Agriculture Live Blogबंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में बने सशक्त निम्न दबाव क्षेत्र के असर से अगले सात दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है. कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. वहीं, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले सात दिनों तक तथा उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक बारिश अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नागौर जिले के देगाना क्षेत्र स्थित तिलानेश गांव के अपने दौरे के दौरान यह बात कही. इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं, किसानों, पशुपालकों और युवाओं के साथ सीधे संवाद के माध्यम से उनकी समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया.
यूपी के कई जिलों में आसमान पर बादलों का डेरा तो है, लेकिन अब भी लोग झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे हैं. वैसे उमस और गर्मी से बेहाल लोगों के लिए राहत की खबर है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आज (18 जुलाई) से प्रदेश में मानसून फिर रफ्तार पकड़ेगा.
आईएमडी के मुताबिक शुक्रवार को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी. लखनऊ, कानपुर नगर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी, जौनपुर, वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में अच्छी बारिश के आसार हैं. इसके अलावा सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मेघगर्जन और बारिश की संभावना बनी हुई है.
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में कुछ दिनों तक हालात सामान्य रहने और मौसम साफ होने के बाद एक बार फिर प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई ताजा मूसलाधार बारिश और नालों के उफान ने स्थानीय निवासियों और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं. ताजा मामला तांदी-उदयपुर सड़क मार्ग का है, जहां स्थित रंगबे नाला अचानक भयानक रूप से उफान पर आ गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.
आंध्र प्रदेश में 1 जून से 15 जुलाई के बीच बारिश में लगभग 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई; राज्य के 24 जिलों में कम बारिश हुई और चार जिलों में भारी कमी देखी गई.
अल नीनो की मौजूदा स्थितियों की समीक्षा करते हुए, कृषि विभाग के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी बी. राजशेखर ने कहा कि राज्य में कई 'रायतू सेवा केंद्र' (Rythu Seva Kendras) मुश्किल स्थिति में हैं.
राजशेखर के हवाले से जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, "1 जून से 15 जुलाई के बीच सामान्य स्थिति की तुलना में बारिश में 48.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है... रायलसीमा जिला बहुत ही नाजुक स्थिति में है.
पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण देश के कई राज्यों में आंधी-बारिश का दौर जारी है. इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर 17 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
IMD के अनुसार, अगले सात दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बिहार, उत्तर प्रदेश, सिक्किम, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तराखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, केरल, छत्तीसगढ़ समेत 17 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today