Agriculture Live Blogउत्तर भारत में सर्दियों की आहट के साथ ही मौसम ने अपना मिज़ाज पूरी तरह बदल लिया है. ठंड अब साफ महसूस होने लगी है. पहाड़ी इलाकों में जहां बर्फ की चादर बिछ रही है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में बारिश और शीतलहर ने रफ्तार पकड़ ली है. इसका असर आम लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी साफ दिखाई दे रहा है. इसी बीच, इस लाइव और लगातार अपडेट होने वाले सेक्शन में आपको खेती से जुड़ी हर जरूरी जानकारी एक ही जगह मिलती रहेगी. यहां खाद और बीज से जुड़ी अहम खबरें होंगी, खेती और गार्डनिंग के आसान और काम के टिप्स मिलेंगे, किसानों के लिए फायदेमंद सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और कृषि जगत से जुड़े बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रम भी आप तक पहुंचेंगे. साथ ही उन्नत किस्म के बीजों पर भी चर्चा होगी, जिनका सही इस्तेमाल कर किसान बेहतर पैदावार और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
किसान तक का किसान कारवां आज कानपुर नगर के गांव ईंटरा पहुंचा. प्रदेश के 75 जिलों में किसानों तक आधुनिक खेती की तकनीक पहुंचाने का अभियान है, और ईंटरा गांव इसका 16वां पड़ाव है.

महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने बुधवार को अपने साथी डिप्टी CM अजित पवार की मौत को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जिस एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट में उनकी जान गई, उसकी जांच की जाएगी. रिपोर्टर्स से बात करते हुए, शिंदे ने पवार के योगदान की तारीफ की, जो अलग-अलग कैबिनेट में उनके साथी रहे और 2022 से 2024 तक सरकार चलाने के दौरान उनके डिप्टी भी थे. उन्होंने कहा, 'यह बहुत दर्दनाक घटना है...महाराष्ट्र के लिए बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण. एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट की जांच की जाएगी.' शिंदे ने आगे कहा, 'यह नुकसान सिर्फ पवार परिवार का नहीं बल्कि पूरे राज्य का है. मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैंने अपना बड़ा भाई खो दिया हो.' अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह पुणे जिले में एयरक्राफ्ट क्रैश होने से 66 साल के पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई. शिंदे ने कहा कि पवार का मन साफ था और वह बहुत सीधे-सादे, निडर नेता थे, जिनकी एडमिनिस्ट्रेशन पर अच्छी पकड़ थी. उन्होंने याद किया कि कैसे पवार ने, उस समय के फाइनेंस मिनिस्टर के तौर पर, पैसे का इंतजाम किया था, जब उनकी सरकार ने (2024 में) लड़की बहिन योजना शुरू करने का फ़ैसला किया था, जो राज्य की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की मदद देती है.
एक महिला चश्मदीद के मुताबिक बुधवार सुबह पुणे जिले में बारामती के पास महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार को ले जा रहा एयरक्राफ्ट 'हवा में थोड़ा अस्थिर' लग रहा था और क्रैश होते ही उसमें धमाका हो गया. घटना देखने वाले एक और व्यक्ति ने कहा कि क्रैश के बाद, एयरक्राफ्ट में आग लग गई और इसके बाद लगातार चार से पांच धमाके हुए. अधिकारियों के मुताबिक, सुबह 8.50 बजे बारामती के पास एयरक्राफ्ट क्रैश होने से पवार (66) और चार अन्य लोगों की मौत हो गई. महिला ने कहा कि उसने सुबह एयरक्राफ्ट को बारामती एयरपोर्ट के चक्कर लगाते हुए देखा. महिला ने एक न्यूज़ चैनल को बताया, 'इसने हवा में एक चक्कर लगाया, थोड़ा अस्थिर लग रहा था और जैसे ही यह लैंड करने के लिए रनवे के पास पहुंचा, यह जोर से जमीन से टकराया और धमाका हो गया. एक तेज आवाज हुई और हमारे घर तक सुनी जा सकती थी.' उसने कहा कि धमाके के बाद एयरक्राफ्ट के कई हिस्से हवा में उछल गए और उसके घर के पास गिरे. उन्होंने कहा, 'प्लेन नीचे आने से पहले झुका। हमने धमाका देखा और वह डरावना था.' एक और चश्मदीद ने भी कहा कि नीचे उतरते समय ऐसा लगा कि एयरक्राफ्ट का कंट्रोल खत्म हो रहा है.
खेती सेक्टर की वर्तमान स्थिति एवम भविष्य की चुनौतियों के मुद्दे पर कृषि पर शोध करने वाले गुजरात की पारुल यूनिवर्सिटी के छात्रों का प्रतिनिधिमंडल आज शाम 5.30 बजे चंडीगढ़ के किसान भवन में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल जी से संवाद करेगा.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है. अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह पुणे जिले में एक एयरक्राफ्ट क्रैश होने से महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार और पांच अन्य लोगों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि यह घटना तब हुई जब NCP नेता पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा प्लेन पुणे के बारामती इलाके में लैंड कर रहा था.
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP-Ajit Pawar) के चीफ और महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजीत पवार का प्लेन बारामती एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश के दौरान क्रैश हो गया. इस घटना में कई लोग घायल हैं. बताया जा रहा है कि विमान में मंत्री समेत छह लोग सवार थे और वो मुंबई से बारामती जा रहे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें आज चार जरूरी पब्लिक मीटिंग्स में शामिल होने के लिए बारामती जाना था. मौके से मिले विज़ुअल्स में आग और धुआं, प्लेन के टूटे-फूटे हिस्से और घायलों को पास के हॉस्पिटल ले जाती एम्बुलेंस दिख रही हैं. इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश क्यों की गई, इस बारे में और जानकारी का इंतजार है. यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई.
पश्मिची उत्तर प्रदेश में ठंड का कहर जारी है. मेरठ से सटे बागपत जिले में मंगलवार को बारिश के साथ ओले भी गिरे. दो दिन की खिली धूप के बाद बारिश और ओले गिरने से तापमान में गिरावट हुई है और ठंड भी बढ़ गई है. वहीं ऐसी भी खबरे हैं कि ओलावृष्टि से यहां पर किसानों को काफी नुकसान हुआ है. बताया जा रहा है कि आलू और गेहूं की फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है.
उत्तराखंड में बदरीनाथ और केदारनाथ सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी होने के बाद मंगलवार को हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गयी है. एक हफ्ते से भी कम समय में प्रदेश में दूसरी बार बर्फबारी हुई है.ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को सतर्क कर दिया है. चंडीगढ़ रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (डीजीआरई)द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 27 जनवरी 2026 की शाम पांच बजे से 28 जनवरी 2026 पांच बजे तक राज्य के विभिन्न ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की संभावना जतायी गई है. चमोली जिले में बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ और आसपास की चोटियों पर सोमवार रात से रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है जबकि उत्तरकाशी जिले की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है. चकराता में भी शाम को बर्फबारी हुई जिसके बाद वहां के नजारे देखने के लिए पर्यटक उमड़ पड़े. स्की रिजॉर्ट औली में भी हिमपात हुआ. कुमांउ क्षेत्र में पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई. मौसम खराब रहने की आशंका के मद्देनजर टिहरी, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ तथा उधमसिंह नगर जिले में कक्षा 12 तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है.
दिल्ली में 2022 के बाद से चार साल में जनवरी में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई. मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण तापमान तेजी से नीचे चला गया और असामान्य रूप से, हवा की क्वालिटी में अचानक गिरावट आई, जो 'बहुत खराब' कैटेगरी में चली गई. बारिश के इस नए दौर के साथ, जनवरी में दिल्ली में महीने की कुल बारिश 24 एमएम हो गई है, जो 2022 के बाद जनवरी में सबसे ज्यादा है. हाल के सालों में जनवरी का सबसे ज़्यादा बारिश वाला दिन 8 जनवरी, 2022 है, जब शहर में 40.6 एमएम बारिश दर्ज की गई थी. इस महीने, दिल्ली में 23 जनवरी को 19.8 एमएम बारिश हुई और मंगलवार को शाम 5.30 बजे तक सफदरजंग में 4.2 एमएम और बारिश हुई, साथ ही दूसरे स्टेशनों पर भी थोड़ी बारिश हुई, जिससे जनवरी में कुल बारिश 24 एमएम हो गई, जो 2022 के पीक इवेंट को छोड़कर, चार सालों में इस महीने की सबसे ज्यादा बारिश है.
उत्तर प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर की वजह से अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने का अनुमान है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज में मध्यम से भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. राजधानी लखनऊ में बुधवार की सुबह हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और फिलहाल मौसम के इसी तरह के बने रहने की आशंका है. मौसम विभाग ने बाकी जिलों में भी बारिश के आसार जताए हैं. बारिश से हल्की से ठंड बढ़ गई है.
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