Agriculture Live Blogउत्तरी भारत के लोगों को आज से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण आसमान में बादल छाए रहेंगे. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में 18 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज, धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. बादलों और हवाओं की मौजूदगी के कारण दिन और रात, दोनों के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे गर्मी का एहसास कम होगा.
Himachal Pradesh के लाहौल-स्पीति जिले में मौसम एक बार फिर बदल गया है. एक दिन साफ रहने के बाद आज सुबह से ऊंचाई वाले इलाकों जैसे Rohtang Pass, बारालाचा-ला और जिस्पा में ताजा बर्फबारी शुरू हो गई है. पूरी घाटी बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है, जिससे मौसम बहुत ठंडा हो गया है और लोगों को दिसंबर जैसी सर्दी महसूस हो रही है. ठंडी हवाओं के कारण स्थानीय लोग और पर्यटक फिर से गर्म कपड़े पहनने लगे हैं. हालांकि मनाली से केलांग तक सड़क खुली है, लेकिन सुरक्षा के लिए केवल 4x4 वाहनों को ही आगे जाने की अनुमति दी जा रही है. प्रशासन ने मौसम को देखते हुए पर्यटकों की आवाजाही सीमित कर दी है और सभी से सावधानी बरतने की अपील की है. मौसम विभाग के अनुसार 18 से 20 मार्च तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बर्फबारी की भी संभावना है. इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
बौद्ध व जैन तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध, राप्ती नदी के किनारे बसे श्रावस्ती जनपद के गिलौला ब्लॉक के ककंधू में ‘किसान तक’ के किसान कारवां का 45वां पड़ाव रहा. उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप की संयुक्त पहल के तहत 75 जिलों में चल रहे इस विशेष अभियान में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों ने हिस्सा लिया और खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं. कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी. इसके साथ ही किसानों से सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई. वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों के परिप्रेक्ष्य में केवीके की उपयोगिता सहित बदलते जलवायु परिवर्तन के दौर में खेती करने के अलग-अलग चरणों के बारे में जानकारी दी गई.
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को अपने पशुपालन विभाग का नाम बदलकर “Gaupalan and Pashupalan Department” कर दिया है. पहले यह विभाग “पशुपालन और डेयरी विकास विभाग” के नाम से जाना जाता था. इसी तरह, “पशुपालन और डेयरी निदेशालय” का नाम बदलकर “गौपालन और पशुपालन निदेशालय” रखा गया है. यह फैसला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में लिया गया. सरकार ने विकास कार्यों और रख-रखाव के लिए पब्लिक वर्क्स विभाग को 4,525 करोड़ रुपये मंजूर किए. इसके अलावा, किसानों से खरीदे जाने वाले गेहूं पर प्रति क्विंटल 40 रुपये का बोनस देने का निर्णय भी लिया गया. उज्जैन में चिमंगंज मंडी से इंदौर गेट तक चार लेन और निकास चौराहा से इंदौर गेट तक दो लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए क्रमशः 945.20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए. रीवा जिले के पंवार माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट के लिए 228.42 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई.
मथुरा के वृंदावन में देश की महामहिम राष्ट्रपति Droupadi Murmu के तीन दिवसीय दौरे को लेकर अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है. यह चिंता खासकर उन शरारती बंदरों को लेकर है, जो झपट्टा मारकर लोगों के चश्मे और अन्य चीजें छीन लेते हैं. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के काले चश्मे की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने विशेष इंतजाम किए हैं. बंदरों से सुरक्षा के लिए कर्मचारियों को गुलेल और लाठी-डंडे के साथ तैनात किया जाएगा. साथ ही अधिकारियों ने बंदरों को डराने और दूर रखने के लिए लंगूरों के स्टैच्यू भी जगह-जगह लगाए जाने की योजना बनाई है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ये कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उठाए गए हैं. वृंदावन की गलियों में घूमने वाले बंदरों की हरकतों को देखते हुए यह व्यवस्था बनाई गई है, ताकि राष्ट्रपति का दौरा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो.
2024-25 में भारत में चाय का आयात दोगुना हो गया है. केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा को बताया कि 2024-25 में भारत ने 50.14 मिलियन किलोग्राम चाय का आयात किया, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा महज़ 25.21 मिलियन किलोग्राम था. इसके अलावा, 2025-26 की अप्रैल से जनवरी की अवधि के दौरान 33.55 मिलियन किलोग्राम चाय का आयात किया गया. सरकार ने आयातित चाय की गुणवत्ता और उसकी अलग पहचान बनाए रखने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं. आयातित चाय को भारत की GI-टैग वाली चाय के साथ मिलाकर बेचा नहीं जा सकता, और पैकेजिंग पर चाय के मूल देश का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य है. इसके अलावा, आयातकों को टी बोर्ड से अनुमति लेनी होगी, चाय के भंडारण से संबंधित विवरण देना होगा, और बिक्री के इनवॉइस पर मूल देश का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा. ये सभी उपाय भारतीय चाय की गुणवत्ता और पहचान को सुरक्षित रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं कि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिले.
हिमाचल प्रदेश में ताज़ा बर्फबारी के बाद, सोलांग घाटी का नज़ारा बेहद खूबसूरत हो गया है, पूरी घाटी बर्फ की एक सफेद चादर से ढकी हुई नज़र आ रही है.
राजस्थान में 18 से 20 मार्च के बीच मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश, मेघगर्जन और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. 18 मार्च को जोधपुर, बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिसके लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. 19 और 20 मार्च को मौसम और अधिक खराब होने की आशंका है, जहां 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है. इन दिनों कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है. इस बदलते मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि गेहूं की कटाई जारी है और बारिश या ओलावृष्टि से फसल को नुकसान हो सकता है. किसानों को फसल को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है.
स्काईमेट के अनुसार, अगले तीन दिनों तक ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है; इसे मॉनसून-पूर्व गतिविधियों का संकेत माना जा रहा है. दक्षिण भारत में, तमिलनाडु सहित कुछ राज्यों में हल्की मौसमी गतिविधियाँ भी हो सकती हैं, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है. कुल मिलाकर, अगले पाँच दिनों में भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कहा है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा. पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश में 19-20 मार्च, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 20 मार्च को भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है. इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 20 मार्च तक गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की गतिविधियां जारी रहेंगी. हिमाचल प्रदेश में 18-19 मार्च और उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 19-20 मार्च को ओलावृष्टि की संभावना है.
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