एक तरफ बारिश की बेरुखी से किसान पहले ही परेशान है, तो दूसरी तरफ बाजार में फसलों के गिरते दामों ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.बीड़ जिले के एक किसान को टमाटर का उचित भाव नहीं मिला, जिसके चलते उसे अपनी खड़ी फसल तक उखाड़कर फेंकनी पड़ रही है. आखिर किसान को कितना नुकसान हुआ और उसने सरकार से क्या मांग की, सुनिए किसान ने खुद क्या बताया..