Agriculture Live Blogदेश के कई राज्यों में आज मौसम का मिजाज बदला-सा रहने है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश, उत्तर भारत के कुछ राज्यों में ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार, केरल, माहे, तमिलनाडु और पुडुचेरी में बहुत भारी बारिश की आशंका है, जबकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कुछ जगहों पर ओले गिर सकते हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 'सुपर अल नीनो' के असर को एक "बड़ी आपदा" करार देते हुए, राज्य में इसके बुरे प्रभावों को लेकर गुरुवार को अलर्ट जारी किया.
इस स्थिति की तुलना कोविड-19 संकट से करते हुए उन्होंने कहा कि यह "प्राकृतिक आपदा" न केवल इंसानों, बल्कि सभी जीवित प्राणियों को प्रभावित करेगी.
अल नीनो के असर पर मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मानसून के कमजोर रहने के कारण राज्य के जलाशयों में पानी की भारी कमी हो गई है.
इन्दौर-मालवा-निमाड़ में इस साल औसत से काफी कम बारिश ने आने वाले दिनों में जल संकट का खतरा बढ़ा दिया है. हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अक्टूबर महीने में ही इंदौर में पानी की किल्लत को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है. कई क्षेत्रों में बोरिंग का पानी कम होने और बोरिंग बंद होने की शिकायतों के बीच नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों, महापौर और विधायकों के साथ बैठक कर जल संकट से निपटने की रणनीति तैयार की. सरकार की चिंता साफ है कि यदि अभी से इंतजाम नहीं किए गए तो गर्मियों में लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ सकता है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को राज्य के गन्ना किसानों से कीमतों के मुद्दे पर धैर्य रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह मामला पूरे देश के किसानों से जुड़ा है और महाराष्ट्र के नेताओं के साथ इस पर बातचीत चल रही है.
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रही है और उनके मंत्रियों ने इस मुद्दे पर एक बैठक भी बुलाई है.
उत्तर भारत में मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली है कि ठंड का एहसास बढ़ने लगा है. 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे ला दिया. दोपहर की धूप का तीखापन कम हो गया है और हवा में ऐसी ठंडक घुल गई है कि अब दिन में भी पंखे की जरूरत महसूस नहीं हो रही. सुबह और रात के वक्त घर से बाहर निकलने पर हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है.
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