बजट 2026-27आज 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी. यह भारत के इतिहास में पहली बार है जब यूनियन बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया जा रहा है. बजट 2026 से आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखने, वित्तीय अनुशासन मजबूत करने और वैश्विक व्यापार तनाव, खासकर अमेरिका के टैरिफ जैसे मुद्दों से अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने वाले सुधारों की उम्मीद की जा रही है. इसी बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश में मौसम के एक बार फिर बदलने के संकेत दिए हैं. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और घना कोहरा देखने को मिल सकता है. बदलता मौसम और बजट 2026 दोनों ही आम लोगों, किसानों और कारोबारियों के लिए अहम हैं. इस ब्लॉग में जानिए बजट से जुड़ी बड़ी उम्मीदें, संभावित आर्थिक फैसले और देश का ताज़ा मौसम अपडेट.
केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण्य ने आज देश का आम बजट 2026-27 पेश किया. इसको लेकर राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बजट को सिर्फ धोती घोषणा और निराशाजनक बताते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कई बार दिल्ली का दौरा कर चुके हैं और अपनी हाजिरी लगा चुके हैं लेकिन फिर भी राजस्थान को कोई बड़ी सौगात नहीं मिली.
बजट को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुज़फ्फरनगर स्थित अपने निवासी पर मीडिया से बात करते हुए कहा है कि इस बार कृषि बजट तो बढ़ाया गया है. लेकिन ये देखना होगा कि कितना बड़ा है और वह कहां-कहां लगने वाला है.
हर वर्ग को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया- मोहनलाल बडौली
बजट में भी हरियाणा को मिला बहुत कुछ, शिक्षा से लेकर रोजगार मिशन पर सरकार - बडौली
अमेरिका की गीदड़ भभकी से डरने वाला नहीं है भारत -
बीजेपी का काम जनता की सेवा कर रही है जबकि कांग्रेस अब सत्ता से बाहर तो कर रहे हैं बयानबाजी- बडौली
बजट 2026 में महज 5 बार आया Farmer शब्द. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस साल का बजट किसानों के लिए कैसा रहा.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यह 12वां बजट है और यह गर्व की बात है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने लगातार 9वीं बार बजट पेश कर इतिहास बनाया है. उन्होंने कहा कि यह बजट ऐतिहासिक और खास है, जो विकसित भारत बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है. इस बजट में 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुधारों पर खास ध्यान दिया गया है. साथ ही कृषि, ग्रामीण विकास, गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं सभी के हितों का ख्याल रखा गया है.
प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अरविंद मोहन ने बजट पर कहा कि यह बजट सिर्फ़ थोड़े समय के फायदे के लिए नहीं बनाया गया है और न ही यह लोगों को लुभाने वाला बजट है, लेकिन इसमें कई अच्छे और ज़रूरी कदम दिखाई देते हैं. उन्होंने बताया कि बायोफार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों को बड़ा बजट दिया गया है और अलग-अलग क्षेत्रों में 5 यूनिवर्सिटी क्लस्टर बनाने की बात कही गई है, जिससे भविष्य में कुशल लोगों की जरूरत पूरी होगी. अरविंद मोहन के अनुसार आज दुनिया में आर्थिक मुकाबला बहुत तेज है, खासकर रेयर अर्थ मेटल्स को लेकर, और ऐसे में भारत द्वारा रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने का फैसला बहुत बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि अमेरिका की टैरिफ नीति का असर दिख रहा है, इसलिए कस्टम ड्यूटी के जरिए टैक्स में कुछ राहत दी गई है. यह बजट आने वाले समय में होने वाले ट्रेड डील्स पर भी असर डालेगा. साथ ही जलमार्ग बढ़ाने और वाराणसी में जहाज मरम्मत केंद्र बनाने का फैसला उत्तर प्रदेश के लिए बेहद अहम है.
इन आंकड़ों के अनुसार सरकार ने बजट में सबसे ज्यादा खर्च ट्रांसपोर्ट (परिवहन) और रक्षा (रक्षा) पर किया है. परिवहन क्षेत्र के लिए लगभग 5.98 लाख करोड़ रुपये और रक्षा क्षेत्र के लिए लगभग 5.94 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. इसके बाद ग्रामीण विकास, गृह मंत्रालय और कृषि संबंधित एवं संबद्ध संस्थानों पर भी बड़ी रकम खर्च की गई, जिससे गांव, किसानों और आंतरिक सुरक्षा को मजबूती मिली. शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों पर भी हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, ताकि आम लोगों की सुविधाएं बेहतर हों. साथ ही आईटी, विचार, सामाजिक कल्याण, विज्ञान और कर प्रशासन पर भी पर्याप्त बजट रखा गया है. कुल मिलाकर इस बजट में देश की सुरक्षा, विकास, किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दिया गया है.
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, "बीजेपी से कुछ उम्मीद मत करो. बीजेपी कुछ खास लोगों को पावरफुल पद देकर उन्हें फायदा पहुंचाने का काम करती है. बजट पहले से तय होता है; यह पहले से तय होता है कि किसे फायदा होगा. यह बजट कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया है. यह बजट आम लोगों की समझ से बाहर है. किसानों, गरीबों और गांवों में रहने वालों का क्या? आर्किटेक्चरल स्ट्रक्चर क्या है, और वे कंस्ट्रक्शन के लिए क्या कीमत चुका रहे हैं? आप सभी ने मनरेगा स्कीम का ब्लूप्रिंट तैयार किया है. दवाओं को रेगुलेट करने का कोई प्रोविजन नहीं है. एजुकेशन सिस्टम अच्छा नहीं है. हेल्थकेयर खराब हो गया है.
इस बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है. इस बजट में महिलाओं के लिए कुछ नहीं है. आम आदमी इस बजट की डिटेल्स समझ भी नहीं सकता. अभी कोई चुनाव नहीं आ रहे हैं, इसलिए सरकार ने मिडिल क्लास को कुछ नहीं दिया है. सरकार सिर्फ़ वहीं फ़ायदे देती है जहाँ उसे चुनाव जीतने होते हैं.
सिर्फ कुछ उद्योपतियों के लिए है ये बजट
किसानों के लिए कुछ नहीं
एकदम डब्बा बजट है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कस्टम और व्यापार से जुड़े कई आसान कदमों की घोषणा की है.
बजट में पेश की गई योजना के तहत भारत विस्तार के तहत AI-पावर्ड सिस्टम्स को ICAR (Indian Council of Agricultural Research) के पैकेज के साथ जोड़ा जाएगा. इसका उद्देश्य किसानों को डेटा-ड्रिवन और प्रेडिक्टिव कृषि सलाह देना है. ये सिस्टम रीयल-टाइम एडवाइजरी, फसल मॉनिटरिंग और यील्ड फोरकास्टिंग करेंगे, जिससे किसान समय पर फैसला ले सकेंगे, और जोखिम कम होगा. मुनाफा ज्यादा होगा.
AI और ICAR प्रैक्टिसेज को आपस में जोड़ने से न सिर्फ प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि खेती सस्टेनेबल और फायदेमंद भी होगी. किसानों के लिए यह तकनीक फसल की बुवाई, सिंचाई, पोषण और कीट नियंत्रण में मददगार साबित होगी.
सरकार ने किसानों, महिलाओं और कमजोर लोगों की मदद के लिए कई योजनाएं बनाई हैं.
महिलाओं को उद्यम का मालिक बनाने के लिए शी-मार्ट्स और सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स बनाए जाएंगे.
कृषि और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए AI टूल्स लाए जाएंगे.
अखरोट, बादाम और पाइननट की खेती करने वाले किसानों की आय बढ़ाने और कम उपज वाले बागों को फिर से जीवंत करने का प्रस्ताव है.
चंदन की खेती और प्रोसेसिंग बढ़ाने के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम किया जाएगा.
काजू और कोको में आत्मनिर्भरता के लिए नए कार्यक्रम होंगे.
नारियल उत्पादन बढ़ाने और तटीय क्षेत्रों में महत्वपूर्ण फसलों का समर्थन करने की योजना है.
पशुपालन के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना शुरू की जाएगी.
मत्स्य पालन को मजबूत करने के लिए 500 नए जलाशय बनाए जाएंगे.
दिव्यांगजनों को रोजगार और आजीविका प्रशिक्षण के लिए मदद दी जाएगी.
पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा.
कमजोर लोगों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल तक पहुँचाने की योजना है.
किसानों की आय बढ़ाने के लिए समावेशी विकास पर काम किया जाएगा.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके. इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है. भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके.
बजट 2026-27 में किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं. किसानों के लिए AI एग्री टूल, हर जिले में गर्ल हॉस्टल, तीन नए आयुर्वेद संस्थान और 5 मेडिकल टूरिज्म हब बनाए जाएंगे. सेवा क्षेत्र और बैंकिंग सुधार के लिए उच्चस्तरीय समितियां गठित होंगी. पर्यावरण के अनुकूल 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे और सरकारी पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा जाएगा.
बजट 2026 में नारियल और काजू के किसानों पर सरकार ने दिखाया खास फोकस.
सरकार ने 5 नए क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र बनाने की योजना बनाई है. इसके अलावा, 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान भी खोले जाएंगे. कोविड के बाद आयुर्वेद को पूरी दुनिया में पहचान मिली है, इसलिए अब आयुर्वेद उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे. आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण लैब्स को बेहतर बनाया जाएगा. जामनगर में WHO का वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र भी अपग्रेड होगा. सरकार ने पशु-चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाने पर भी ध्यान दिया है. निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता योजना शुरू की जाएगी. वित्त मंत्री ने कहा कि 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा. ऑरेंज इकोनॉमी में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी.
हर जिले में बनाए जाएंगे एक गर्ल्स होस्टल- निर्मला सीतारमण
पिछले 5 सालों में हर शहर के आर्थिक क्षेत्र में लगभग 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इसे सुधारने और शहरों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है.
इन कॉरिडोरों में ये मार्ग शामिल हैं:
रेल कॉरिडोर शहरों को जोड़ेंगे और विकास में मदद करेंगे. इसके अलावा, विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम को सुधारा जाएगा. विदेशों से पैसे लाने और बॉन्ड्स पर नए नियम बनाने की भी योजना है. बड़े शहरों में महंगे म्यूनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बॉन्ड पर 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश किया. हर साल बजट पेश करते समय सिर्फ अपने भाषण ही नहीं, बल्कि अपनी साड़ी के चयन को लेकर भी चर्चा में रहती है. 2019 से 2026 तक उन्होंने अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक और हैंडलूम साड़ियां पहनकर भारतीय कारीगरों और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया है. हर बजट डे पर उनकी साड़ी एक खास संदेश देती नजर आई है.
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