
उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन में ट्रैक्टर रैली निकालकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जिसमें प्रदेश के सभी मुख्यालयों पर किसानों ने अपने ट्रैक्टर के साथ पहुंचकर रैली निकाली और मुख्यालय पर ही धरने पर बैठ गए.

ऐसा ही एक नजारा बस्ती जिले में भी देखने को मिला जहां भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी अपने ट्रैक्टर पर तिरंगा लगाकर कलेक्ट्रेट परिसर पर पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए.

कलेक्ट्रेट पर किसानों के धरने पर बैठने के बाद अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए. अधिकारी किसानों को मनाने के लिए धरनास्थल पर पहुंच गए और किसानों को मनाने की हर मुमकिन कोशिश की. लेकिन वे नहीं माने.

वहीं भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने अधिकारियों से कहा कि अगर हमारी मांग आपको सुनना है तो जमीन पर बैठकर सुनना होगा. इस पर बस्ती के IAS अफसर और मुख्य विकास अधिकारी राजेश प्रजापति जमीन पर बैठ गए.

अफसर जैसे ही जमीन पर बैठे, वैसे ही धरने पर बैठे किसान अफसर को एक-एक करके अपनी समस्याओं को बताने लगे. अधिकारियों ने भी ध्यानपूर्वक किसानों की कठिनाइयों को सुना और निदान करने का भी आश्वासन दिया.

दिवान चंद्र पटेल (प्रदेश सचिव, भारतीय किसान यूनियन) ने कहा कि शनिवार को किसान नेता राकेश टिकैत के आह्वान पर ट्रैक्टर रैली निकाली गई है. इसे कलेक्ट्रेट परिसर पर लाया गया और प्रशासन के सामने किसानों को हो रही समस्याओं से रूबरू कराया गया.

रैली में प्रमुख मुद्दा गन्ना किसान को मील द्वारा भुगतान न करने का रहा क्योंकि काफी दिनों से किसानों का गन्ने का बकाया चीनी मिलों में फंसा हुआ है. लेकिन प्रशासन कागज में गन्ना किसानों को पैसे दे रहा है. इसको लेकर अफसरों से शिकायत की गई.

प्रियंका निरंजन (जिलाधिकारी) ने कहा कि आज कलेक्ट्रेट परिसर पर किसानों का धरना चल रहा था उसमें प्रमुख मांगें गन्ना किसानों के भुगतान से संबंधित रहीं. इसको लेकर चीनी मिल के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि जल्द से जल्द किसानों का बकाया भुगतान किया जाए.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today