साझा की जाएगी. किसानों से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को देखते हुए मीडिया और पत्रकारों से बैठक को कवर करने का अनुरोध किया गया है.
IMD के अनुसार, दिल्ली-NCR में 3 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है. सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. इसके बाद दोपहर से शाम के दौरान भी हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. दिन के समय हवा दक्षिण-पश्चिम दिशा से चल सकती है, जबकि शाम और रात के दौरान हवा की रफ्तार बढ़ने की संभावना है. 3 सितंबर को दिल्ली में बारिश हल्की रहने का अनुमान है, लेकिन आसपास के राज्यों में भारी बारिश की गतिविधियां ज्यादा असर डाल सकती हैं.
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