कहते हैं कि आज से 15 करोड़ वर्ष पहले पृथ्वी की सारी औषधियों को क्षीरसागर में डाला गया था.. मदरांचल पर्वत को मथनी बनाया गया था.. नागराज वासुकि को नेती बनाया गया था.. और फिर देवताओँ और दानवों ने मिलकर पूरे समुद्र को मथ डाला था..कहते हैं कि इस समुद्र मंथन में एक के बाद एक.. चौदह रत्न निकले थे.. सबसे पहले कालकूट विष निकला था.. सबसे अंत में अमृत निकला था.. लेकिन इसी समुद्र मंथन में दूसरे नंबर पर निकली थी कामधेनु गाय.. आज हम उसी कामधेनु अंश कही जाने वाली एक गाय के संसार में ले चलेंगे..
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