Agriculture Live Blogउत्तरी भारत के लोगों को आज से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण आसमान में बादल छाए रहेंगे. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में 20-22 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज, धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. बादलों और हवाओं की मौजूदगी के कारण दिन और रात, दोनों के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे गर्मी का एहसास कम होगा.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को सभी ज़िला कलेक्टरों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फ़सलों को हुए नुकसान का सर्वे करने और अपनी रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया. एक बयान के अनुसार, शर्मा ने कहा कि किसानों का दर्द ही उनकी सरकार का दर्द है. उन्होंने कहा कि प्रभावित सभी किसानों को उचित सहायता प्रदान की जाएगी. (पीटीआई)
लखनऊ: सीएम योगी की आज गौ संरक्षण पर बैठक करेंगे. शाम 5 बजे सीएम आवास पर बैठक होगी. पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह रहेंगे मौजूद, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव रहेंगे मौजूद. गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष उपाध्यक्ष भी रहेंगे मौजूद.
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. सुक्खू, जो अपना चौथा बजट पेश कर रहे थे, ने अपने भाषण की शुरुआत यह कहकर की कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को बंद किए जाने से सालाना बजट पर असर पड़ा है, और उन्होंने BJP पर राज्य के हितों का समर्थन न करने का आरोप लगाया. सुक्खू ने कहा, "विपक्षी BJP ने इन मुश्किल समय में राज्य का साथ नहीं दिया है और इतिहास उन्हें कभी नहीं भूलेगा," जिस पर BJP सदस्यों की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया आई. (पीटीआई)
आखिरकार तीन दिनों के बाद बद्रीनाथ धाम में लगातार हो रही बर्फबारी से राहत मिल चुकी है. 3 दिनों से लगातार हो रही बर्फबारी के चलते जहां बद्रीनाथ धाम में हर तरह बर्फ की मोटी चादर दिखाई दे रही है. वहीं, कड़ाके की ठंड भी यहां पर हो रही है ऐसे में यहां पर मास्टर प्लान के कार्य भी प्रभावित हुए हैं तो वहीं अन्य कार्य भी यहां पर नहीं हो पा रहे थे. वहीं, आज मौसम ने राहत दी है. हालांकि, हर तरफ बर्फ की मोटी चादर बिछी हुई नजर आ रही है, लेकिन अब लगातार होती बर्फबारी से राहत मिल चुकी है तो वहीं बद्रीनाथ धाम का अद्भुत श्रंगार भी दिखाई दे रहा है. ऐसे में बद्रीनाथ धाम एक बार फिर से जबरदस्त बर्फ की मोटी चादर में लिपटा हुआ दिखाई दे रहा है. वहीं चटक धूप खिलने से थोड़ी सी मौसम से राहत मिल चुकी है. (इनपुट- कमलनयन सिलोड़ी)
उत्तर सोलापुर तालुका में हुई बेमौसम बारिश से अंगूर उत्पादक किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है. तालुका के पडसाली गांव के किसान अंकुश शिरसाट की करीब साढ़े तीन एकड़ अंगूर की बाग तेज बारिश और हवा के कारण पूरी तरह जमीन पर गिरकर तबाह हो गई. ऐन सीजन में आए इस प्राकृतिक संकट से किसान को भारी आर्थिक झटका लगा है. खाड़ी देशों में चल रही युद्ध स्थिति के कारण पहले ही अंगूर को अपेक्षित अंतरराष्ट्रीय बाजार नहीं मिल रहा है, जिससे किसान पहले से ही परेशान हैं. ऐसे में बेमौसम बारिश के तड़ाखे से अंकुश शिरसाट को करीब 50 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. इस दोहरे संकट के कारण किसान पूरी तरह मुश्किल में आ गया है. (विजयकुमार बाबर का इनपुट)
मध्यप्रदेश के सागर जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने कई गांवों में खड़ी फसलों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है. खेतों में जहां कुछ दिन पहले तक गेहूं और चना की फसल लहलहा रही थी, वहीं अब ओलों की सफेद चादर बिछी नजर आ रही है. इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है. जिले के बंडा, शाहगढ़, बीना और खुरई ब्लॉक के करीब एक दर्जन गांवों में ओलावृष्टि की खबरें सामने आई हैं. सबसे ज्यादा नुकसान शाहगढ़ तहसील के दलपतपुर क्षेत्र में बताया जा रहा है, जहां चकेरी, निहानी और सांदागिर जैसे गांवों में बड़े-बड़े ओले गिरे। ग्रामीणों के मुताबिक, ओलों का आकार बेर जितना था, जिससे खड़ी फसलें पूरी तरह बिछ गईं. कई जगहों पर पहले से कटी हुई फसल भी बारिश में भीगकर खराब हो गई.
लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को कहा कि खेती को फिर से ज़िंदा करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल जरूरी है, क्योंकि पारंपरिक खेती अब फायदेमंद नहीं रही. पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में एक किसान मेले को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि हरित क्रांति के दौरान राज्य ने अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन इसकी वजह से मिट्टी और पानी के संसाधन कम हो गए हैं. उन्होंने कहा कि खेती से होने वाली आय घट रही है और फसलों की पैदावार एक ठहराव बिंदु पर पहुंच गई है, इसलिए पैदावार बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करने के लिए AI-आधारित तकनीकों को अपनाना जरूरी है. (पीटीआई)
नई दिल्ली: दिल्ली शनिवार को कोहरे की चादर में लिपटी हुई जागी. यह एक असामान्य घटना थी, क्योंकि ठंडी हवाओं के कारण तापमान कम बना रहा. यह उस दिन के ठीक बाद हुआ, जब शहर ने पिछले छह सालों में मार्च का सबसे ठंडा दिन और पिछले पांच महीनों में सबसे साफ हवा वाला दिन दर्ज किया था. सुबह 8 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 94 (संतोषजनक) रहा. शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता में ज़बरदस्त सुधार हुआ था, जब AQI 93 था. शुक्रवार का दिन पिछले लगभग पांच महीनों में हवा की गुणवत्ता के लिहाज से पहला 'संतोषजनक' दिन था. इससे पहले शहर में ऐसी ही हवा की गुणवत्ता 9 अक्टूबर, 2025 को दर्ज की गई थी, जब AQI 99 था. (पीटीआई)
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लोगों को ईद की बधाई दी और चारों ओर भाईचारे और सद्भावना की कामना की. देश में शनिवार को ईद मनाई जा रही है. मोदी ने X पर कहा, "ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं. यह दिन चारों ओर भाईचारा और सद्भावना बढ़ाए. सभी सुखी और स्वस्थ रहें. ईद मुबारक!" (पीटीआई)
अमरेली जिले में लगातार दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. तेज हवाओं और तूफान के साथ हुई बारिश के कारण आम समेत कई फसलों को भारी नुकसान हुआ है. सावरकुंडला तालुका के सेंजल गांव में आम के बागों से बड़ी संख्या में आम गिर गए, जिससे बागवानी पर निर्भर किसानों को नुकसान उठाना पड़ा. कई किसान अब मजदूर लगाकर गिरे हुए आम इकट्ठा करने को मजबूर हैं. जिले के धारी, खांभा, बगसरा और वडिया इलाकों में भी आम, गेहूं, चना, बाजरा, धनिया और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है. किसानों का कहना है कि इस बार पहले ही पैदावार कम थी, ऊपर से बारिश और तूफान ने बची फसल भी खराब कर दी. प्रभावित किसान अब सरकार से मुआवजे और सहायता की मांग कर रहे हैं, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके. (फारुखभाई का इनपुट)
गुजरात के जूनागढ़ जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. तेज बारिश और हवाओं के कारण खेतों में कटी हुई फसल को भारी नुकसान हुआ है. भैंसान क्षेत्र में करीब डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई और कई जगह ओले गिरने से हालात और बिगड़ गए.
इस मौसम बदलाव का सबसे ज्यादा असर केसर आम की फसल पर पड़ा है. पेड़ों पर आए कच्चे आम तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में गिर गए, जिससे बागवानी करने वाले किसानों को भारी नुकसान हुआ है. गेहूं, चना और बाजरी जैसी फसलें भी खेतों में पड़ी होने के कारण खराब हो गई हैं.
एक किसान ने बताया कि पहले ही आम का उत्पादन कम रहने की आशंका थी, लेकिन अब बारिश और तेज हवाओं ने स्थिति और खराब कर दी है. कई किसानों के मुताबिक बागों में 60 प्रतिशत तक आम गिर चुके हैं और बची फसल पर भी रोग का खतरा मंडरा रहा है, जिससे पूरे जिले में चिंता का माहौल है. (इनपुट- भार्गवी जोशी)
मौसम विभाग के अनुसार मध्य और पूर्वी भारत में भी 21 मार्च तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम सक्रिय रहेगा, जहां मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में 20 मार्च को तथा पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में 20 और 21 मार्च को अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में 24 मार्च को भारी बारिश हो सकती है, वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 मार्च को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और देश के कई हिस्सों में व्यापक आंधी-तूफान की गतिविधियों के कारण अगले एक सप्ताह तक दिन के तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है और इस दौरान हीटवेव जैसी कोई स्थिति बनने के आसार नहीं हैं.
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