सब्जी और फलों की खेती में उपज को Cleaning and Grading करके ही बाजार में बिक्री के लिए भेजा जा सकता है. इसके लिए बड़े किसान ग्रेडिंग और क्लीनिंग मशीनें लगाते हैं, वहीं छोटे किसान मंहगी मशीनें खरीदने के बजाय पुरखों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पारंपरिक तरीके से बनाई गई देसी मशीनें इस्तेमाल करते हैं. यूपी में कानपुर जिले के पतारा गांव में सब्जी उत्पादक किसान हंसलाल ने बताया कि लकड़ी से बनी यह टू इन वन मशीन है. पुरखों के जमाने से इस्तेमाल होती आ रही यह मशीन हाथ से चलती है. इससे गाजर, चुकंदर, मूली और मिर्च सहित अन्य सब्जियों की सफाई होने के साथ ग्रेडिंग भी होती है. उन्होंने बताया कि अब इन मशीनों का प्रचलन बहुत सीमित हो गया है, इसलिए इन्हें बनाने वाले भी बहुत कम रह गए हैं.
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