Agriculture Live Blogबंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में बने सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र के असर से अगले सात दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है. कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. वहीं, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले सात दिनों तक तथा उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक बारिश अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
उत्तर प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, अगले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी से मजबूत हुई मॉनसून हवाओं के कारण प्रदेश में बारिश का दौर तेज हुआ है. मौसम विभाग ने बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, रामपुर समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. वहीं, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ समेत अन्य जिलों में भी तेज बारिश का अनुमान है. IMD ने लोगों को बिजली गिरने और खराब मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है. बारिश के कारण अगले दो-तीन दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है. हालांकि, प्रदेश में अब तक सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है.
दिल्ली में प्रस्तावित किसान महापंचायत से एक दिन पहले हरियाणा के कुरुक्षेत्र में किसान आंदोलन को लेकर हलचल तेज हो गई. मंगलवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने 152-डी नेशनल हाईवे से डिटेन कर लिया. चढ़ूनी ने किसानों के साथ दिल्ली कूच का ऐलान किया था और बुधवार को राजघाट पर आयोजित किसान महापंचायत में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद किसानों में नाराजगी बढ़ गई है. कुरुक्षेत्र के लाडवा और इस्माइलाबाद क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर जुटने लगे हैं. किसान संगठनों का कहना है कि यदि चढ़ूनी को जल्द रिहा नहीं किया गया तो वे विरोध प्रदर्शन तेज कर सकते हैं. स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. आशंका जताई जा रही है कि किसान सड़क जाम कर अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं. फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
नेपाल से शुल्क-मुक्त रिफाइंड खाद्य तेल के आयात में पिछले दो वर्षों के दौरान रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) ने इस पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल नीतिगत समीक्षा की मांग की है. एसोसिएशन का कहना है कि इस बढ़ते आयात का असर भारत के घरेलू खाद्य तेल रिफाइनिंग उद्योग, लाखों तिलहन किसानों, सरकारी राजस्व और देश की खाद्य तेल सुरक्षा पर पड़ सकता है. IVPA के अनुसार, वर्ष 2023 में नेपाल से 47 हजार टन से अधिक खाद्य तेल आयात हुआ था, जो 2025 में बढ़कर 8 लाख टन से ज्यादा हो गया. संगठन ने SAFTA के तहत लागू रूल्स ऑफ ओरिजिन (RoO) और CAROTAR नियमों के प्रभावी पालन की मांग की है, ताकि शुल्क छूट का लाभ केवल पात्र उत्पादों को ही मिले. एसोसिएशन का मानना है कि समय पर नीति समीक्षा से घरेलू उद्योग को मजबूती मिलेगी और किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी.
दिल्ली में मंगलवार को होने वाली एक दिवसीय किसान महापंचायत को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसान बड़ी संख्या में राजधानी की ओर कूच कर रहे हैं. देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस महापंचायत का आयोजन दिल्ली के किसान घाट पर किया जाएगा, जिसमें दोनों राज्यों के कई किसान संगठन शामिल होंगे. किसानों का कहना है कि वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं. पंजाब के अमृतसर से किसान नेता सरवन सिंह पंधेर की अगुवाई में सैकड़ों किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना हो चुका है. रास्ते में आज रात किसान फतेहगढ़ साहिब में विश्राम करेंगे और मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए आगे बढ़ेंगे. किसान संगठनों का दावा है कि महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी होगी. इसे देखते हुए दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रशासन भी सतर्क है तथा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं.
भोजपुर जिले में आसमान से बरसी आफत ने तीन परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से एक वार्ड सदस्य समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 15 वर्षीय किशोरी सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं. इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है.
जानकारी के अनुसार, आयर थाना क्षेत्र के असधन गांव में बरनांव पंचायत के वार्ड संख्या-11 के वर्तमान वार्ड सदस्य भिखारी सिंह की ठनका गिरने से मौत हो गई. वहीं चरपोखरी थाना क्षेत्र के खरांटी गांव निवासी कामता सिंह और गड़हनी थाना क्षेत्र के मदुरी गांव की 18 वर्षीय नंदनी कुमारी भी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवा बैठीं.
फिरोजाबाद जिले में हुई लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर जलभराव होने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई. मेडिकल कॉलेज के सामने, रामनगर, जैन मंदिर तिराहा, कोटला रोड, जलेसर रोड और गांधी पार्क रोड समेत कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
बगहा में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुलटोला सिरिसिया गांव निवासी केदार बैठा (45 वर्ष) की भापसा नाला में मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई. घटना बेलहवा-सिरिसिया कच्ची सड़क के समीप गुलहरिया सरेह स्थित भापसा नाला की है.
जानकारी के अनुसार, केदार बैठा खेत में सोहनी का काम कर अपने साथियों के साथ घर लौट रहे थे. शाम के समय जब वे भापसा नाला पार कर रहे थे, तभी पानी में छिपे मगरमच्छ ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें गहरे पानी में खींच ले गया.
लगातार तीन दिन से हो रही मौसमी बारिश ने उत्तराखण्ड के पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी इलाकों तक आसमानी आफत बरस रही है, जहां ऊधम सिंह नगर के मुख्यालय रुद्रपुर में मैं मार्किट ने झील का रूप धारण कर लिया है. एक तरफ सड़को पर खडे वाहन डूब गए और मैं रोड ने समंदर का रूप धारण कर लिया. सड़कों पर इतना पानी भर गया कि व्यापारियों ने अपनी नाराजगी जताने के लिए उस पानी में कागज की नाव चलाई. इस अनोखे विरोध का वीडियो किसी स्थानीय व्यापारी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
झज्जर जिले के गांव मुनीमपुर में रविवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया. कुएं में गिरे एक बछड़े को बचाने के प्रयास में चार लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आने से दम घुटने के कारण मौत हो गई. मृतकों की पहचान 41 वर्षीय दलबीर, 41 वर्षीय नरेंद्र, 37 वर्षीय मोनू और एक प्रवासी मजदूर रामे के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि बछड़े को निकालने के लिए एक-एक कर चारों कुएं में उतरे, लेकिन अंदर मौजूद जहरीली गैस के कारण सभी बेहोश हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद चारों को बाहर निकालकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री ने मौके पर पहुंचकर हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद चारों को बचाया नहीं जा सका. विधायक कुलदीप वत्स भी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे. वहीं, अस्पताल में ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए बचाव कार्य में देरी का आरोप लगाया. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है.
देहरादून बारिश से बेहाल, उफनती नदी से बचाए गए सात लोग, चमोली टंगड़ी के पागलनाले में बद्रीनाथ मार्ग बंद, नंदप्रयाग में भारी बारिश के चलते बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से बोलेरो वाहन फंसा!
विधानसभा के मानसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत
- कांग्रेस ने पहले ही दिन खाद की किल्लत, मूंग खरीदी और कर्ज माफ़ी को लेकर किया प्रदर्शन
- सीएम मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और एमपी के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहन कर पहुंचे कांग्रेस विधायक
- विधानसभा में गांधी प्रतिमा के सामने किया नुक्कड़ नाटक के जरिये प्रदर्शन
- सरकार पर लगाया किसानों की अनदेखी का आरोप
हंगामे के साथ हुई मॉनसून सत्र की शुरुआत, लोकसभा में जोरदार नारेबाजी, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
संसद के मॉनसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये सत्र काफी ऐतिहासिक है. इस सत्र में सरकार कई अहम बिल लाने वाली हैं. साथ ही पीएम ने विपक्षी दलों से सकारात्मक रवैए अपनाने और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप चलाने की अपील की. पीएम ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'मॉनसून हो या और मॉनसून सत्र, अगर दोनों ही प्रो एक्टिव हो, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं. और दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है. इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मॉनसून भी pro active रहे और मॉनसून सत्र भी productive रहे.
रुद्रप्रयाग में कल रात से लगातार बारिश जारी है. बारिश के कारण आम जन जीवन के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा भी प्रभावित हो रही है. अलकनंदा व मन्दाकिनी नदियों के अलावा अन्य सहायक नदियां भी उफान पर बह रही है.
मध्य प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से शुरू---आज से मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मॉनसून सत्र शुरू होगा
सत्र के दौरान सरकार पहला अनुपूरक बजट और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी
पेपर लीक, कानून-व्यवस्था, जमीन खरीदी, खाद, किसानों और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर विपक्षी दल कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है
विधानसभा सचिवालय को कुल 3,428 प्रश्न प्राप्त हुए हैं
इनमें 2,124 प्रश्न ऑनलाइन और 1,304 प्रश्न ऑफलाइन माध्यम से लगाए गए हैं
दिल्ली के मौसम में अचानक से बदलाव देखने को मिला है. सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं, वहीं कई इलाकों में बारिश शुरू हुईं है. जिससे दिल्ली के लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिले में भारी बारिश और बादल फटने से भयंकर बाढ़ और लैंडस्लाइड ने तबाही मचाई है. अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. बचाव कार्य जोरों पर है, लेकिन लगातार बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ गई हैं.
उत्तराखंड से लेकर हिमाचल तक भारी बारिश का अलर्ट है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिले में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश को देखते हुए टिहरी और चंपावत समेत कई जिलों में आज स्कूल बंद कर दिए गए है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश को लेकर रेड वॉर्निंग जारी है. कांगड़ा ज़िला प्रशासन ने भी 20-21 जुलाई को सभी सरकारी और प्राइवेट शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है.
करनाल में तेज बारिश से हुआ जल भराव, बारिश होने से जहा लोगों को गर्मी से एक बड़ी राहत मिली है, तो वही बारिश के कारण हुए जल भराव से वाहन चालकों और पैदल चलने वालों लोगो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और उमस के कारण लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था , लेकिम थोड़ी देर की तेज बारिश से जिला प्रशासन और नगर निगम के दावों की पोल भी खुलते हुए नजर आई है. जल भराव से निपटने के दावे करने वाला प्रशासन बारिश से हुए जल भराव के बाद दावे खोखले साबित नजर आए.
संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है. अप्रैल में समाप्त हुए बजट सत्र के बाद से देश की राजनीतिक तस्वीर काफी बदल गई है. विपक्ष चुनावी हार, दल-बदल और इंडिया ब्लॉक (विपक्षी गठबंधन) टूट से कमजोर हुआ है, जबकि एनडीए का संख्याबल बढ़ा है. इस बार का संसद सत्र सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है. एक ओर लोकसभा में बदलते राजनीतिक समीकरण सरकार को कुछ बड़े विधेयकों को आगे बढ़ाने का अवसर दे सकते हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष के पास इस सत्र में सरकार को घेरने के लिए जन-सरोकार से जुड़े कई बड़े मुद्दे हैं. सरकार ने मॉनसून सत्र के लिए जिन अहम विधेयकों को सूचीबद्ध किया है. इनमें शामिल हैं...
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