होली के अवसर पर Bhagalpur में खास पहल देखने को मिल रही है. यहां स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं ऑर्गेनिक गुलाल और रंग तैयार कर रही हैं. इन प्राकृतिक रंगों को बनाने में गाजर, गुलाब, लैवेंडर, चंदन और केवड़ा जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है. खास बात यह है कि ये रंग पूरी तरह हर्बल हैं और इन्हें होली खेलने के साथ-साथ खाने में भी मिलाया जा सकता है. निर्माताओं का दावा है कि इन ऑर्गेनिक रंगों से त्वचा संबंधी समस्याएं नहीं होतीं और हर उम्र के लोग सुरक्षित तरीके से होली मना सकते हैं. यह पहल महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का भी संदेश दे रही है.