
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने वाला है. 27 मार्च से कई हिस्सों में बारिश, बर्फबारी, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां तेज होंगी.
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि बिहार, झारखंड और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है.
27 मार्च को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में मौसम करवट लेगा और कई जगह हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी. पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा रहेगा.
वहीं असम और मेघालय में तेज बारिश और आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि दक्षिण भारत के तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है.
दिल्ली-एनसीआर में 27 मार्च को दिनभर बादल छाए रहेंगे और अलग-अलग समय पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है. इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.
इस दौरान तापमान में गिरावट दर्ज होगी और अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम 19 से 21 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. 29 मार्च को फिर से बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, 28 से 31 मार्च के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक बारिश और बर्फबारी की संभावना है. इसका असर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक देखने को मिलेगा.
पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा और कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है. महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य भारत में छिटपुट बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि ओलावृष्टि और तेज हवाओं को देखते हुए पकी फसलों की कटाई जल्द पूरी कर सुरक्षित स्थान पर रखें. खेत में रखी उपज को तिरपाल से ढकें और बागवानी फसलों को सहारा दें.
साथ ही भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें, ताकि फसल को नुकसान न हो. पशुपालकों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और चारा-भूसा भी सूखी जगह पर स्टोर करें. साथ ही आंधी और बिजली के समय खुले स्थानों से दूर रहें.