भारतीय व्यंजनों की लोकप्रियता दुनियाभर के अधिकांश देशों में है. इन व्यंजनों में बिहार का लिट्टी चोखा अपने स्वाद के लिए काफी चर्चा में रहता है. मगध काल से बिहारी व्यंजनों में शुमार लिट्टी-चोखा एक ऐसा व्यंजन है, जो परंपरा, स्वाद और सांस्कृतिक विरासत की कहानी को दर्शाता है. वहीं अब इस व्यंजन को अंतराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के अंतर्गत आने वाला भोजपुर कृषि विज्ञान केंद्र ने भौगोलिक संकेत (GI) टैग को लेकर पहल शुरू कर दी है.वही बिहार के सबसे पुराने लिट्टी चोखा की दुकान चौरसिया जी की पुरानी लिट्टी चोखा कि दुकान 70 सालों से लोगों को इसका स्वाद दिला रही है. कहते है लिट्टी चोखा की सबसे बड़ी ख़ासियत यह ये है कि इसके साथ राजनीति और भाई चारा इसके स्वाद के तय किया जाता है
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