इस साल ठंड और शरद ऋतु में बारिश नहीं होने से पछेती गेहूं (Pacheti Gehu) की फसल पर असर देखने को मिल रहा है. वहीं किसानों का कहना है कि अगर मौसम का हाल यहीं रहा तो स्थिति और बदतर हो जाएगी. हर साल गेहूं की फसल को तीन बार पानी दिया जाता है. लेकिन इस साल बढ़ते तापमान को देखकर लग रहा है कि चार से पांच बार पानी दिया जाएगा. 15 दिसंबर से पहले हुए गेहूं की खेती थोड़ी बेहतर है लेकिन जैसी होनी चाहिए वैसी नहीं है. इस वीडियो में जानिए किसानों का क्या कहना है बढ़ते तापमान को लेकर और साथ ही उनकी फसल पर तापमान का कितना असर देखने को मिल रहा है.
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