देश के कई राज्यों में जहां मॉनसून एक्टिव है और पहाड़ी राज्यों में जमकर बारिश हो रही है. मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली-NCR में बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, लद्दाख, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत और नॉर्थ ईस्ट में इस बार अच्छी बारिश होगी. मौसम के अलावा आप यहां किसानों को मिलने वाली सरकारी स्कीम के फायदे और अन्य किसानों से जुड़ी खबरें पढ़ सकते हैं.
सीतापुर में आदमखोर हो चुके तेंदुए का आतंक लगातार जारी है. वन विभाग के तमाम दावों के बीच शुक्रवार को एक बार फिर एक किसान की मौत के बाद तेंदुए के हमले की आशंका तेज़ हो गई है. विभाग के अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं तो स्थानीय लोग बाघ के हमले से ही किसान की मौत होने का दावा कर रहे हैं.
मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश हुई है. देहरादून, बागेश्वर और चमोली के लिए 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वर्षा की चेतावनी के मद्देनजर देहरादून, बागेश्वर, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.
साबरकांठा के हिम्मतनगर के गंभोई इलाके में आज शाम भारी बारिश हुई, जिससे हिम्मतनगर के हिम्मतपुर की गीता मकवाना नाम की एक महिला की मौत हो गई. वहीं, मानपुर के पास हिम्मतनगर और भिलोदा के बीच बना एक डायवर्जन बह गया, जिससे 17 यात्रियों का संपर्क टूट गया. दमकलकर्मियों समेत बचावकर्मियों ने सभी को सुरक्षित किनारे पर पहुंचाया. हालांकि, भारी बारिश के कारण मानपुर हिम्मतपुर समेत हुंज और रायगढ़ इलाकों में भारी बारिश हुई. गांव में नदी के उफान के दृश्य दिखाई दिए.
कल भी महाराष्ट्र के वाशिम जिले में धुआंधार बारिश हुई थी, और आज दोपहर 2 बजे फिर से जिले के कई इलाकों में धुआंधार बारिश हुई. जिले के कारंजा शहर से मानोरा शहर को जोड़ने वाले रास्ते पर स्थित इंजोरी गांव के पास बने पुल से पानी बहने के कारण इस मार्ग की यातायात 45 मिनिट तक बाधित रही थी, जिस पुल से बारिश का पानी गुजर रहा था उसका एक बड़ा सा हिस्सा पानी में बहे गया. स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जब भी तेज बारिश होती है, इस पुल से पानी बहने के कारण यातायात ठप्प हो जाती है, प्रशासन से कई बार इस पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की गई है, पुल का एक बड़ा हिस्सा ढहने के कारण बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
इंजोरी गांव से ही दूसरे गांव को जाने वाले मार्ग पर नए से बन रहे एक पूल का हिस्सा पानी के बहाव में बहे गया, वहां के किसानों के खेतों में पानी समा जाने से सोयाबीन, कपास, हल्दी और तुव्वर की फसल बर्बाद हो गई.
तेलंगाना में इस समय उर्वरक संकट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. यह प्रदर्शन भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की तरफ से आयोजित किया गया है. गन पार्क में, बीआरएस नेताओं ने खाली यूरिया बैग के साथ विरोध प्रदर्शन किया. यूरिया की कमी के लिए कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए नारे लगाए. जो नारे लगाए गए वो कुछ इस तरह से थे, 'इस सरकार ने त्योहारों के मौसम में भी किसानों को सड़कों पर खड़ा होने पर मजबूर कर दिया है.' 'गणपति बप्पा मोरया - हमें यूरिया चाहिए!' प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए. इसके अलावा, 'किसानों को उर्वरक न दे पाने वाली कांग्रेस सरकार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए,' 'किसानों को बिना किसी देरी के यूरिया की आपूर्ति की जानी चाहिए,' और 'रेवंत की गलती, किसानों के साथ विश्वासघात,' जैसे नारे भी सुनाई दिए.
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के इंदौरा क्षेत्र की 27 पंचायतें पौंग बांध से पानी छोड़े जाने और बहुत ज्यादा बारिश के चलते पानी में डूब गई है. इंदौरा से कांग्रेस विधायक मलेंद्र राज ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि पहली बार गांवों में पानी घुसने से भारी नुकसान हुआ है. शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि बांध से दस लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद निजी संपत्तियों, कृषि भूमि और बागों को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने सरकार से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कराने और प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने का आग्रह किया. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में है और सरकार राहत एवं पुनर्वास कार्य चलाने के लिए प्रतिबद्ध है.
जम्मू-कश्मीर में रियासी जिले के एक सुदूर गांव में शनिवार तड़के भूस्खलन से एक मकान के ढह जाने के कारण एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत होने की आशंका है. अधिकारियों ने बताया कि माहोरे के बद्दर गांव में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की वजह से एक मकान ढह गया. उन्होंने बताया कि परिवार के लापता सदस्यों की तलाश जारी है.
अधिकारियों ने शनिवार को बताया है कि जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले के एक सुदूर गांव में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लापता हैं. उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह तड़के ज़िला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ी राजगढ़ में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई. अधिकारियों ने बताया कि बचावकर्मियों को बाढ़ में बह गए दो महिलाओं समेत तीन लोगों के शव मिले हैं.
राजस्थान में पिछले एक हफ्ते से ज्यादा समय से लगातार बारिश हो रही है. यहां के बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ में सबसे अधिक 136 मिमी बारिश हुई है. मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि दक्षिणी भागों में आने वाले सप्ताह में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह को राज्य में बाढ़ की स्थिति और चल रहे राहत कार्यों से अवगत कराया. असम के गुवाहाटी के कोइनाधारा गेस्ट हाउस में शाह से मिले कटारिया ने चंडीगढ़ नगर निगम के लिए 125 करोड़ रुपये देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि इससे शहर में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी. पंजाब के राज्यपाल ने शाह को बचाव और राहत कार्यों की प्रगति, प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति और भविष्य में आवश्यक सहयोग के बारे में जानकारी दी. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय विकास, सार्वजनिक सेवा और आपदा प्रबंधन के मुद्दों पर भी चर्चा की. पंजाब के कई जिले वर्तमान में बाढ़ की चपेट में हैं.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 1 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है और अगले तीन दिनों में विभिन्न जिलों के लिए कई ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं. शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में राज्य भर में मॉनसून सक्रिय रहा, सिरमौर, कांगड़ा, हमीरपुर और सोलन में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई. शर्मा ने कहा, 'सबसे ज्यादा बारिश सिरमौर जिले में करीब 140 मिमी दर्ज की गई, जिसके बाद पालमपुर में भारी बारिश हुई. 1 सितंबर तक, राज्य भर में भारी बारिश जारी रहेगी, कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना है.' आईएमडी ने 30 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू; और 31 अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को 2 सितंबर तक झारखंड में भारी बारिश का अनुमान जताया है और अगले चार दिनों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है. आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि अगले चार दिनों में सभी जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, लेकिन अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा कि बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. एक अधिकारी ने कहा, 'राज्य के कई हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है. अगले चार दिनों में राज्य भर में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा.' आईएमडी ने पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है.
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