Agriculture Live Blogअक्टूबर की शुरुआत के साथ देशभर में मौसम में बदलाव का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने अपना ताजा अपडेट जारी किया है. आईएमडी के मुताबिक, एक ओर कुछ राज्यों में जहां झमाझम बारिश जारी है तो दूसरी ओर कई राज्यों में मौसम शुष्क होने लगा है. आईएमडी का कहना है कि दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं का असर बना रहेगा, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति रह सकती है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
बारां: हाड़ौती संभाग में डीएपी और यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी के विरोध में शुक्रवार को बारां में बड़ा प्रदर्शन हुआ. युवा किसान नेता नरेश मीणा हजारों किसानों और समर्थकों के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्ट्रेट का घेराव कर धरना दिया. प्रदर्शनकारी झालावाड़ के प्रसिद्ध कामखेड़ा बालाजी धाम से बाइक रैली के रूप में बारां पहुंचे. सैकड़ों बाइकों के साथ निकली रैली में किसानों ने जमकर नारेबाजी की. इस दौरान कई प्रदर्शनकारी हाथों में झाड़ू लेकर व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताते नजर आए. किसानों का आरोप है कि सरकारी सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है, जबकि खुले बाजार में ऊंचे दामों पर कालाबाजारी हो रही है. इससे रबी की बुवाई के सीजन में किसान परेशान हैं. (पीटीआई)
नई दिल्ली: कॉमर्स मिनिस्ट्री ने शुक्रवार को बताया कि भारत ने बिहार के पूर्णिया से ग्रीस को एक टन मखाना और हरियाणा के सोनीपत से कनाडा को 24 टन फ्रोज़न फ़ूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट किए हैं. मंत्रालय ने कहा कि इन प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट भारतीय खाद्य पदार्थों के लिए इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है. भारत मखाना उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे है, जिसमें बिहार का योगदान देश के कुल उत्पादन का 80-85 प्रतिशत है. (पीटीआई)
दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर जारी है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों से मानसून के आगे लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इसके अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के साथ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से भी मानसून की वापसी आगे बढ़ने की संभावना है. बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी अगले 24 घंटे में मानसून की विदाई हो सकती है.
इस बीच दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश का दौर बना रहेगा. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. केरल और माहे में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
जम्मू: अधिकारियों ने बताया कि कटरा-बनिहाल ब्रॉड-गेज रेल सेक्शन (111 km लंबा) पर अधिकतम स्पीड लिमिट को बढ़ाकर 100 kmph कर दिया गया है. इसके बाद, एक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल और अंजी पर बने भारत के पहले केबल-स्टे वाले रेलवे पुल से 100 kmph की रफ़्तार से गुज़री.
नॉर्दर्न रेलवे के जम्मू डिवीज़न के तहत श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन पर स्पीड बढ़ाने का सफल परीक्षण गुरुवार को किया गया. यह महत्वाकांक्षी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट के लिए एक अहम ऑपरेशनल माइलस्टोन है. सीनियर डिवीज़नल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने कहा, "111 km लंबे श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल सेक्शन पर अधिकतम स्पीड लिमिट को 75 kmph से बढ़ाकर 100 kmph कर दिया गया है."
पटना, 2 अक्टूबर. गंडक नदी में फ्लैश फ्लड के कारण बढ़े जल दबाव और कई स्थानों पर तटबंधों के क्षतिग्रस्त होने के बाद जल संसाधन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. प्रभावित तटबंधों पर रात में विशेष पेट्रोलिंग शुरू कराई गई है और अधिकारियों-कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर रिसाव, कटाव और पाइपिंग जैसी स्थिति की तत्काल पहचान कर फ्लड फाइटिंग शुरू करने को कहा है. सारण के रेवाघाट में फ्लड फाइटिंग सामग्री और मैनपावर की उपलब्धता का भी निरीक्षण किया गया. इस दौरान सीपेज प्रोटेक्शन, नाइट पेट्रोलिंग और कट-एंड प्रोटेक्शन कार्यों की समीक्षा की गई.
राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के कंचनपुरा गांव में उस समय हड़कंप मच गया.जब एक खेत में विशालकाय करीब 14 फिट लंबा अजगर निकल आया. खेत में अजगर को देखकर किसान और ग्रामीणों में दहशत फैल गई.
बता दें कि कंचनपुरा गांव के एक किसान अपने खेत में काम कर रहे थे,तभी उनकी नजर खेत की घास में छिपे विशालकाय अजगर पर पड़ी. अजगर का आकार काफी बड़ा था,जिसे देखकर किसान ने तुरंत शोर मचाया. शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए. अजगर को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गईय हालांकि ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए वन विभाग को सूचित करने के बाद जब टीम नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने साहस का परिचय दिया और अजगर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए बड़ी सावधानी से पकड़ लिया.

गाजियाबाद में आज 2 अक्टूबर को किसान क्रांति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को गाजीपुर यूपी गेट बॉर्डर पर भाकियू से जुड़े किसानों का जमावड़ा हुआ है. गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने यूपी गेट गाजीपुर बॉर्डर पर काफी संख्या में पहुंच, दिल्ली जाने वाले अंडरपास के नीचे सामूहिक रूप से यज्ञ-हवन शुरू किया है, और 2018 की किसान क्रांति यात्रा के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को याद किया.
किसानों के जमावड़े को देखते हुए गाजियाबाद और दिल्ली पुलिस ने बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए. किसान संगठन से जुड़े लोगों ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में भीड़ जुटाने का आह्वान नहीं किया गया था. स्थानीय किसान ही कार्यक्रम में शामिल हुए और यहां इकट्ठा हुएवसभी किसान बोर्डर पर यज्ञ-हवन के बाद प्रतीकात्मक रूप से दिल्ली की ओर जाकर वापिस लौट आयेंगे.
सारण जिले के विभिन्न प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को त्वरित राहत और सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं. आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत और बचाव संसाधनों की तैनाती और उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (SP) के प्रमुख शरद पवार ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के सूखे से प्रभावित इलाकों का दौरा शुरू किया. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे फ़सल के नुकसान और पानी की भारी कमी से जुड़ी उनकी समस्याओं को राज्य सरकार के सामने उठाएंगे.
पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री ने फ़सल के नुकसान और पानी की कमी का जायज़ा लेने के लिए पुणे ज़िले की पुरंदर तहसील में ग्रामीणों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने उनकी चिंताएं रखेंगे और ठोस उपायों की मांग करेंगे.
पवार ने इस हफ़्ते की शुरुआत में फडणवीस को पत्र लिखकर बताया था कि भले ही राज्य सरकार ने महाराष्ट्र की 358 में से 265 तहसीलों में सूखा घोषित कर दिया है, लेकिन कई अन्य इलाकों में भी पानी की भारी कमी और फ़सल के नुकसान की समस्या है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को मदनपल्ले में 1 लाख करोड़ रुपये के ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब (बागवानी केंद्र) की आधारशिला रखी.
उन्होंने 'इंडियन स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर' (ISA) की आधारशिला भी रखी.
हॉर्टिकल्चर हब को तीन चरणों में लागू किया जाएगा और इसमें अनुमानित निवेश 1 लाख करोड़ रुपये होगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इसमें TDP के नेतृत्व वाली NDA सरकार 40,352 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जबकि निजी क्षेत्र से 60,000 करोड़ रुपये का निवेश जुटाने की कोशिश की जाएगी.
इस प्रोजेक्ट में अनंतपुर, अन्नमय्या, चित्तूर, कुरनूल, नंड्याल, श्री सत्य साईं, तिरुपति, कडपा, प्रकाशम और मरकापुरम जिले शामिल होंगे.
इन 10 जिलों के 303 मंडलों और 5,869 गांवों में फैले 201 क्लस्टर के ज़रिए विकास कार्य किए जाएंगे.
सरकार की योजना बागवानी खेती के मौजूदा 8.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को छह लाख हेक्टेयर और बढ़ाकर कुल 14.41 लाख हेक्टेयर करने की है.
जन प्रतिनिधियों की मांग पर, महाराष्ट्र सरकार ने पहले से सूखे से प्रभावित घोषित 265 तालुकाओं के अलावा, 19 और तालुकाओं में पांच मुख्य फसलों का 20 प्रतिशत सर्वे और 'ग्राउंड ट्रूथिंग' (मौके पर जाकर सीधे डेटा इकट्ठा करना) करने का निर्देश दिया है.
ये निर्देश मंगलवार को सूखे पर कैबिनेट की उप-समिति की बैठक में जारी किए गए और अधिकारियों से तुरंत सर्वे रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
पिछले साल आज ही के दिन भारी बारिश और बाढ़ के प्रकोप ने खेती को पूरी तरह तबाह कर दिया था, वहीं इस साल बारिश की बेरुखी से बीड जिले में सूखे के हालात पैदा हो गए हैं. इस दोहरी मार को झेल रहे बीड जिले के मांजरा क्षेत्र के किसानों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा. फसलें बर्बाद होने से आक्रोशित किसानों ने सीधे खेतों में उतरकर मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के खिलाफ 'बोम्बा मारा' (चीख-पुकार) आंदोलन छेड़ा. इस दौरान किसानों ने अपनी सूखी सोयाबीन की फसल और सरकार के विवादित जीआर (सरकारी आदेश) की होली जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी सादगी और देश के प्रति उनका समर्पण हमेशा प्रेरणा देने वाला रहा है.
PM मोदी ने कहा कि देश की भलाई के लिए शास्त्री का समर्पण उनके प्रधानमंत्री के तौर पर छोटे से कार्यकाल में भी साफ़ दिखा था, जब उन्होंने सैनिकों और किसानों को देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का 'मंत्र' दिया था.
मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, "लाल बहादुर शास्त्री जी को श्रद्धांजलि, जिनकी सादगी और देश के प्रति समर्पण हमेशा प्रेरणा देने वाला रहा है."
मध्य महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले में सूखे जैसे हालात और आने वाले महीनों में पानी की कमी की आशंका को देखते हुए, कलेक्टर राहुल कार्डिले ने गुरुवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उपलब्ध जल संसाधनों की सही योजना बनाएं और उनका समझदारी से इस्तेमाल सुनिश्चित करें.
अधिकारियों ने बताया कि कार्डिले ने ज़िला-स्तरीय सूखा निगरानी समिति की बैठक में ये निर्देश दिए.
बैठक में ज़िले में बारिश की मौजूदा स्थिति, फ़सलों की हालत, बांधों में पानी के भंडारण, पानी की कमी की आशंका और स्थिति से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई.
उन्होंने बताया कि कलेक्टर ने अधिकारियों को बांधों में पानी के भंडारण और पीने के लिए सुरक्षित रखे गए पानी की मात्रा की नियमित निगरानी करने और कमी को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया.
पानी की कमी और मोसंबी को मिल रहे कम भाव के चलते जालना जिले के तीर्थपुरी के किसान बालाप्रसाद तोष्णीवाल ने अपनी पांच से सात साल पुरानी मोसंबी की बाग जेसीबी की मदद से उखाड़ दी. तोष्णीवाल के दो एकड़ खेत में करीब 160 मोसंबी के पेड़ थे. इस बाग से हर साल करीब सात से आठ टन मोसंबी का उत्पादन होता था, जिससे परिवार को अच्छी आमदनी होती थी. लेकिन इस साल बारिश कम होने की वजह से कुएं का पानी सूखने लगा और बाग को पर्याप्त पानी देना मुश्किल हो गया.
देश के कई हिस्सों में अक्टूबर के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है. कहीं बारिश तो कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा अभी गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा, नलिया से होकर गुजर रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों, पूरे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.
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