पराली प्रबंधन सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है. दावा किया जा रहा है कि बेलर मशीन पराली की समस्या से निजात दिला सकती है. इस बीच किसान तक की टीम ने पटना के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मृणाल वर्मा से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि बेलर मशीन से खेत में पड़े फसल अवशेष आसानी से इकट्ठे हो जाते हैं. बेल मशीन आसानी से पुआल का गट्ठर बना लेती है. पुआल के इन गट्ठरों से थर्मल स्टेशनों पर बिजली उत्पादन किया जाता है. इन गट्ठरों को बेचकर किसान कमाई कर सकते हैं. सरकार इसपर सब्सिडी दे रही है. बेलर मशीन की कीमत 12 से 15 लाख रुपये है
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