इस तकनीक में किसान अपने मुख्य फसल के साथ-साथ मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम, सब्जी-फल, मशरूम की खेती को एक साथ एक ही जमीन पर करते हैं. इसमें एक घटक दूसरे घटक के उपयोग में लाया जाता है. जिससे किसान अपने एक फसल पर निर्भरता कम कर अथवा उसके घाटे की संभावनाओं को भी कम कर सकते हैं. लगातार बढ़ती जनसंख्या और कम होती प्राकृतिक संसाधनों के कारण किसानों को भी अपने तरीके और तकनीक दोनों में बदलाव करने की आवश्यकता है. इस समेकित कृषि को (आईएफएस) मॉडल के नाम से भी जाना जाता है. इसे अंग्रेजी में इंटेग्रेटेड फार्मिंग (integrated farming) के नाम से जाना जाता है.
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