Agriculture Live Blogदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है जहां उत्तर-पश्चिम भारत में गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है. 11 से 15 मई के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर ओले गिरने और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं दूसरी ओर राजस्थान, गुजरात और पश्चिम मध्य प्रदेश में अगले 4-5 दिनों तक कुछ इलाकों में लू चलने की स्थिति बनी रहेगी. इसके अलावा दक्षिण भारत में मौसम और अधिक सक्रिय होने जा रहा है जहां 14 से 17 मई के बीच केरल और माहे में तथा 15 और 16 मई को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने, सोने में कम निवेश करने और जैविक खेती अपनाने की अपील का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि देश के मुश्किल समय में सभी को साथ खड़ा होना चाहिए और ईंधन की बचत करनी चाहिए. टिकैत ने जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि खाद सब्सिडी सीधे किसानों को मिलनी चाहिए. उन्होंने बड़े शहरों में ऑर्गेनिक उत्पादों के लिए किसानों को सस्ती दुकानें देने की मांग की. साथ ही उन्होंने शादियों में सोने की सीमा तय करने का सुझाव भी दिया.
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के तिंत्रज गांव में प्याज किसान भगवान साबळे ने कम दाम मिलने से परेशान होकर अपनी 600 बोरी प्याज में आग लगा दी. किसान ने चार एकड़ में प्याज की खेती की थी, जिस पर लाखों रुपये खर्च हुए थे. लेकिन बाजार में प्याज का भाव सिर्फ 1 रुपये किलो मिला. 70 बोरी प्याज बेचने पर किसान को केवल 4 हजार रुपये मिले, जिससे उसका खर्च भी पूरा नहीं हुआ. इस घटना के बाद किसानों में नाराज़गी बढ़ गई है. किसान ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है.
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को संबंधित अधिकारियों को धान और अन्य फसलों की तेज़ी से खरीद के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए. उनकी यह टिप्पणी किसानों से अनाज की खरीद में कथित देरी को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में आई है. रेड्डी ने, जिन्होंने ज़िला कलेक्टरों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की, कहा कि किसानों से खरीद की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण करने के लिए ज़मीनी दौरे करने को भी कहा गया. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जूट के बोरों और अनाज के बोरों को ट्रकों तक ले जाने वाले मज़दूरों की कमी से बचने के लिए कदम उठाने चाहिए. तेज़ गर्मी और बेमौसम बारिश के कारण खरीद केंद्रों पर किसानों को हो रही मुश्किलों के जवाब में, CM ने अधिकारियों को ऐसे उपाय करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. प्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश, तेज हवाएं और गर्जना के साथ मौसम खराब बना हुआ हैं. शिमला में आज सुबह से मौसम खराब बना है और बीच बीच में हल्की बूंदा-बांदी भी हो रही है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी दिनों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. खासतौर पर चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
नई दिल्ली: मंगलवार को वायदा कारोबार में बिनौला खली की कीमतें 22 रुपये बढ़कर 3,463 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. यह बढ़ोतरी सट्टेबाजों द्वारा बढ़ती मांग के बीच नई पोजीशन बनाने के कारण हुई. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर, जून डिलीवरी के लिए बिनौला खली का सौदा 22 रुपये, या 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,463 रुपये प्रति क्विंटल पर हुआ। इस दौरान ओपन इंटरेस्ट 42,310 लॉट रहा. बाजार जानकारों ने बताया कि पशु आहार (कैटल फीड) की बढ़ती मांग के बीच बाजार प्रतिभागियों द्वारा अपनी पोजीशन का विस्तार करना ही मुख्य रूप से बिनौला खली की कीमतों में आए इस बदलाव का कारण रहा. (PTI)
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है. मौसम परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं और इस हफ्ते के आखिर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून की शुरुआत संभव है. दूसरी ओर, गर्मी का कहर जारी रहने वाला है. पश्चिम राजस्थान में अगले 6-7 दिनों तक लू और कुछ इलाकों में भीषण लू चलने की संभावना है. वहीं पूर्वी राजस्थान, मध्य भारत के आसपास के इलाके, गुजरात और महाराष्ट्र में भी अगले 4-5 दिनों तक लू के असर से राहत नहीं मिलेगी. इधर, दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 4-5 दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
नई दिल्ली: मंगलवार को वायदा कारोबार में ग्वार गम की कीमतें 14 रुपये बढ़कर 11,163 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. यह बढ़ोतरी सटोरियों द्वारा अपनी होल्डिंग बढ़ाने के कारण हुई, क्योंकि हाजिर बाज़ार में मांग मज़बूत बनी हुई थी. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर जून डिलीवरी के लिए ग्वार गम के सौदे 14 रुपये, या 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,163 रुपये प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रहे थे. इन सौदों में ओपन इंटरेस्ट 55,130 लॉट था. विश्लेषकों ने बताया कि हाजिर बाजार के मजबूत रुख को देखते हुए व्यापारियों ने अपनी खरीद बढ़ा दी, जिसके परिणामस्वरूप ग्वार गम की कीमतों में उछाल आया. (PTI)
नई दिल्ली: मंगलवार को वायदा कारोबार में धनिया की कीमतें 34 रुपये गिरकर 12,606 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. हाजिर बाजार में कमजोर मांग के चलते सट्टेबाजों ने अपनी पोजीशन कम कर दी, जिससे कीमतों में यह गिरावट आई. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर, जून डिलीवरी वाले धनिया के कॉन्ट्रैक्ट 34 रुपये या 0.27 प्रतिशत गिरकर 12,606 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गए. यह कारोबार 19,910 लॉट में हुआ. बाजार विश्लेषकों ने बताया कि हाजिर बाजार में मांग सुस्त रहने के कारण ही धनिया की कीमतों में यह गिरावट देखने को मिली. (PTI)
नई दिल्ली: मंगलवार को वायदा कारोबार में निवेशकों की ज़्यादा दांवबाजी के चलते ग्वार बीज की कीमतें 16 रुपये बढ़कर 5,697 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर जून डिलीवरी के लिए ग्वार बीज के सौदे 16 रुपये, या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 5,697 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए, जिसमें 59,740 लॉट का ओपन इंटरेस्ट था. बाजार के जानकारों ने बताया कि हाज़िर कीमतों में गिरावट के बावजूद, निवेशकों की ज्यादा दांवबाजी ने वायदा कारोबार में ग्वार बीज की कीमतों को सहारा दिया. (PTI)
नई दिल्ली: इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च और इंडियन काउंसिल ऑफ़ एग्रीकल्चरल रिसर्च ने सोमवार को मिलकर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया. इसका मकसद कृषि, पोषण और जन स्वास्थ्य को आपस में जोड़ना है, ताकि कृषि क्षेत्र में हुई तरक्की का फायदा लोगों की सेहत को बेहतर बनाने में मिल सके. "SEHAT - Science Excellence for Health through Agricultural Transformation" नाम की इस पहल को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में लॉन्च किया गया. इस मौके पर कई बड़े नीति-निर्माता, वैज्ञानिक और संबंधित क्षेत्रों के लोग भी मौजूद थे. नड्डा ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में 'बीमारी होने पर इलाज' (reactive and curative) वाले मॉडल से हटकर, 'बीमारी से बचाव, सक्रियता और समग्रता' (preventive, proactive and holistic) वाले नज़रिए को अपनाया है. (पीटीआई)
पुणे: जैसे-जैसे महाराष्ट्र में भीषण गर्मी की लहर जारी है, पूरे राज्य में हीटस्ट्रोक के मरीज़ों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे जन स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा हो गई हैं. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में 1 मार्च से 9 मई के बीच हीटस्ट्रोक के 229 मामले दर्ज किए गए, जबकि अत्यधिक गर्मी से जुड़ी पाँच मौतें भी रिपोर्ट की गई हैं; इनमें दो आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई मौतें और तीन संदिग्ध मामले शामिल हैं जिनकी अभी भी जांच चल रही है.
सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में, छत्रपति संभाजीनगर में हीटस्ट्रोक के सबसे ज़्यादा 79 मामले सामने आए, जिसके बाद नंदुरबार में 29, नासिक में 19, अमरावती में 12, बुलढाणा में 11 और गढ़चिरौली में 8 मामले दर्ज किए गए. बढ़ते तापमान से जुड़े मामले अकोला, अहिल्यानगर, रत्नागिरी, वर्धा और यवतमाल में भी देखे गए हैं. अधिकारियों ने लातूर ज़िले के निलंगा तालुका के एक 60 वर्षीय किसान की हीटस्ट्रोक से हुई मौत की पुष्टि की. एक अन्य दुखद घटना में, जलगांव के एक 34 वर्षीय फल विक्रेता की कथित तौर पर अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक रहने के कारण मौत हो गई. (इनपुट- ओमकार वाबले)
रायसेन जिले में गेहूं खरीदी केंद्रों की अव्यवस्थाओं से नाराज किसानों ने सोमवार को भोपाल-विदिशा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया. सलामतपुर के त्रिमूर्ति चौराहे पर किसान जागृति संगठन के नेतृत्व में करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया गया. किसानों ने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्रों पर बारदाने की भारी कमी है, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी हो रही है. वेयरहाउस भरे होने के कारण स्लॉट रद्द कराने में भी दिक्कतें आ रही हैं और यह विकल्प उपलब्ध नहीं है. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पीने के पानी और छाया जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव, तौल-कांटों में गड़बड़ी और अन्य व्यवस्थाओं की कमी को लेकर नाराजगी जताई. जिले के कई गांवों के किसानों ने मिलकर सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया. (इनपुट- राजेश रजक)
कश्मीर के गासू गांव के स्ट्रॉबेरी उत्पादकों ने बताया कि इस सीजन में मौसम फसल के लिए अनुकूल रहा है, जिससे उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है. हालांकि किसानों का कहना है कि स्ट्रॉबेरी की खेती मेहनत भरा काम है, इसलिए वे चाहते हैं कि अधिक से अधिक युवा इस पेशे से जुड़ें ताकि यह परंपरा आगे बढ़ सके. किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी उपज को दूसरे राज्यों तक तेजी से पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएं.
केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकाास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट कर असम में भाजपा की सरकार बनने पर खुशी जताई. उन्होंने लिखा, असम में आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार एक बार फिर शपथ लेने जा रही है. राज्य में उत्साह और गौरव का माहौल है. यह शपथ ग्रहण समारोह मां कामाख्या मंदिर की पावन भूमि पर हो रहा है, जिसे सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. राज्य में पिछले 10 वर्षों के दौरान विकास और सुशासन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है. पहले जहां असम घुसपैठ और अव्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रहा था, वहीं अब राज्य विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता नजर आ रहा है.
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में अतिक्रमण से कब्जाई गई जमीन को मुक्त कराने और जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने पर विशेष जोर दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में विकास कार्यों को गति मिली है. काजीरंगा से लेकर बराक घाटी के चाय बागानों तक विकास की रफ्तार तेज हुई है और ‘विकसित असम’ के संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है. सरकार के नए कार्यकाल के साथ ही राज्य में विकास की यह रफ्तार जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है.
माँ कामाख्या की पावन भूमि असम में आज एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार शपथ लेने जा रही है। मन आनंद, प्रसन्नता और गौरव से भरा है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) May 12, 2026
पहले जिस असम ने दुर्दशा और घुसपैठ का दंश झेला था, पिछले 10 वर्षों में वही असम सुशासन और विकास की नई परिभाषा लिख रहा है।
आज ब्रह्मपुत्र की लहरों…
रांची: एक अधिकारी ने बताया कि झारखंड के रांची में आयोजित एक वर्कशॉप में, आने वाले खरीफ मौसम के दौरान सूखे जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए ज़िला-वार आपातकालीन योजनाओं पर चर्चा और समीक्षा की गई. सोमवार से यहां बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) में शुरू हुई दो-दिवसीय वर्कशॉप के दौरान, सभी ज़िला कृषि अधिकारियों ने प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी-अपनी योजनाएं पेश की. इस अवसर पर बोलते हुए, कृषि विभाग के उप निदेशक (सांख्यिकी) शैलेंद्र कुमार ने कहा कि राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सूखे जैसी किसी भी संभावित स्थिति को देखते हुए, सभी स्तरों पर व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं. (पीटीआई)
नाशिक: प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सोमवार को महाराष्ट्र के नाशिक जिले में नंदगांव कृषि उपज मंडी समिति (APMC) परिसर के बाहर एक ट्रैक्टर-भर प्याज फेंक दिया. सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में किसान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्याज उतारते हुए दिखाई दे रहे हैं, और साथ ही वे प्रशासन तथा व्यापारियों के खिलाफ नारे भी लगा रहे हैं. प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि नाशिक जिले की कई मंडियों में प्याज की थोक कीमतें बुरी तरह गिर गई हैं, जिसके कारण किसान अपनी लागत और परिवहन खर्च भी नहीं निकाल पा रहे हैं. व्यापारियों और किसान संगठनों के अनुसार, कई APMC मंडियों में औसत गुणवत्ता वाले प्याज की कीमत इस समय लगभग 800 से 1,000 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही है, जबकि कुछ छोटी किस्मों के प्याज तो 1 रुपये से लेकर 4 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बेहद कम कीमतों पर बिक रहे हैं. (पीटीआई)
गुवाहाटी: नई NDA सरकार में, CM-पद के लिए चुने गए हिमंत बिस्वा सरमा के साथ, 12 मई को चार मंत्री शपथ लेंगे. इन चार मंत्रियों में से दो BJP के सहयोगी दलों - AGP और BPF - से होंगे. सरमा ने X पर एक पोस्ट में यह भी बताया कि पूर्व मंत्री रंजीत कुमार दास असम विधानसभा के स्पीकर पद के लिए गठबंधन के उम्मीदवार होंगे. उन्होंने कहा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरे ये चार साथी- रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में, मेरे साथ मंत्री पद की शपथ लेंगे."
कोलकाता: नेशनल जूट बोर्ड (NJB) ने बताया कि उसने JCIS को चालू कर दिया है. यह एक टेक्नोलॉजी-आधारित पहल है जो राज्यों में जूट की खेती की निगरानी के लिए सैटेलाइट इंटेलिजेंस, मौसम के विश्लेषण और ज़मीनी स्तर के डेटा को एक साथ जोड़ती है. बोर्ड ने सोमवार को एक बयान में कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जूट कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के सहयोग से विकसित, जूट फसल सूचना प्रणाली (JCIS) का उद्देश्य फसल क्षेत्र और उत्पादन के अनुमानों की सटीकता को बेहतर बनाना है, जिससे इस सेक्टर के लिए ज़्यादा सोच-समझकर नीतिगत फ़ैसले लिए जा सकें. JCIS के तहत दो मुख्य टूल विकसित किए गए हैं - BHUVAN JUMP, जो ज़मीन पर जूट की निगरानी के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन है, और PATSAN (मोबाइल ऐप-आधारित ज़मीनी अवलोकनों का उपयोग करके जूट का संभावित मूल्यांकन), जो अधिकारियों और हितधारकों के लिए लगभग रीयल-टाइम निगरानी और विश्लेषण प्रदान करने वाला एक वेब-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है.
देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम तेजी से बदलता हुआ नजर आएगा. मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है. वहीं राजस्थान, गुजरात और पश्चिम मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का असर बना रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय बना हुआ है. इसका असर दक्षिण भारत के कई राज्यों में देखने को मिलेगा. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, केरल और माहे में 14 से 17 मई के बीच तेज बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है. पूरी खबर पढ़ें...
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today