Agriculture Live Blogकेरल में मॉनसून के दस्तक देने के बाद देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग ने दक्षिण भारत से लेकर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. कई जगहों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में इससे ज्यादा तेज झोंकों की भी संभावना जताई गई है. पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि और पश्चिमी इलाकों में धूलभरी आंधी की आशंका बनी हुई है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
गुवाहाटी: अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि काज़ीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिज़र्व (KNTPR) में किए गए एक सर्वे के दौरान शिकारी पक्षियों (raptors) की कुल 30 प्रजातियां और छह तरह के सारस (storks) दर्ज किए गए. फरवरी-मार्च में KNTPR और असम के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के रिसर्चर्स की ओर से किए गए सर्वे में कुल 271 शिकारी पक्षी और 266 सारस पाए गए. यह स्टडी पूर्वी असम वाइल्डलाइफ डिवीज़न के तहत आने वाले सभी एडमिनिस्ट्रेटिव रेंज में की गई थी और इसकी रिपोर्ट शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जारी की गई. (पीटीआई)
बीड: पुलिस ने शनिवार को बताया कि एक महिला ने खुद को रेवेन्यू अधिकारी बताकर और बीड जिला कलेक्ट्रेट में नौकरी दिलाने का वादा करके एक व्यक्ति से 4 लाख रुपये की ठगी की. अंबाजोगाई सिटी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने आरोपी महिला की पहचान काजल देवीदास भट्ट के तौर पर की है.
अधिकारी ने बताया, "भट्ट ने 24 साल के पीड़ित ओंकार शिंदे से ज़िला कलेक्टर के ऑफिस में पर्सनल असिस्टेंट की नौकरी दिलाने का वादा किया था, उसने दावा किया था कि वह एक रेवेन्यू अधिकारी है, उसने इस काम के लिए शिंदे से 4 लाख रुपये लिए, उसने उसे वॉट्सऐप पर एक फ़र्ज़ी अपॉइंटमेंट लेटर भी भेजा था." (पीटीआई)
तिरुवनंतपुरम: विपक्ष के नेता और पूर्व सीएम पिनाराई विजयन ने शनिवार को केरल में वन्यजीवों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर UDF सरकार की आलोचना की. उन्होंने वन मंत्री के उस बयान को "गैर-जिम्मेदाराना" बताया जिसमें कहा गया था कि इस समस्या को सुलझाने में दो साल लगेंगे. फेसबुक पोस्ट में विजयन ने कहा कि जंगल के आस-पास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार की नाकामी ने जनता के बीच व्यापक चिंता पैदा कर दी है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में वन्यजीवों के हमलों से हाल ही में हुई मौतों और नुकसान का ज़िक्र करते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने इस समस्या को खत्म करने का वादा किया था, वे अब पीछे हट रहे हैं, जिससे प्रभावित समुदाय असुरक्षित हो गए हैं. (पीटीआई)
जयपुर: शनिवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सैकड़ों किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद ठीक से नहीं हो रही है और खरीद की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) एक तरह की गारंटी वाली कीमत सुरक्षा व्यवस्था है, जिसके तहत भारत सरकार किसानों से सीधे कुछ खास फसलें खरीदती है. इससे किसानों को बाजार में कीमतों में भारी गिरावट से सुरक्षा मिलती है और फसल उत्पादन को बढ़ावा मिलता है. किसानों ने मांग की है कि सरकार गेहूं खरीद का कोटा बढ़ाए और उन किसानों को प्राथमिकता दे जिन्होंने खरीद प्रक्रिया के लिए पहले ही रजिस्ट्रेशन करा लिया था. (पीटीआई)
जमशेदपुर जिला मुख्यालय में जिला प्रशासन की ओर से एक दिवसीय आम महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 30 प्रकार के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई. इस आयोजन में अल्फांसो, मालदा, लंगड़ा और आम्रपाली समेत कई लोकप्रिय किस्मों को प्रदर्शित किया गया. पूर्वी सिंहभूम जिले के किसानों ने महोत्सव में हिस्सा लेकर अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया. प्रदर्शनी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. किसानों ने बताया कि इस साल इलाके में आम की बंपर पैदावार हुई है. जानकारी के अनुसार, आम्रपाली आम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग रही है और पिछले वर्ष यहां से सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों में इसका निर्यात भी किया गया था. जिला प्रशासन ने किसानों की मेहनत की सराहना करते हुए बताया कि चयनित आमों को आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर के किसान मेलों में भेजने की तैयारी की जाएगी. (इनपुट- अनूप सिन्हा)
पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर में शनिवार को आमंत्रित व्याख्यान श्रृंखला के तहत दो विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए. कार्यक्रम में पर्ड्यू विश्वविद्यालय (अमेरिका) के पैथोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर सुरेश के. मित्तल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए.
पंजाब के होशियारपुर ज़िले के कृषि-प्रधान इलाके में 100 साल से ज़्यादा पुरानी एक सहकारी समिति सामुदायिक एकता की मिसाल बन गई है. यह किसानों को उत्पादकता बढ़ाने और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई तरह की सेवाएं देती है.
जुलाई 1920 में सिर्फ़ 11 सदस्यों के साथ शुरू हुई 'लाम्बरा कांगरी मल्टीपर्पज़ कोऑपरेटिव सर्विस सोसाइटी लिमिटेड' अब एक मल्टीपर्पज़ प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (M-PACS) बन गई है. यह किसानों को कई सुविधाएँ देती है, जैसे कि लोन, किराए पर खेती के उपकरण और बहुत कम कीमत पर बायोगैस किचन फ्यूल की सप्लाई.
इसके सेक्रेटरी-कम-प्रोजेक्ट मैनेजर जसविंदर सिंह सैनी का कहना है कि यह एक बहुआयामी संस्था बन गई है जो चार गांवों - लाम्बरा, बेरोन कांगरी, डुडियाना कलां और बग्गेवाल - के 3,700 से ज़्यादा लोगों की सेवा करती है और इसके लगभग 1,922 सक्रिय सदस्य हैं.
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि केंद्र सरकार ने 'कमांड एरिया डेवलपमेंट और वॉटर मैनेजमेंट के आधुनिकीकरण' (M-CAD) स्कीम के तहत सिंचाई की क्षमता बेहतर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की कोशिशों की तारीफ़ की है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को भी छत्तीसगढ़ मॉडल की तर्ज़ पर ऐसे ही काम करने की सलाह दी है.
सिंचाई की क्षमता बढ़ाने, पानी के इस्तेमाल की क्षमता में सुधार करने और किसानों को ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाने की छत्तीसगढ़ की कोशिशों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है. सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने दूसरे राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को M-CAD स्कीम के तहत राज्य के मॉडल की तर्ज़ पर काम करने की सलाह दी है.
एक अधिकारी ने बताया कि ओडिशा सरकार ने किसानों से धान की खरीद को आसान बनाने और मिल मालिकों (मिलर्स) की मदद करने के लिए चावल की मिलिंग का शुल्क दोगुना कर दिया है.
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी. CMO की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पारबॉइल्ड (उशना) चावल के लिए मिलिंग शुल्क 20 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि कच्चे (अरुआ) चावल के लिए शुल्क 10 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है.
गोंडा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "यह ज़िला बहुत ऊर्जावान है. यहां के युवा जोश से भरे हैं, किसान मेहनती हैं और महिलाएं प्रतिभाशाली हैं... इस ज़िले का अपना पौराणिक इतिहास हैं देश की आज़ादी की लड़ाई में इस ज़िले ने अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन आज़ादी के बाद गोंडा ज़िले में जो विकास होना चाहिए था, वह तुष्टीकरण, अराजकता, भाई-भतीजावाद और जातिवाद की भेंट चढ़ गया और इस ज़िले को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ा... पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में और बीजेपी की डबल-इंजन सरकार के 9 सालों में राज्य के विकास के लिए जो कार्यक्रम चलाए गए—आज उनके नतीजे सबके सामने हैं..."
PMK नेता अंबुमणि रामदास ने शनिवार को तमिलनाडु सरकार से डेल्टा के किसानों की मदद करने की अपील की, ताकि वे भूजल का इस्तेमाल करके कुरुवई फसल उगा सकें. ऐसा इसलिए कहा गया क्योंकि यह तय हो गया है कि परंपरा के अनुसार 12 जून को मेट्टूर बांध से पानी नहीं छोड़ा जाएगा.
अंबुमणि ने कहा कि आमतौर पर कावेरी नदी पर बने मेट्टूर बांध से 12 जून को सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है, जिससे तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम और मयिलादुथुराई जैसे कावेरी बेसिन वाले 10 से ज़्यादा ज़िलों में कुरुवई सीज़न में धान की खेती हो सके. उन्होंने बताया कि इस साल मेट्टूर बांध में पानी का स्तर बहुत कम है. उन्होंने कहा, "आज जलाशय में 93.47 TMC फीट की पूरी क्षमता के मुकाबले सिर्फ़ 41.60 TMC फीट पानी है."
रांची, झारखंड: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की मौजूदगी में, रक्षा मंत्रालय के उपक्रम MIDHANI के CSR फंड से रांची में महिलाओं को सिलाई मशीनें बांटी गईं
रायपुर, छत्तीसगढ़: कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा, "...सबसे पहले तो उन्हें पेट्रोल और डीजल के बारे में बताना चाहिए. पूरा हिंदुस्तान महंगाई की मार झेल रहा है. खाद और बीजों का क्या हुआ?...नीट परीक्षा के बारे में बताइए?... अनियमितताएं...
बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां पतेश्वरी देवी मंदिर परिसर में स्थित गौशाला में गायों को गुड़ और चारा खिलाया.
जून की शुरुआत हो गई है और दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई राज्य मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 25 से 30 जून के बीच दिल्ली और पूरे NCR क्षेत्र में दस्तक दे सकता है.
देशभर में मॉनसून की रफ्तार अब तेज होती नजर आ रही है. 5 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मॉनसून ने पूरे राज्य को कवर कर लिया है और कर्नाटक व तमिलनाडु के कुछ हिस्सों तक भी पहुंच गया है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती चरण में मॉनसून काफी सक्रिय दिखाई दे रहा है और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना है.
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