खेतों में अब तक सिंचाई के लिए फ्लड इरिगेशन तकनीक का ही प्रयोग हो रहा था . सिंचाई की यह विधि बीते 50 सालों से चल रही है लेकिन समय के साथ-साथ पानी की हो रही बर्बादी को रोकने के लिए अब सरकार भी जाग रही है . उत्तर प्रदेश में वर्ल्ड बैंक के सहयोग से माइक्रो इरीगेशन के क्षेत्र में अब काम शुरू हो चुका है. प्रदेश की राजधानी लखनऊ में माइक्रो इरिगेशन के साथ-साथ नई तकनीकी को लेकर एकदिवसीय कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन हुआ. इस कांफ्रेंस के आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव इस हीरालाल है जिन्होंने बुंदेलखंड में किसानों के लिए कई बड़े काम किए हैं.
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