Agriculture Live Blogउत्तरी भारत के लोगों को आज से शुरू होने वाले अगले तीन दिनों में भीषण गर्मी से राहत मिलने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण आसमान में बादल छाए रहेंगे. इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में 20-22 मार्च तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज, धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. बादलों और हवाओं की मौजूदगी के कारण दिन और रात, दोनों के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे गर्मी का एहसास कम होगा.
झारखंड में रांची समेत पूरे राज्य को लेकर IMD यानी मौसम विभाग ने ऑर्नेज अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना है. लगभग 60 से, 70km के रफ्तार में तेज हवाएं चल सकती है. ऐसे में एहितियत बरतने की जरूरत पड़ेगी.
राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, तेलंगाना सरकार ने 61,125 से अधिक किसानों को कृषि प्रबंधन की प्रासंगिक तकनीकों में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है. सरकार आगामी कृषि वर्ष में राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुल 61,125 एकड़ क्षेत्र में फैले 489 क्लस्टर विकसित करेगी. प्रत्येक क्लस्टर का मार्गदर्शन दो 'कृषि सखी' (कृषि मार्गदर्शक) द्वारा किया जाएगा.
चमोली जनपद में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश और बर्फबारी का दौर रुक-रुक कर जारी है. वही, भगवान विष्णु के सर्वश्रेष्ठ धाम बद्रीनाथ में लगातार बर्फबारी हो रही है. यहां 1 फीट से अधिक बर्फ की मोटी चादर बिछ चुकी है. भगवान बद्री विशाल का मंदिर बर्फ से लद गया है और हर तरफ बर्फ की मोटी चादर नजर आ रही है, आसमान से बर्फ की फुहार गिरती हुई दिखाई दे रही है. हालांकि, पहाड़ इस समय जबरदस्त कड़ाके की ठंड की आगोश में आ गया है, क्योंकि ऊंचाई वाली जगह पर बर्फबारी तो निचली जगह पर बारिश होने से एक बार फिर से पहाड़ों में जबरदस्त ठंड का प्रकोप देखने को मिल रहा है.

छिंदवाड़ा जिले के ग्राम बुचनखापा और भाजीपानी में गुरुवार शाम अचानक मौसम में बदलाव आया ओर करीब 45 मिनट तक चली तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. ओलों की मार से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई बताया जा रहा है कि संतरे के बागानों को भी नुकसान हुआ है.
बता दें की गेहूं की कटाई का समय चल रहा है और इस तरह का मौसम उनके लिए बड़ा झटका है. उन्होंने प्रशासन से जल्द नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके.
अकोला जिले के अकोट तहसील और अमरावती जिले के दरियापुर ओर अंजनगाव सुरजी तहसील में गुरुवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ हुई जोरदार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी. कई गांवों में गिरे ओलों से खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसलें बर्बाद हो गईं, जिससे किसान एक बार फिर गहरे संकट में आ गया है.
अमरेली जिले में मानो अचानक तूफान आ गया हो, तेज हवाओं के साथ भारी बारिश ने कई तालुका हेडक्वार्टर को तबाह कर दिया. अमरेली जिले के बगसरा, वडिया, बाबरा पंथकों में गरज और बिजली कड़कने के साथ बारिश हुई. बगसरा में हवा के साथ धीमी बारिश हुई, जबकि बाबरा में छोटे तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई. सावरकुंडला पंथक में तेज हवाएं चलने के बाद धारी गिर पंथक में बारिश शुरू हो गई, जबकि चलाला के ग्रामीण गांवों में मूसलाधार बारिश हुई. चलाला के बाजारों में पानी बह रहा था, जबकि बाबरा के कई गांवों में मूसलाधार बारिश हुई. बाबरा के वासवद रोड पर भागवत कथा मंडप पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि बाबरा के नीलावड़ा रोड पर मेलडी माता के नवरंग मांडवा के सामियाना को काफी नुकसान हुआ. मौसम विभाग ने अमरेली जिले को रेड जोन में रखा था। शाम को आसमान में गरज और बिजली चमकी, और बगसरा, वडिया, धारी, सावरकुंडला, अमरेली और बाबरा जिलों में तेज़ हवाओं और ओले के साथ भारी बारिश हुई, भारी बारिश और तेज़ हवा ओंसे किसानों की फसलें गेहूं और धनिया जैसी फ़सलें खराब हो जाएंगी इस डर से किसानों में चिंता फैल गई,
छत्रपति संभाजीनगर ज़िले में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है, आपको बता दे की छत्रपति संभाजी नगर जिले में आज का दूसरा दिन है जब भी मौसम बरसात से आम नागरिक परेशान.
लगातार हो रही तेज बारिश के से शहर के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई स्थानों पर सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया है.
इस बेमौसम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, तो वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता बढ़ गई है. जिले में फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है यह ऊपर से कपड़ा, खासकर उन फसलों को जो कटाई के करीब थीं. बेमौसम मूसलाधार बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान होने की संभावना और बढ़ गई है.
सुबह-सुबह दिल्ली-एनसीआर का मौसम पूरी तरह बदल गया है. तेज हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के साथ हुई झमाझम बारिश ने जहां तपिश से राहत दी है, वहीं सुबह-सुबह घर से निकलने वालों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दी हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही इस बदलाव का अनुमान जताया था.
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