गेंहू और सरसों की बुवाई का वक्त आ गया है. सबसे पहले हम बात करते हैं गेहूं की खेती की. पूसा के वैज्ञानिकों ने इसकी खेती के बारे में एक नई एडवाइजरी जारी की है. जिसमें कहा है कि किसान बुवाई से पहले खेतों में पलेवा करें. उन्नत बीजों और खाद की व्यवस्था करें. पलेवे के बाद यदि खेत में ओट आ गई हो तो उसमें गेहूं की बुवाई कर सकते हैं. वैज्ञानिकों ने गेहूं की उन्नत प्रजातियों की भी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि किसान सिंचित परिस्थिति में एचडी 3226, एचडी 2967, एचडी 3086, एचडी सीएसडब्लू 18, डीबीडब्लू 370, डीबीडब्लू 371, डीबीडब्लू 372 और डीबीडब्लू 327 की बुवाई करें. बीज की मात्रा 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रखें.
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