मूल रूप से असम में उगाया जाने वाला बोका चावल बिना गैस पर पकाए ही बनकर तैयार हो जाता है. इसे मैजिक चावल भी कहा जाता है. मूल रूप से इसे आसाम में उगाया जाता है मगर इन दिनों यूपी के रायबरेली में ऊंचाहार के किसान रामगोपाल भी इसकी खेती कर रहे हैं. वह उत्तर प्रदेश के पहले किसान हैं जो ये चावल उगा रहे हैं. इसे पानी में डालने के बाद 50 मिनट में ये चावल पक कर तैयार हो जाता है. खाने में भी यह काफी स्वादिष्ट है. वहीं पानी में पकने के कारण इसकी गुणवत्ता भी खराब नहीं होती है और ये सेहत के लिए भी काफी फायदों से भरा है. असम और बिहार के कई हिस्सों में दही ,दूध और गुड़ के साथ इस चावल को खूब खाया जाता है. इस चावल का अपना एक इतिहास भी है. इसे असम में 400 सालों से पैदा किया जा रहा है. पूरी जानकारी के लिए देखिए ये वीडियो-
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