Agriculture Live Blogदेश के बड़े हिस्से में इस समय मॉनसून की सक्रियता देखने काे मिल रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज कई राज्यों में भारी से बहुत ज्यादा भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार, ओडिशा और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल पर बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने के कारण मध्य और पूर्वी भारत में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तर भारत के कई राज्यों में भी भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
भोपाल: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच करीब 3 घंटे चली बैठक के बाद बड़ा फैसला लिया गया. राज्य सरकार अब प्रति एकड़ 3 क्विंटल (करीब 60% फसल) मूंग की खरीदी करेगी. साथ ही ई-टोकन व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है. सरकार ने कहा कि उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.
भोपाल, मध्य प्रदेश: भोपाल में चल रहे किसानों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, मंत्रालय में किसान प्रतिनिधियों और किसानों के मुद्दों के लिए बनाई गई मंत्री-स्तरीय समिति के बीच एक उच्च-स्तरीय बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मंत्री विश्वास सारंग और मंत्री कृष्णा गौर के साथ-साथ कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद हैं.
भोपाल में मंत्रालय में मंत्री समूह और किसान प्रतिनिधियों के बीच बैठक शुरू हो गई है. बैठक में किसानों की मांगों और 100 प्रतिशत मूंग खरीद के मुद्दों पर चर्चा हो रही है. किसान संगठन 3 दिन से अपनी मांगों को लेकर भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं. (इनपुट- रवीश पाल सिंह)
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को बताया कि स्टडीज़ से पता चलता है कि भारतीय तट पर माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण के मुख्य स्रोत नदियों से आने वाला कचरा और मछली पकड़ने का बेकार या खोया हुआ सामान (ALDFG) हैं. लोकसभा में एक लिखित जवाब में मंत्री ने यह भी बताया कि नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च (NCCR) भारतीय तट पर चुनिंदा जगहों पर माइक्रोप्लास्टिक्स, मेसोप्लास्टिक्स, मैक्रोप्लास्टिक्स और समुद्री कचरे की निगरानी करता है. सिंह ने कहा, "NCCR ने तटीय वातावरण में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक्स और मैक्रोप्लास्टिक्स के डेटा के आधार पर 'क्लीन कोस्ट इंडेक्स' (CCI) तैयार किया है." (पीटीआई)
पटना: बिहार की सम्राट कैबिनेट ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है. कैबिनेट ने ICDS के तहत आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के 22 हजार पदों पर भर्ती का फैसला किया है. वहीं दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी में बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलें और गन्ना उपोत्पाद आधारित उद्योग स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है, जिससे गन्ना किसानों और स्थानीय युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा अमृत 2.0 मिशन के तहत लखीसराय (₹150.96 करोड़) और किशनगंज (₹53.71 करोड़) जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी मिली है. जमुई में NH-333A पर दो नए आरसीसी पुलों के निर्माण और बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत वेजफेड के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹106.39 करोड़ की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है.
भोपाल में मूंग की खरीद को लेकर किसानों का प्रदर्शन तेज हो गया. प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़ते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंच गए. पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद किसानों ने वहीं धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास तक जाने की मांग पर अड़े हुए हैं. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
बिहार के रोहतास जिले में सोन नदी में डूबने से एक किसान की मौत हो गई. मृतक की पहचान योगेंद्र पासवान के रूप में हुई है. बताया गया कि वह धान की रोपाई के लिए बिचड़ा धोने सोन नदी में उतरे थे. इसी दौरान नदी का जलस्तर और बहाव अचानक तेज हो गया, जिससे वह पानी में बह गए. सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने काफी तलाश के बाद उनका शव बरामद किया. शव को पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया गया है. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. (इनपुट- रंजन कुमार)
पंचमहल (गुजरात): अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को गुजरात के पंचमहल ज़िले में पुलिस ने 38 किलोग्राम वज़न और 18.95 लाख रुपये कीमत के गांजे के पौधे ज़ब्त किए और दो लोगों को गिरफ़्तार किया. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने वाव कुंडली गांव में चंद्र बारिया और नटू बारिया नाम के दो आरोपियों द्वारा खेती किए जा रहे खेत की तलाशी ली. (पीटीआई)
भोपाल में मूंग की 100% MSP पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन बुधवार को और तेज हो गया. कई किसान बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए और कुछ बसों पर भी सवार होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वीर सावरकर सेतु के पास बड़ी संख्या में किसान आगे बढ़ते दिखे. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इस बीच आज सीएम मोहन यादव शाम 6 बजे के बाद किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे.

पटना: बिहार में चीनी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को मधुबनी की सकरी और दरभंगा की रैयाम चीनी मिल की आधारशिला रखेंगे. गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य रखा है. नई मिलों को शुगर कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां चीनी के साथ इथेनॉल, बिजली और बायोगैस का भी उत्पादन होगा. सरकार का कहना है कि इससे किसानों को बेहतर बाजार, रोजगार के नए अवसर और गन्ना आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. (पीटीआई)
जयपुर: मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार से राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश बढ़ेगी, जिसमें कोटा, जयपुर और भरतपुर डिवीज़न शामिल हैं. विभाग ने कहा कि राज्य के दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी हिस्सों में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बने एक मौसम सिस्टम के कारण पूरे राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. (पीटीआई)
असम के ऊपरी इलाकों में बाढ़ से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जैसे जिलों में इंसानों के साथ-साथ पशु भी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. इस आपदा के बीच सरकार के साथ-साथ स्थानीय लोग और संगठन भी मदद के लिए आगे आए हैं. बोंगाईगांव जिले में ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) और ग्रेटर बोंगाईगांव प्रेस क्लब ने मिलकर बाढ़ सहायता केंद्र शुरू किया, जहां लोगों से राहत सामग्री देने की अपील की गई. अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग मदद के लिए पहुंच गए. किसी ने चावल दिया, किसी ने पानी, कपड़े और आर्थिक सहायता दी. देखते ही देखते कार्यालय और आसपास का इलाका राहत सामग्री से भर गया. महिलाएं कपड़े पैक करती दिखीं, जबकि संगठन के सदस्य सामग्री को ट्रकों में लोड कर बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए रवाना करने में जुटे रहे. लोगों की यह एकजुटता मानवता की मिसाल बन गई.
प्रदेशभर में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण को लेकर कृषि मंत्री ने प्रेस वार्ता कर स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हालात और होरमुज संकट के कारण कई हफ्तों तक रास्ते प्रभावित रहे, इसके बावजूद केंद्र सरकार की ओर से राज्य को पर्याप्त मात्रा में फर्टिलाइजर उपलब्ध कराया गया है. कृषि मंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल से 28 जुलाई तक प्रदेश में कुल 57 लाख 70 हजार मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया. इसमें से अब तक किसानों को 28 लाख 88 हजार मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है, जबकि अभी भी राज्य में 28 लाख 82 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि किसानों को अब तक 20 लाख 26 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 4 लाख 4 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 1 लाख 45 हजार मीट्रिक टन एनपीके, 2 लाख 18 हजार मीट्रिक टन एसएसपी और 25 हजार मीट्रिक टन एमओपी दिया जा चुका है. कृषि मंत्री के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में 54 लाख 52 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 4 लाख 81 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 4 लाख 91 हजार मीट्रिक टन एनपीके, 3 लाख 47 हजार मीट्रिक टन एसएसपी और 1 लाख 11 हजार मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार निगरानी कर रही है.
मध्य प्रदेश में जारी किसान आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष 'कृषि कल्याण वर्ष' मनाया जा रहा है और किसानों से जुड़े हर मुद्दे का समाधान सरकार की प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं और सुझावों पर चर्चा के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है, जो किसानों से लगातार संवाद कर रही है. उन्होंने जानकारी दी कि आज भी मंत्रियों का एक दल किसानों से मुलाकात कर उनकी मांगों और समस्याओं पर बातचीत करेगा. डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के हर सकारात्मक सुझाव का स्वागत करती है और उनके हित में काम करने के लिए हमेशा तैयार है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े.
कर्नाटक में कावेरी नदी के पानी को लेकर सियासत तेज हो गई है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने 31 जुलाई को मंड्या में किसानों के समर्थन में बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्नाटक के किसानों के हितों की रक्षा करने के बजाय तमिलनाडु का पक्ष ले रही है. विजयेंद्र ने कहा कि जलाशयों में पहले से ही पानी की कमी है, ऐसे में कावेरी का पानी छोड़ने का फैसला सिंचाई पर निर्भर किसानों के लिए नुकसानदायक साबित होगा. उन्होंने सरकार से कावेरी जल विनियमन समिति के सामने मजबूती से राज्य का पक्ष रखने की मांग की. भाजपा नेता ने कहा कि सरकार के बयान किसानों का मनोबल बढ़ाने के बजाय उन्हें निराश कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो भाजपा आंदोलन को और तेज करेगी. साथ ही उन्होंने एक डॉक्टर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया.
असम में बाढ़ का कहर लगातार जारी है. पिछले 24 घंटे में सात और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है. हालांकि, प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है. बाढ़ से अभी भी शिवसागर, चराईदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले प्रभावित हैं. सबसे ज्यादा असर चराईदेव जिले में देखने को मिला है, जहां 1.42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. वहीं शिवसागर में 97 हजार से ज्यादा और जोरहाट में करीब 57 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं. राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी है. राहत और बचाव कार्यों में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां जुटी हुई हैं. बाढ़ से 45 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसल क्षेत्र डूब गया है. वहीं राहत शिविरों में हजारों लोग शरण लिए हुए हैं. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बच्चों की पढ़ाई और जरूरतों का ध्यान रखने के लिए राहत शिविरों में विशेष व्यवस्था करने की बात कही है.
गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में खेतों से गुजरने वाली बिजली लाइनों के मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है. सरकार ने प्राइवेट कंपनी द्वारा खेतों में बिजली की लाइनें बिछाने के लिए मुआवजा नीति को लेकर नया सर्कुलर जारी किया है, लेकिन किसानों ने इसे मानने से इनकार कर दिया है. इसके विरोध में सुरेंद्रनगर मेला ग्राउंड से कलेक्टर ऑफिस तक किसानों ने बड़ी रैली निकाली. रैली में सुरेंद्रनगर, ध्रांगधरा तालुका के कोंध गांव समेत आसपास के कई गांवों के किसान शामिल हुए. बड़ी संख्या में महिलाएं और लड़कियां भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बनीं. किसानों ने मांग की कि उन्हें दूसरे राज्यों की तर्ज पर उचित मुआवजा दिया जाए. किसानों का कहना है कि नया सर्कुलर किसानों के नहीं बल्कि प्राइवेट कंपनियों के हित में है. मांगें पूरी नहीं होने पर किसानों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.
सड़क पर डटे किसानों ने विरोध प्रदर्शन के बीच अनोखा तरीका अपनाते हुए सड़क पर ही हवन किया. किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ कर अपनी मांगों पर ध्यान देने की प्रार्थना की. इस दौरान किसानों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और गुरु पूर्णिमा का पर्व भी मनाया. किसानों का कहना है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और जल्द समाधान निकाले.

सीजेपी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और संगठन के कई अन्य सदस्यों ने दिल्ली में किसान नेता राकेश टिकैत और कई किसानों से मुलाकात की. इस दौरान किसानों, छात्रों और युवाओं को एक साथ लाकर संयुक्त मोर्चा बनाने को लेकर चर्चा हुई. बैठक के बाद आशुतोष रांका ने कहा कि अब देश के किसान, छात्र और युवा मिलकर सरकार को चारों तरफ से घेरने का काम करेंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी वर्गों के लोग एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे और आने वाले समय में एक बड़े आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ेंगे.
भोपाल में किसान आंदोलन का आज तीसरा दिन है. अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान फिलहाल वीर सावरकर सेतु के सामने रुके हुए हैं. इससे पहले मंगलवार को किसानों और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही, जिसके बाद किसानों ने पूरी रात सड़क पर बिताई. अब किसान एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की तैयारी में हैं. वहीं, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है. स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया है.
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