Honey Candles: दिवाली (Diwali celebration) से पहले राजधानी लखनऊ में बाजार की रौनक बढ़ गई है. इसी कड़ी में बाराबंकी की शुभ्रा सिंह ने मधुमक्खियों के शहद से कई अलग-अलग प्रकार की कलर मोमबत्ती बनाई है. बाराबंकी जिले के चैनपुरवा गांव में मधुमक्खी पालन करने वाली शुभ्रा ने बताया कि मधुमक्खी का जो नेचुरल वैक्स होता है, उसी से कलर डालकर कैंडल बनाई है, इसकी खासियत है कि यह कैंडल 3-4 घंटे तक जलती है. वहीं पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है. शुभ्रा ने आगे बताया कि पूरी तरह से कैंडल जलने के बाद इसके नीचे बने पदार्थ में नारियल के तेल को मिलकर सर्दी के मौसम में मॉइस्चराइजर क्रीम भी बना सकते है. इसको फेस और घुटने में लगाने से बहुत राहत मिलती है.