Agriculture Live Blogउत्तर भारत में सर्दियों की दस्तक के साथ मौसम पूरी तरह बदल चुका है और ठंड का असर साफ नजर आने लगा है. पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती शीतलहर के बीच जनजीवन और खेती-किसानी की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश का दौर बना हुआ है. इस लाइव और लगातार अपडेट होते सेक्शन में आपको खाद-बीज से जुड़ी जानकारी, खेती और गार्डनिंग के उपयोगी टिप्स, किसानों के लिए जरूरी सरकारी योजनाएं और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम एक ही जगह मिलते रहेंगे. साथ ही बात करेंगे उन्नत क़िस्मों की बीजों के बारे में जिसका लाभ उठाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
भोपाल के गुलाब उद्यान में आयोजित 45वीं गुलाब प्रदर्शनी के तहत द्वितीय चरण की प्रतियोगिता “गमलों में गुलाब” 9 जनवरी को होगी. इस प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां सुबह 8 से 12 बजे तक ली जाएंगी. प्रदर्शनी 9 से 11 जनवरी तक चलेगी. पहले चरण “बगिया में गुलाब” का आयोजन पूरा हो चुका है. 10 जनवरी को कट-फ्लावरों का प्रदर्शन होगा, जबकि 11 जनवरी को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.
नई दिल्ली: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था में 2025-26 में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जो NSO के 7.4 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ी ज़्यादा है. नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) द्वारा बुधवार को जारी पहले एडवांस अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में GDP ग्रोथ पिछले वित्त वर्ष के 6.5 प्रतिशत की तुलना में 7.4 प्रतिशत रहेगी। RBI ने ग्रोथ रेट 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. सकल मूल्य वर्धित (GVA) ग्रोथ 7.3 प्रतिशत और नॉमिनल GDP विस्तार 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है. (पीटीआई)
नई दिल्ली: गुरुवार को पर्याप्त सप्लाई के बीच वायदा कारोबार में ग्वार सीड की कीमतें 100 रुपये गिरकर 5,590 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, फरवरी डिलीवरी के लिए ग्वार सीड कॉन्ट्रैक्ट 100 रुपये या 1.73 प्रतिशत गिरकर 5,590 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जिसमें ओपन इंटरेस्ट 64,080 लॉट था. बाजार के जानकारों ने ग्वार सीड की कीमतों में गिरावट का कारण उत्पादक क्षेत्रों से बढ़ती सप्लाई को बताया. (PTI)
चंडीगढ़: गुरुवार को हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में ठंड का मौसम रहा, नारनौल में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, नारनौल हरियाणा में सबसे ठंडा स्थान था. राज्य के अन्य स्थानों में, भिवानी में भी कड़ाके की ठंड पड़ी, जहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सिरसा में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री, जबकि हिसार और रोहतक में क्रमशः 6 डिग्री और 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा. अंबाला में न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री और करनाल में 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब में, बठिंडा सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा 5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. अमृतसर में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री, लुधियाना में 6.8 डिग्री और गुरदासपुर में 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पटियाला में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. (पीटीआई)
नई दिल्ली: (8 जनवरी) दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को एक एडवाइजरी में बताया कि अंडरग्राउंड केबल के रखरखाव और अपग्रेडेशन के काम के कारण न्यू रोहतक रोड पर 31 जनवरी तक गाड़ियों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी. टाटा पावर-दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड द्वारा मैनेज किया जा रहा यह प्रोजेक्ट कमल टी-पॉइंट से लिबर्टी सिनेमा की ओर पहाड़गंज तक के रास्ते पर किया जा रहा है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि काम की वजह से दो लेन बंद हैं, जिससे इलाके में ट्रैफिक धीमा हो गया है और जाम लग रहा है. अधिकारियों ने यात्रियों को असुविधा और देरी से बचने के लिए कमल टी-पॉइंट और लिबर्टी सिनेमा के बीच आनंद पर्वत-न्यू रोहतक रोड के रास्ते से बचने की सलाह दी है. (पीटीआई)
मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तेजी से जारी है. अब तक 6 लाख 56 हजार से अधिक किसानों से 43.17 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है. किसानों को 6791 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है. धान का MSP 2369 रुपये प्रति क्विंटल है. धान विक्रय के लिए किसान 13 जनवरी तक स्लॉट बुक कर सकते हैं, जबकि खरीदी प्रक्रिया 20 जनवरी 2026 तक चलेगी. राज्य में 1436 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं और खरीदी गई धान का 75 प्रतिशत से अधिक परिवहन पूरा हो चुका है.
नई दिल्ली: गुरुवार को वायदा कारोबार में सट्टेबाजों द्वारा बढ़ती मांग के बीच नई पोजीशन बनाने से कपास खली की कीमतें 13 रुपये बढ़कर 3,248 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, फरवरी डिलीवरी के लिए कपास खली 13 रुपये या 0.40 प्रतिशत बढ़कर 3,248 रुपये प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रही थी, जिसमें ओपन इंटरेस्ट 42,410 लॉट था. बाजार के जानकारों ने कहा कि पशु आहार की बढ़ती मांग के बीच प्रतिभागियों द्वारा पोजीशन बढ़ाने से मुख्य रूप से कपास खली की कीमतों पर असर पड़ा. (पीटीआई)
दिल्ली में जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीज कानून को लेकर हमला बोला. डल्लेवाल ने कहा कि सीड बिल में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे कि भारत के किसान दूसरे देशों के बीजों के गुलाम बन जाएंगे. वहां से जीएम फसलों के सीड यहां आ जाएंगे. डल्लेवाल ने कहा कि कृषि मंत्री रिकॉर्ड अनाज उत्पादन का दावा कर रहे हैं और इसे किसानों की खुशहाली से जोड़ा जा रहा है. जबकि ज्यादा उत्पादन किसानों की खुशहाली का कोई पैमाना नहीं है. पूरे देश में एसकेएम नॉन पॉलिटिकल किसानों के लिए यात्रा निकालेगा. एमएसपी गारंटी कानून को लेकर पंचायतों से प्रस्ताव पास करवाए जाएंगे. एक बार फिर किसान आंदोलन का रोडमैप तैयार किया जा रहा है.
वाणिज्य मंत्रालय की यूनिट एपीडा ने कृषि-खाद्य और कृषि-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप कंपनियों को समर्थन देने के लिए एक नई पहल शुरू की है. इसका मकसद इनोवेशन को बढ़ावा देना और युवा उद्यमियों के लिए नए निर्यात अवसर पैदा करना है. एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा कि 'एग्री टेक्नोलॉजी, जुझारूपन, एडवांस्मेंट और निर्यात-सक्षम इनक्यूबेशन के लिए भारत का केंद्र' यानी ‘भारती’ पहल कृषि क्षेत्र की स्टार्टअप फर्मों को सशक्त बनाने के लिए तैयार की गई है. उन्होंने ग्रेटर नोएडा में भारतीय निर्यात संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) द्वारा आयोजित तीन-दिवसीय 'इंडसफूड 2026' प्रदर्शनी में शिरकत करते हुए कहा, 'हम इस पहल के तहत शीर्ष 10 स्टार्टअप को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देंगे.'
उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद ने स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल के नाम पर ‘बिस्मिल' नामक गन्ने की एक नई उच्च उपज वाली किस्म विकसित की है, जिसे अब चार अन्य राज्यों में खेती के लिए मंजूरी मिल गई है. परिषद के निदेशक वी. के. शुक्ला ने बताया कि यह किस्म जिसे पहले केवल उत्तर प्रदेश के लिए मंजूरी मिली थी. केंद्रीय समिति की हरी झंडी के बाद अब इसे हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान में भी खेती के लिए भी मंजूरी मिल गई है. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के तहत विकसित इस किस्म को आधिकारिक तौर पर सीओएसएचए 17231 (कोयंबटूर-शाहजहांपुर) नाम दिया गया है. इस किस्म के ‘ब्रीडर’ डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि यह किस्म गन्ने की फसल के लिए एक बड़ा खतरा मानी जाने वाली लाल सड़न (रेड रॉट) से निपटने में सक्षम है. इसकी औसत पैदावार क्षमता 86.35 टन प्रति हेक्टेयर है जिसमें शर्करा प्राप्ति (गन्ने में पोल प्रतिशत) 13.97 प्रतिशत है. वरिष्ठ वैज्ञानिक अजय तिवारी ने कहा कि यह नई किस्म किसानों की आय में काफी बढ़ोतरी करेगी और साथ ही चीनी उत्पादन को भी बढ़ाएगी.अधिकारियों ने बताया कि इस किस्म का नाम क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल के सम्मान में ‘बिस्मिल’ रखा गया है जिन्होंने काकोरी कांड में अहम भूमिका निभाई थी। बिस्मिल को भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए पहचाना जाता है. प्रसार अधिकारी संजीव पाठक ने कहा कि इस किस्म के बीज पहले ही उत्तर प्रदेश के सभी 42 गन्ना उगाने वाले जिलों में बांटे जा चुके हैं जिनके नतीजे काफी अच्छे रहे हैं. उन्होंने कहा, 'चार अतिरिक्त राज्यों के लिए मंजूरी संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है.'
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उम्र और स्वास्थ्य को लेकर अटकलों के बीच अब जेडीयू में उनके बेटे निशांत कुमार की संभावित भूमिका को लेकर मंथन चल रहा है. पार्टी के बड़े तबके का मानना है कि नीतीश कुमार के बाद निंशांत कुमार जेडीयू के लिए जरूरी भी हैं और मजबूरी भी. यही वजह है कि पार्टी के अंदर से बार बार निशांत कुमार के राजनीति में सक्रिय होने की मांग उठती रही है। ऐसे में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मांग को देखते हुए जल्द ही निशांत पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका में नजर आ सकते है. जेडीयू सूत्रों के मुताबिक इस साल मार्च में दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी. कार्यकारिणी की बैठक से निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में भूमिका को लेकर कार्यकर्ताओं को संदेश दिया जा सकता है. पार्टी सूत्रों का मानना है कि जेडीयू निशांत कुमार को उनकी विरासत के अनुसार ही पद चाहती है ताकि कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ न्याय हो सकते। ऐसे में कुछ विकल्प है जिनपर चर्चा चल रही है.
भगवान वराह धाम की नगरी , तुलसी की जन्मस्थली और गंगा नदी के किनारे बसे कासगंज जिले के सोरो क्षेत्र के हिमायूंपुर गांव में किसान तक का किसान कारवां पहुंचा. राज्य के 75 जिलों की कवरेज में कासगंज जनपद किसान कारवां का छठवां पड़ाव रहा. करीब डेढ़ दशक से अधिक समय पहले एटा जिले से अलग होकर एक नए जिले के तौरपर पहचान बनाने वाले कासगंज के लोगों के जीविकोपार्जन का सबसे बड़ा माध्यम कृषि और पशुपालन है. जल संसाधनों की उपलब्धता और उपजाऊ भूमि के कारण यहां रबी सीजन में सरसों, गेहूं, आलू, मटर, चना सहित अन्य फसलों की खेती की जाती है.वहीं खरीफ सीजन में मक्का, बाजरा, धान और मेथी, जबकि गरमा सीजन में तरबूज और खरबूज की खेती किसानों की आय का प्रमुख जरिया है.

नई दिल्ली: गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में कड़ाके की ठंड पड़ी, क्योंकि दिल्ली में इस साल का सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का तीसरा सबसे कम तापमान है, जैसा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के डेटा से पता चला है. शहर के बेस स्टेशन, सफदरजंग में पारा 5.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो मौसम के सामान्य तापमान से 1.1 डिग्री कम है, जिससे यह इस सर्दी के मौसम का तीसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान बन गया. अन्य निगरानी स्टेशनों में, पालम में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम है, जिससे यह इस साल दिल्ली में दर्ज की गई सबसे ठंडी सुबहों में से एक बन गई. (PTI)
हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से सूखा जारी है और मौसम विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि फिलहाल जनवरी के आने वाले दिनों में मौसम में कोई खास बदलाव नहीं होगा. बारिश और बर्फबारी न होने से टूरिस्ट और लोकल लोग दोनों निराश हैं, खासकर शिमला, कुफरी और नारकंडा जैसी पॉपुलर जगहों पर, जहां आमतौर पर साल के इस समय बर्फबारी होती है. स्नोफॉल देखने की उम्मीद में शिमला घूमने आए टूरिस्ट ने अपनी निराशा जाहिर की. दिल्ली के एक टूरिस्ट राघव शर्मा ने कहा कि मौसम धूप वाला था लेकिन थोड़ा ठंडा था. उन्होंने कहा, 'हमें स्नोफॉल की उम्मीद थी, लेकिन बिल्कुल नहीं है. धूप तेज है, हालांकि हवा बहुत ठंडी है. मौसम साफ है, लेकिन बर्फ बिल्कुल नहीं है.' दिल्ली के एक और टूरिस्ट दीपक नागर ने भी ऐसी ही बातें कहीं, उन्होंने याद किया कि उन्होंने 2020 में एक विज़िट के दौरान स्नोफॉल देखा था. उन्होंने आगे कहा, 'इस बार, हमारी ट्रिप का मकसद पूरा नहीं हुआ. दिल्ली असल में अभी ज्यादा ठंडी है, जबकि शिमला धूप की वजह से काफी नॉर्मल लग रहा है.'
आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और संसद में विधेयक पेश करके अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी का वैधानिक दर्जा देने का केंद्र से आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दीर्घकालिक विकास और स्थिरता के लिए यह कदम बेहद जरूरी है. राष्ट्रीय राजधानी में शाह के आवास पर हुई इस बैठक में नायडू ने हाल ही में शुरू की गई विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के वित्तीय प्रावधानों पर भी चिंता जताई है. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि केंद्र-राज्य निधि का संशोधित अनुपात 60:40 आंध्र प्रदेश पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है और इससे योजना के कार्यान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. राहत की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की वर्तमान वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक वित्तीय सहायता और लचीलेपन का अनुरोध किया.
प्रख्यात पर्यावरणविद् माधव गाडगिल का पुणे में निधन हो गया है. परिवारिक सूत्रों के अनुसार वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे. गाडगिल 83 वर्ष के थे. माधव गाडगिल को पश्चिमी घाट पर अपने शानदार काम और पर्यावरण संरक्षण के लिए जाना जाता है. उनके बेटे सिद्धार्थ गाडगिल ने एक बयान जारी किया और कहा, 'मुझे यह दुखद खबर बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मेरे पिता माधव गाडगिल का कल देर रात पुणे में बीमारी के बाद निधन हो गया.' गाडगिल ने कई तरह से भारत में ज़मीनी स्तर पर पर्यावरण को बढ़ावा दिया. उन्होंने ही सबसे पहले यह चेतावनी दी थी कि पश्चिमी घाट में इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट बनाने से खतरनाक नतीजे होंगे. गाडगिल के अहम काम, जिसे गाडगिल रिपोर्ट कहा जाता है, में इंडस्ट्री और क्लाइमेट संकट से बढ़ते खतरों के सामने भारत की इकोलॉजिकली नाजुक पश्चिमी घाट पर्वत श्रृंखला की सुरक्षा की मांग की गई थी.

उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में पौधारोपण गतिविधियों के लिए पॉलीथीन ग्रो बैग्स की जगह गाय के गोबर से बने ऑर्गेनिक गमलों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है. राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री के आत्मनिर्भर गौशाला मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश की लगभग सात हजार गौशालाओं में गाय के गोबर से बने ऑर्गेनिक गमलों का उत्पादन किया जाएगा. इसमें कहा गया है कि इस पहल का मकसद न सिर्फ प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना है बल्कि जिला स्तर पर खासकर पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों के लिये बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना भी है. उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अनुसार राज्य में पौधरोपण अभियानों में इस्तेमाल के लिए इस साल लगभग पांच करोड़ ऑर्गेनिक गमले बनाने की योजना है. आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं के अनुरूप एक विशेष योजना तैयार की है. उन्होंने कहा, 'यह तय किया गया है कि बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान के तहत पौधे पॉलीथीन के बजाय गाय के गोबर से बने ऑर्गेनिक गमलों में लगाए जाएंगे. हम ऐसे लगभग पांच करोड़ गमलों के उत्पादन की योजना बना रहे हैं. राज्य भर की नर्सरी में इन ऑर्गेनिक गमलों को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए वन मंत्री अरुण सक्सेना के साथ पहले ही चर्चा हो चुकी है.'
अमूल मस्ती दही पाउच वर्शन माइक्रोबायोलॉजिकल पैरामीटर पर लैब टेस्ट में फेल हो गया है. इसमें कोलीफॉर्म और फफूंदी उग रही थी जो FSSAI स्टैंडर्ड से हजारों गुना ज्यादा थी. वहीं अमूल मस्ती दही का कप वर्शन इसी तरह के टेस्ट में पास हो गया है.
बुधवार को दिल्ली में कड़ाके की सर्दी ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली और लगातार राष्ट्रीय राजधानी में दिन का तापमान तेजी से गिरा और पालम और लोधी रोड पर कोल्ड डे कंडीशन दर्ज की गई. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह मौसम के औसत से 2.3 डिग्री कम है जबकि न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा है. मौसम विभाग ने कहा कि पालम और लोधी रोड में अधिकतम तापमान में गिरावट के कारण कोल्ड डे कंडीशन देखी गईं. मौसम विभाग ने गुरुवार को सुबह के समय घने कोहरे का अनुमान लगाया है और येलो अलर्ट जारी किया है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान के 16 डिग्री सेल्सियस और 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, IMD का कहना है कि अगले दिन भी ठंडे दिन की स्थिति जारी रहने की संभावना कम है.
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