Agriculture Live Blogदेशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती सिस्टम में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से नवंबर की शुरुआत में कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
मुजफ्फरनगर में अभियोजन पक्ष के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि 2010 में जमीन विवाद के दौरान एक दलित किसान की हत्या की कोशिश करने के आरोप में, यहां की एक विशेष SC/ST एक्ट अदालत ने चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इनमें एक पिता और उसका बेटा भी शामिल हैं.
विशेष न्यायाधीश विजय कुमार ने शनिवार को इन दोषियों - रामावतार, उसके बेटे प्रदीप, और दो अन्य लोगों, कुंवरपाल और जवेश्वर - को दोषी करार देते हुए, उन सभी पर 1,05,500-1,05,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया. इन्हें IPC की विभिन्न धाराओं (जिसमें हत्या की कोशिश से जुड़ी धारा 307 भी शामिल है) और SC/ST एक्ट की धारा 3 के तहत दोषी पाया गया था.
नवंबर महीने की शुरुआत देश में कई बड़े बदलावों (Rule Change 1st November) के साथ हुई है. 1 नवंबर को पहला झटका एलपीजी यूजर्स को लगा है, क्योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने महीने के पहले ही दिन एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी (LPG Cylinder Price Hike) कर दी है. इस बार भी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर यानी 14 किलो वाले सिलेंडर की कीमत यथावत रखी गई है.
'अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' (Very Severe Cyclonic Storm) से हुई तबाही से उबरने की कोशिश कर रहे आंध्र प्रदेश पर अब एक और चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक 'डिप्रेशन' (कम दबाव का क्षेत्र) बन रहा है. इसके 1 नवंबर तक एक चक्रवाती तूफान में बदलने और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंचने की संभावना है.
आंध्र प्रदेश के पांच-छह तटीय जिलों में 'अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान' द्वारा भारी तबाही मचाए जाने के एक हफ्ते से भी कम समय में, राज्य को एक बार फिर खराब मौसम के खतरे का सामना करना पड़ रहा है. प्रभावित जिलों में हजारों लोग अभी भी पिछले चक्रवात से हुए नुकसान से उबर नहीं पाए हैं, वहीं किसान अपनी खड़ी फसलों को और अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका से बेहद चिंतित हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और शनिवार सुबह एक 'डिप्रेशन' में तब्दील हो गया.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चक्रवात 'अर्नब' से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में बहाली कार्यों में तेजी लाएं और किसी अन्य संभावित चक्रवात के मद्देनजर जरूरी एहतियाती कदम उठाएं.
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना एक 'डिप्रेशन' (कम दबाव का क्षेत्र) रविवार तक चक्रवात में बदल सकता है. इसके कारण 2, 3 और 4 नवंबर को दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है.
दिल्ली के रामलीला मैदान में आज 'INDIA' गठबंधन की महारैली होने वाली है. इस रैली में विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ कार्यकर्ता, छात्र संगठन और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल होने जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत तमाम नेता रैली में शामिल होंगे.
रविवार को रैली की शुरुआत कनॉट प्लेस से होगी, यह मिंटो रोड जंक्शन से होते हुए अजमेरी गेट के रास्ते रामलीला मैदान तक पहुंचेगी. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोगों से भारी संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की है.
इस बीच, दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड में है. दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. मार्च के रास्ते और कार्यक्रम स्थल पर 4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की टुकड़ियां तैनात रहेंगी. वहीं, रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है, जिनमें से हर एक जोन की निगरानी असिस्टेंट कमिश्नर रैंक के अधिकारी करेंगे.
अतिवृष्टि और अर्नब तूफान से किसानों की फसलों को हुए नुकसान का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से संज्ञान लिया है. उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरकर फसल क्षति का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. नुकसान का आकलन कर किसानों को तुरंत उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए.
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि फसल की क्षति निर्धारित मुआवजे के दायरे से अधिक है, तो भी किसानों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए. ऐसी स्थिति में फील्ड स्तर के अधिकारी नुकसान की वास्तविक स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि प्रभावित किसानों को उचित सहायता मिल सके.
गुजरात के अमरेली जिले में बेमौसम बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई है. खेतों में तैयार मूंगफली की फसल पर बारिश का कहर बरपा है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है. खांभा गिर, बगसरा, अमरेली, कुकावाव, बाबरा और वडिया क्षेत्र में तेज हवाओं और बारिश के कारण मूंगफली की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.
उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश का दौर अब कमजोर पड़ने लगा है. चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के अवशेषों के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई. मौसम विभाग के मुताबिक, अब बारिश की गतिविधियां कम होंगी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।
आने वाले 3 से 4 दिनों में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं, रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके अलावा, सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है, लेकिन धूप निकलने के साथ ही कोहरा जल्दी छंट जाएगा। कुल मिलाकर, प्रदेश में बारिश से राहत मिलने के बाद मौसम साफ होने के आसार हैं।
पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं. किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए जुर्माने और एफआईआर जैसी कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इन सरकारी दावों से अलग दिखाई दे रही है. पटियाला जिले के हलका घनौर में घनौर से पटियाला आने वाली सड़क पर अलग-अलग स्थानों पर खेतों में पराली जलती हुई दिखाई दी. खेतों में उठता धुआं सरकार और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है.
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