Agriculture Live Blogभारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण छत्तीसगढ़ और आसपास के ओडिशा में बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है. वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि को-ऑपरेटिव (सहकारी समितियों) के ज़रिए महिलाओं का सशक्तिकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य लक्ष्यों में से एक है.
वे यहां कुंदरा में 'नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड' (NCCF) के तहत सहकारी समितियों की कई पहलों का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे. इन पहलों का मकसद सहकारी क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण को मजबूत और बढ़ावा देना है.
शाह ने कहा कि आज़ादी के बाद से ही किसान और सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोग सहकारिता के लिए एक अलग केंद्रीय मंत्रालय बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हुई थी.
उन्होंने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी ने सहकारिता मंत्रालय बनाया और देश में ग्रामीण विकास, कृषि विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया."
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 10-12 वर्षों में महिला शक्ति (मातृशक्ति) और उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं.
शाह ने कहा कि महिला कामगारों को दी गई विभिन्न सुविधाओं के कारण श्रम बल में महिलाओं की हिस्सेदारी 2014-15 में 23 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है.
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बंगाल की खाड़ी में बने दवाब के चलते लगातार हो रही बारिश जिले में आफत बनती जा रही है. बीते चौबीस घंटे से लगातार माध्यम गति से हो रही बारिश के चलते को अलग-अलग हादसों में पेड़ और दीवार गिरने से 11 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हुए. वहीं, बारिश से कमजोर हुई कच्ची दीवार शनिवार तड़के गिरने से चार भैंसों की दबकर मौत हो गई. किसान को तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है. लगातार बारिश को देखते हुए जिले में कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूल शनिवार को बंद रखे गए. वही अब तक जिले में 70 मिलीमीटर लगातार बारिश रिकार्ड शनिवार सुबह छह बजे तक रिकार्ड की गयी है.
फर्रुखाबाद में बीते चौबीस घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. शहर से लेकर गांव तक पानी ही पानी नजर आ रहा है. सड़कें जलमग्न हैं, बाजारों में जलभराव है और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है. मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश की संभावना जताई है. फर्रुखाबाद में बीते चौबीस घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है.
महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित किया और राहत उपायों की घोषणा की. इन उपायों में फसल लोन का पुनर्गठन, भू-राजस्व में छूट और कृषि-संबंधी लोन की वसूली को टालना शामिल है.
शुक्रवार देर रात जारी सरकारी आदेश के अनुसार, इसमें राज्य का 74 प्रतिशत हिस्सा शामिल है.
यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के राज्य के कुछ सूखाग्रस्त इलाकों के हालिया दौरे के बाद लिया गया है.
राज्य सरकार ने सूखा की स्थिति घोषित करने और राहत कार्य शुरू करने के लिए सूखा प्रबंधन नियमावली 2016 (2020 में अपडेटेड) और सूखा प्रबंधन संहिता के तहत 'ट्रिगर-1' को सक्रिय किया है.
'ट्रिगर-1' राज्य के सूखा प्रबंधन ढांचे का पहला चरण है, जो 25 प्रतिशत से अधिक वर्षा की कमी और 21 दिनों तक लगातार सूखे दौर के कारण सक्रिय होता है.
कृषि आयुक्त द्वारा सौंपी गई एक रिपोर्ट में पाया गया कि जून से वर्षा की कमी और अन्य कारकों के कारण 32 जिलों के 265 तालुकाओं में सूखे जैसी स्थिति है.
सूखाग्रस्त तालुकाओं में से अधिकांश सोलापुर, अहिल्यानगर, नासिक, लातूर, बीड, बुलढाणा, अमरावती, यवतमाल, नागपुर और चंद्रपुर में हैं.
बिहार में भारी बारिश के पूर्वानुमान को लेकर अलर्ट
नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश के मद्देनजर बिहार में विशेष सतर्कता
गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
गंडक, बागमती और कोसी नदी से जुड़े जिलों में विशेष निगरानी के निर्देश
17 संवेदनशील जिलों के DM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक में जुड़े
नदी के जलस्तर, तटबंध और निचले इलाकों पर लगातार निगरानी के निर्देश
नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों की भी होगी निगरानी
कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट, फिर भी आसपास के जिलों को सतर्क रहने के निर्देश
NDRF और SDRF को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश
नाव, लाइफ जैकेट और रेस्क्यू उपकरण पर्याप्त संख्या में तैयार रखने के निर्देश
संभावित प्रभावित इलाकों में माइकिंग से Early Warning देने के निर्देश
जरूरत पड़ने पर प्रभावित आबादी को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा
सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश
बचाव और राहत संसाधनों को स्टैंड बाय/ एक्टिव मोड में रखने के निर्देश
हालात पर सरकार की पैनी नजर, प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश
जिलाधिकारियों को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आमजन को जागरूक करने के निर्देश
आपातकालीन सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1070 पर कर सकते हैं संपर्क
केदार धाम और रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश ने यात्रा व्यवस्था की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पहाड़ों पर मौसम लगातार बिगड़ा हुआ है और केदार धाम में भी बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग की ओर से अगले 48 घंटे के लिए अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन और यात्रा व्यवस्था से जुड़े विभाग पूरी तरह सतर्क हैं.
बारिश के बावजूद केदारनाथ धाम की यात्रा जारी है. खराब मौसम के बीच श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं. हालांकि, यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है.

उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास बना डिप्रेशन अब उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है.
मौसम विभाग के मुताबिक, 26 सितंबर की शाम तक इसके उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है.
26 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह सिस्टम सीधी से करीब 70 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम और प्रयागराज से करीब 180 किमी दक्षिण में स्थित था.
अगले 12 घंटों में इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है.
इस दौरान मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है.
मौसम विभाग इस सिस्टम पर लगातार नजर बनाए हुए है. रायपुर और लखनऊ में लगे डॉपलर मौसम रडार के जरिए इसकी निगरानी की जा रही है.

बगहा: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब गंडक नदी पर दिखाई देने लगा है. बारिश के बाद गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से इस साल अब तक का सबसे अधिक पानी नदी में छोड़ा गया है. पानी बढ़ने के बाद नदी के निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है.
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. स्थानीय लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह सूखे की स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही है और अपनी आर्थिक दिक्कतों से ध्यान हटाने के लिए केंद्र को दोष दे रही है.
उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि वह पहले 'राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष' (SDRF) के तहत उपलब्ध फंड का इस्तेमाल करे; इसके बाद 'राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष' (NDRF) के तहत केंद्र से मदद मिलेगी.
जोशी ने यहां पत्रकारों से कहा, "राज्य सरकार को पहले SDRF का फंड जारी करने दें। इसके बाद केंद्र से NDRF के तहत और मदद मिलेगी.
रियाणा भर के किसान धान की सरकारी खरीद का पिछले कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद जताई जा रही है आज शाम तक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी धान की सरकारी पर फैसला ले सकते हैं. हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने करनाल पहुंचने पर इसके संकेत दिए हैं, क्योंकि लगातार किसान सरकार से 1 अक्टूबर से पहले धान की सरकारी खरीद की मांग करते हुए नजर आ रहे हैं.
अलवर जिले के रामगढ़ कस्बे के बस स्टैंड स्थित बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्राम सेवा सहकारी समिति में शुक्रवार को डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सरसों की बुआई का सीजन शुरू होने के साथ ही डीएपी खाद की मांग बढ़ गई है. खाद मिलने की उम्मीद में किसान सुबह करीब 6 बजे से ही समिति के बाहर कतार लगाकर खड़े हो गए. समिति का केंद्र करीब 10 बजे खुला, जिसके बाद खाद वितरण शुरू किया गया. भारी भीड़ के चलते पुलिस को बुलाया गया और पुलिस की तनाती में खाद्य का वितरण हुआ.
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के 26 जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है. जिलाधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 26 सितंबर को अलग-अलग जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए हैं. वहीं कुछ जिलों में 27 सितंबर को भी स्कूलों में छुट्टी रहेगी.
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