Agriculture Live Blogदेश के कई राज्यों में जहां मॉनसून एक्टिव है और पहाड़ी राज्यों में जमकर बारिश हो रही है. मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली-NCR में बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, लद्दाख, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत और नॉर्थ ईस्ट में इस बार अच्छी बारिश होगी. मौसम के अलावा आप यहां किसानों को मिलने वाली सरकारी स्कीम के फायदे और अन्य किसानों से जुड़ी खबरें पढ़ सकते हैं.
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने रविवार को हिमाचल प्रदेश को सहकारिता के लिए एक आदर्श राज्य बताया।
सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र द्वारा प्रायोजित विभिन्न पहलों की समीक्षा के लिए रविवार को हिमाचल प्रदेश सहकारिता विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल जैसे विविधतापूर्ण राज्य में इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं.
असम के उदलगुरी में आज 16.41 IST पर 5.8 तीव्रता का भूकंप आया: राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र

जिला चंबा के भटियात क्षेत्र के चिलामा पंचायत और घटासनी पंचायत में भारी बरसात से भारी भूस्खलन होने के कारण दोनों पंचायत के काफी लोगों के घरों और सड़को पर आसमानी आफत की तस्वीरें
चंबा के भटियात क्षेत्र में बारिश ने कहर बरपाया है. आधा सितंबर माह बीतने को है लेकिन बारिश अभी भी तबाही मचा रही है. भटियात के ग्राम पंचायत घटासनी में भारी बारिश के कारण लैंड स्लाइड से और फ्लैश फ्लड आने से गांव के 16 परिवरों के घरों को भारी क्षति पहुंची है.
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के उपमंडल सुजानपुर की ग्राम पंचायत खैरी में रविवार करीब 3 बजे सुबह भारी बारिश ने कहर बरपाया. अचानक उफान पर आए नाले की जद में तीन मकान आ गए. इनमें से किशोरी लाल पुत्र दंजु राम का मकान सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जहां रात को नाले का मलबा सीधे घर में घुस गया. हालांकि गनीमत यह रही कि समय रहते परिवार सुरक्षित स्थान पर चला गया और कोई जनहानि नहीं हुई. ग्रामीणों ने बताया कि तेज शोर सुनते ही लोग नींद से जागे और बाहर निकल आए. मकान के भीतर रखा सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया.
श्रीनगर जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पिछले 18 दिन से यातायात के लिए ठप पड़ी है इस बीच कश्मीर के किसानों ने आप प्रधानमंत्री से गुहार लगायी है.
हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा के भटियात क्षेत्र के चिलामा पंचायत और घटासनी पंचायत में भारी बरसात से भारी भूस्खलन होने के कारण दोनों पंचायत के काफी लोगों के घरों और सड़कों पर आसमानी आफत आई है. चंबा पठानकोट नेशनल हाइवे पर बैली में सड़क धसने से चलता हुआ ट्रक और दो बाइक खाई में जा गिरी. इस घटना में किसी तरह के कोई जानी नुकसान की खबर नहीं है. क्षेत्र में बारिश ने कहर बरपाया है और आधा सितंबर माह बीतने को है लेकिन बारिश अभी भी तबाही मचा रही है. भटियात के ग्राम पंचायत घटासनी में भारी बारिश के कारण लैंड स्लाइड से और फ्लैश फ्लड आने से गांव के 16 परिवरों के घरों को भारी क्षति पहुंची है पूरे घरों में मलबा आ गया लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई है और जो मलबे में फंस गये थे गांव के युवाओं ने मिल कर सही सलामत बाहर निकाल लिया. वहीं कई गौशाला भी मलबे की चपेट में आई हैं जिसमें कई पशु दब गए हैं. भारी बारिश के चलते शनिवार रात को चंबा पठानकोट नेशनल हाइवे पर बैली में सड़क धसने से चलता हुआ ट्रक और दो बाइक खाई में जा गिरी. गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ.
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आज, 14 सितंबर 2025 को राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है. अगले 2-3 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों और पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं. आपको बता दें कि ये दोनों ही राज्य इस बार मॉनसून में अति बारिश से खासा परेशान रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने शनिवार को पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और जमीनी हालात की गहन समीक्षा की. उन्होंने शाहपुर बेला, हरिवाल, भानु पाली, बेला ध्यानी और नांगल समेत कई गांवों का दौरा किया और किसानों, स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे बातचीत की. बाढ़ के कारण कृषि, परिवहन, जल निकासी और दैनिक जीवन पर पड़े प्रभाव को देखते हुए, उन्होंने जलभराव वाले इलाकों का दौरा किया, ट्रैक्टर और नाव से यात्रा की और प्रभावित परिवारों की शिकायतें सुनीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम के दरंग जिले के मंगलदोई में 6,300 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी. उन्होंने दरंग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के साथ-साथ एक नर्सिंग कॉलेज और एक जीएनएम स्कूल के निर्माण का शुभारंभ किया. अधिकारियों ने बताया कि इन स्वास्थ्य सेवा परियोजनाओं में कुल मिलाकर 570 करोड़ रुपये का निवेश होगा. प्रधानमंत्री ने 1,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले 2.9 किलोमीटर लंबे नरेंगी-कुरुवा पुल और असम के कामरूप और दरंग जिलों और मेघालय के री भोई को जोड़ने वाली 118.5 किलोमीटर लंबी गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना की भी आधारशिला रखी. रिंग रोड परियोजना की अनुमानित लागत 4,530 करोड़ रुपये है. प्रधानमंत्री बाद में गोलाघाट ज़िले की नुमालीगढ़ रिफाइनरी में 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से नवनिर्मित बांस-आधारित इथेनॉल संयंत्र और 7,230 करोड़ रुपये की लागत से पेट्रो फ्लुइडाइज्ड कैटेलिटिक क्रैकर इकाई का उद्घाटन करेंगे. मोदी शनिवार शाम असम पहुंचे थे और भारत रत्न से सम्मानित भूपेन हजारिका की जन्मशती समारोह में शामिल हुए थे.
अधिकारियों ने रविवार को कहा कि पिछले 24 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश के बाद मणिपुर के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की खबरें मिली हैं. उन्होंने कहा कि इंफाल पूर्व में यिंगांगपोकपी, शांतिखोंगबल और सबुंगखोक खुनौ और इंफाल पश्चिम में काकवा और सागोलबंद के कई इलाके मूसलाधार बारिश के कारण जलमग्न हो गए हैं. इन इलाकों में कुछ घर और आवासीय परिसर भी जलमग्न हो गए हैं. अधिकारियों ने कहा कि नोनी जिले के अवांगखुल के साथ-साथ सेनापति और कामजोंग के पहाड़ी जिलों से भूस्खलन की खबरें आईं. उन्होंने कहा कि इंफाल नदी, नंबुल और इरिल सहित प्रमुख नदियों का जल स्तर काफी बढ़ गया है, लेकिन अभी तक खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है. वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है.
रविवार सुबह नोएडा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई और दिन में बाद में गरज के साथ और भी बूंदाबांदी भी हुई. वहीं दिल्ली में आंशिक तौर पर बादल छाए रहे. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, नोएडा में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. साथ ही हवा की गति 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. यह अलर्ट दोपहर 1:30 बजे तक लागू रहेगा. IMD ने रविवार को गाजियाबाद के लिए एक येलो अलर्ट जारी किया, जिसमें निवासियों को गरज के साथ हल्की बारिश की संभावना के बारे में आगाह किया गया. हवा की गति 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने लोगों को अचानक बदलते मौसम के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हुए, सुबह 11:30 बजे तक के लिए चेतावनी जारी की है.
सोलापुर के अक्कलकोट तहसील के सांगोगी और आसपास के क्षेत्रों में हुई बादल फटने जैसी बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. कई लोगों के घर तबाह हो गए हैं और किसान वर्ग पूरी तरह से हताश हो गया है.
कड़ी मेहनत से तैयार किया गया गन्ना बारिश के तेज बहाव में बह जाने से एक किसान महिला की आंखों से आंसू छलक पड़े. सांगोगी के एक किसान की पूरे दो एकड़ गन्ने की फसल के साथ खेत की उपजाऊ मिट्टी भी बह गई. वहीं बोरी नदी किनारे की पूरी खेती जमीनदोज हो गई है.
इस आपदा का असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों ने फसल का सामान रखने के लिए बनाए गए मकान और पशुओं के बाड़े भी बारिश के पानी से नष्ट हो गए. अक्कलकोट तहसील के कई नागरिकों के घर ढह गए हैं और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
बादल फटने जैसी बारिश ने अक्कलकोट तहसील के किसानों का करोड़ों का नुकसान कर दिया है. आंखों में आंसू लिए किसान और नागरिक सरकार से तत्काल मदद की गुहार लगा रहे हैं.
झांसी के किसान इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं. प्राकृतिक आपदाओं से पहले से परेशान किसानों पर अब खाद मिलने में देरी की संकट ने भी चोट कर दी है. लंबी कतारों, सीमित सप्लाई और कर्मचारियों की मनमानी ने किसानों का सब्र तोड़ दिया है. हालात ऐसे बने कि रानीपुर में खाद वितरण केंद्र पर महिलाओं के बीच मारपीट हो गई और पुलिस को मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराना पड़ा.
शामली के आदर्श मंडी थाना प्रभारी की कार्यशैली से नाराज़ भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को थाने पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान किसानों ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस पर किसानों का उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए.
भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि थाना पुलिस न तो पीड़ितों के फोन उठाती है और न ही उन्हें न्याय दिलाने के लिए कोई ठोस कदम उठाती है. उनका आरोप है कि पुलिस की लापरवाही और तानाशाही से किसानों को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है.
सिक्किम के ग्यालशिंग जिले के सरदुंग लामा गांव में हुए एक दुखद भूस्खलन में स्थानीय नेता राजेन गुरुंग और उनकी पांच गायों की मौत हो गई. 47 साल के गुरुंग, जो सरदुंग लुन्जिक ग्राम पंचायत इकाई (GPU) के पंचायत अध्यक्ष थे, शनिवार रात भूस्खलन में फंस गए. यह घटना तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के बीच हुई, जिसके कारण पश्चिम और पूर्वी सिक्किम में कई भूस्खलन हुए हैं. स्थानीय निवासियों के अनुसार, गुरुंग अपने खेत में अपने पशुओं की जांच करने गए थे, तभी भूस्खलन हुआ. वह और उनकी पांच गायें मलबे में दब गईं. स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई की और गुरुंग को कीचड़ और मलबे से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह मृत पाए गए.यह त्रासदी खराब मौसम के कारण हुई कई घातक घटनाओं में ताजा घटना है. दो दिन पहले ही, पश्चिम सिक्किम के ही रामबी में हुए भूस्खलन में एक घर दब गया था, जिससे चार लोगों की मौत हो गई थी. हालांकि, उस घटना में एक छह साल के बच्चे को जिंदा बचा लिया गया था. इस क्षेत्र की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि तीस्ता नदी अब सड़क के कुछ हिस्सों पर बह रही है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और यात्रियों को परेशानी हो रही है. भारी बारिश जारी रहने की आशंका के चलते अधिकारी स्थिति पर नज़र रख रहे हैं.
पंजाब के बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने शनिवार को राज्य भर में बिजली लाइनों के अपग्रेडेशन के लिए एक बड़े बदलाव की घोषणा की. अरोड़ा ने कहा कि कई चुनावी सभाओं के दौरान, जनता की पहली मांग बिजली के बुनियादी ढांचे में सुधार की थी. पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने 13 प्रमुख नगर निगमों में बिजली लाइनों के अपग्रेडेशन के लिए एक विशेष पहल शुरू की है, जो कुल 87 उप-विभागों को कवर करती है. इस कोशिश का मकसद जन सुरक्षा में सुधार, बिजली कटौती को कम करना और शहरी क्षेत्रों की सुंदरता को बढ़ाना है. इस प्रोजेक्ट का एक प्रमुख तत्व पीएसपीसीएल के बिजली के खंभों से गैर-बिजली के तारों को हटाना है. अरोड़ा ने बताया, 'जन सुरक्षा बढ़ाने और तेज, अधिक सटीक दृश्य निरीक्षण और खराबी का पता लगाने में सक्षम बनाने के लिए सभी डिश केबल, इंटरनेट फाइबर और अन्य गैर-पीएसपीसीएल तारों को पीएसपीसीएल के खंभों से हटा दिया जाएगा.' मंत्री ने बताया कि दुर्घटनाओं, खासकर बड़े वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बिजली के तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर उठाया जाएगा. इसके अतिरिक्त, मौसम की क्षति और छेड़छाड़ से बचाने के लिए मीटर बॉक्स को सुरक्षित रूप से बंद और सील किया जाएगा, जिससे समग्र जन सुरक्षा में वृद्धि होगी.
श्रीलंका में चल रहे अंतरराष्ट्रीय किसान सम्मेलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों व समस्त सम्मेलन में अपना सहयोग करने वाले अधिकारियों को किसान यूनियन का पटका पहनाकर सम्मानित किया.
सभी देशों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से निम्नांकित मसौदे को संयुक्त रूप से पारित किया. कैडी घोषणा 2025, श्रीलंका में आयोजित तीसरे न्येलेनी ग्लोबल फोरम में 101 से अधिक देशों के सामािजक आंदोलनों,संगठनों और समूहों की सामूिहक आवाज है. इसमें किसान, भूमिहीन श्रमिक, मछुआरे, आदिवासी, वनवासी, महिलाएं, युवा, श्रमिक, प्रवासी और विविध पहचान वाले लोग शामिल हुए घोषणा में कहा गया कि ये समुदाय दुनिया को भोजन उपलब्ध कराते हैं, जीवन को पोषित करते हैं और धरती मां और क्षेत्रों की रक्षा करते हैं. दस्तावेज में पूंजीवाद और साम्राज्यवाद को प्रमुख संकट बताया गया है, जो भूमि, जल, बीज और संसाधनों को निजी लाभ के लिए वस्तु बना रहे हैं जलवायु और जैव विविधता संकट, खनन, युद्ध, नरसंहार, दमन और विस्थापन को बढ़ते खतरों के रूप में चिन्हित किया गया है. कॉपार्रेट मीडिया और तकनीक को झूठ, दमन और नियंत्रण के औजार कहा गया है. घोषणा में खाद्य संप्रभुता, जाति, नस्ल, वर्ग और लिंग भेदभाव के अंत, नारीवादी अर्थव्यवस्था, युवाओं की नेतृत्वकारी भूमिका और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता पर बल दिया गया आगे की कार्य योजना में वैश्विक सक्रियता दिवस, वार्षिक न्येलेनी दिवस, राजनीतिक प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय संवाद, न्छ प्रणाली में परिवर्तन, स्वास्थ्य व सामािजक सुरक्षा की रक्षा और संसाधनों पर कब्ज़े के खिलाफ अभियान शामिल हैं. घोषणा का संदेश है: 'हम सब साथ हैं-प्रणालीगत रूपांतरण, अब और हमेशा.'
वहीं उत्तर प्रदेश में फिर से तेज बारिश की आशंका है और कई जिलों बादलों का डेरा है. मौसम विभाग के मुताबिक यूपी में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना है, खासकर पूर्वी यूपी में इसका असर देखने को मिलेगा.लखनऊ के अमौसी स्थित मौसम केंद्र की ओर से बताया गया है कि 14 सितंबर को यूपी में पूर्वी यूपी में बादलों की आवाजाही दिखाई देगी. हालांकि पश्चिमी यूपी में इसका असर कम होगा. अनुमान है रविवार को गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या, बस्ती, मिर्जापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, कौशाम्बी, चित्रकूट, चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, बलिया, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी सहित आस पास के जिलों में मध्यम से हल्की बारिश हो सकती है. वहीं 15 सितंबर को इनमें से कई जिलों में भारी बारिश की भी संभावना बनी हुई है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर में गरज और बिजली के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम एजेंसी ने 19 सितंबर तक केंद्र शासित प्रदेश में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. IMD ने रविवार, 14 सितंबर के लिए अपने पूर्वानुमान में कहा, 'जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग स्थानों पर गरज/बिजली गिरने की संभावना है... कुछ स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी.' जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई रिकॉर्ड बारिश के बाद, जिसमें 110 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य लापता हो गए, राजगढ़ के पहाड़ी इलाकों में बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आने की खबर है.
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, गुवाहाटी के उप निदेशक डॉ. संजय ओ'नील शॉ ने शुक्रवार को बताया कि इस साल 1 जून से 11 सितंबर तक पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश हुई है. डॉ. संजय ओ'नील शॉ ने एएनआई को बताया कि 1 जून से 11 सितंबर तक मेघालय में सामान्य से 45 प्रतिशत कम और असम में सामान्य से 34 प्रतिशत कम बारिश हुई. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'इस दौरान अरुणाचल प्रदेश में 40 प्रतिशत, मणिपुर में 13 प्रतिशत, मिजोरम में 9 प्रतिशत और सिक्किम में 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है.' डॉ. संजय ओ'नील शॉ ने यह भी बताया कि इस अवधि के दौरान नागालैंड में त्रिपुरा की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है. भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, असम में सामान्य वर्षा 1307.7 मिमी होती है, लेकिन इस वर्ष 1 जून से 11 सितंबर तक राज्य में 865.7 मिमी वर्षा हुई है. आईएमडी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 14 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड के अधिकांश स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है.
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