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इस दिवाली क्यों मायूस हैं ये कारीगर, कैमरे पर छलका इनका दर्द, देखें Video

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लखनऊ के लकड़ मंडी में मूर्तियां बनाने का काम सदियों पुराना है यहां आज भी 500 से ज्यादा परिवार मूर्ति और दीये बनाने का काम करते हैं. यहां की मूर्तियां आगरा और कोलकाता की मूर्तियों को खूब टक्कर देती है. समय के साथ-साथ तकनीकी और महंगाई में भी कारीगरों को परेशान किया है. लखनऊ के कारीगर कोलकाता और आगरा के कारीगरों के हुनर और तकनीकी के आगे बेबस नजर आ रहे हैं. मिट्टी की महंगाई के चलते जहां मूर्तियां बनाना अब महंगा हो गया है तो वही बाहर से आने वाली मूर्तियां ज्यादा खूबसूरत और आकर्षक है. इसी वजह से ग्राहक भी इन मूर्तियों को ज्यादा खरीदना पसंद करते हैं जबकि लखनऊ के कारीगर शैलेंद्र प्रजापति ने बताया कि उनके यहां मूर्तियां मिट्टी से बनाई जाती है और कई पीढियां से उनका यह काम है लेकिन वर्तमान समय में उन्हें इसमें ज्यादा फायदा नहीं हो रहा है.