उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का सिजहरी गांव, प्रधान नरेश राजपूत के नेतृत्व में विकास के एक मॉडल के रूप में उभरा है. प्रधान ने लगभग 42 बीघा अतिक्रमित सरकारी भूमि को मुक्त कराकर वहां खेल का मैदान, आरआरसी सेंटर और बारात घर जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण कराया है. गांव में एक हाईटेक स्वामी ब्रह्मानंद पुस्तकालय स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे खुला रहता है और यहां से पढ़कर कई युवाओं का पुलिस बल में चयन हुआ है. इसके अतिरिक्त, महिलाओं के लिए सेनेटरी मार्ट युक्त आधुनिक सामुदायिक शौचालय और प्रदेश का पहला पक्की छत वाला अंत्येष्टि स्थल भी बनाया गया है. यह अंत्येष्टि स्थल टीन शेड के बजाय पक्की छत और स्टील से निर्मित है. गांव ने खाद बिक्री और कचरा प्रबंधन जैसे स्रोतों से अपनी आय भी विकसित की है, जिससे इसे एक आत्मनिर्भर स्मार्ट विलेज की पहचान मिली है.