भारत में इस साल मानसून की चाल बेहद सुस्त है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं. पूरे देश में अब तक सामान्य से 40% कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि मध्य भारत में यह कमी 63% तक है. प्रशांत महासागर में अल नीनो का प्रभाव शुरू होने से नमी का प्रवाह कमजोर हुआ है. 8 से 12 जून के बाद से मानसून कई राज्यों में अटका हुआ है. हालांकि, मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन (MJO) के मजबूत होने से आने वाले दिनों में स्थिति सुधरने की उम्मीद है. 21 से 23 जून के बीच मानसून के फिर से आगे बढ़ने की संभावना है. जून के आखिरी सप्ताह और जुलाई की शुरुआत में कई राज्यों में अच्छी बारिश हो सकती है.