बिहार के कृषि मंत्री ने बताया कि 34 जिलों में कुल घोड़परास की संख्या 2,95,866 और 30 जिलों में जंगली सूअर की संख्या 67,255 है. घोड़परास और सूअर झुंड में आकर फसलों को बर्बाद करते हैं. साथ ही, फसलों को चबाकर और कुचलकर बर्बाद कर देते हैं. झाड़ी और फसलों जैसे अरहर, गन्ना के खेतों में छिप जाते हैं और उन फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. घोड़परास से बीज उत्पादन में भी काफी क्षति हो रही है.